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झगड़ने पर समझाया तो लगा दी छत से छलांग
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वाराणसी। विनायका अपार्टमेंट में रहने वाले लोग नैदानिक मनोविज्ञान पढ़ाने वाली डॉ. शैलजा की आत्महत्या से अवाक हैं। अपार्टमेंट के लोगों के अनुसार, फ्लैट नंबर 306 में डीएवी कॉलेज के दर्शनशास्त्र विभाग के एसोसिएट प्रोफेसर डॉ. सतीश कुमार सिंह रहते हैं। डॉ. शैलजा का बीते छह महीने से डॉ. सतीश के फ्लैट पर आना-जाना था।
शनिवार रात डॉ. सतीश के फ्लैट में झगड़ा और हाथापाई होने के साथ ही जोर-जोर से आवाज बाहर आ रही थी। डॉ. सतीश के फ्लैट का दरवाजा खटखटाकर माहौल सामान्य कराने की कोशिश की गई तो डॉ. शैलजा उन लोगों से उलझ गईं। दोनों लोगों ने शराब पी रखी थी। मामला शांत न होते देख लोगों ने सौ नंबर पर कॉल की। रात करीब 12:30 बजे पुलिस आई। पुलिसकर्मियों ने गार्ड से डॉ. सतीश को नीचे बुलवाया। डॉ. सतीश ने कहा कि कुछ दिक्कत आ गई है और उसका समाधान कर लिया जाएगा। इसी बीच रात करीब एक बजे डॉ. शैलजा अपार्टमेंट की छत से नीचे कूद पड़ीं। पुलिस ने उनकी मौत सूचना तो उनके पति पहुंचे। घटना के संबंध में डॉ. शैलजा के पति के साथ ही डॉ. सतीश ने भी कुछ भी कहने से इंकार कर दिया।
मनोवैज्ञानिक आत्महत्या करेंगी, ऐसा सोचा नहीं था
लोगों का कहना है कि मनोवैज्ञानिक तो दूसरों की मानसिक समस्याओं का समाधान कराते हैं। डॉ. शैलजा ऐसा आत्मघाती कदम उठाएंगी, इसके बारे में किसी ने नहीं सोचा था। बताया कि डॉॅ. शैलजा को डॉ. सतीश अपने साथ लेकर अपार्टमेंट में आए थे। गार्ड ने इंट्री करने को कहा तो उन्होंने कहा कि मेरे साथ आई हैं। दोनों के झगड़े के दौरान डॉ. सतीश के साथ पांच-छह बाहरी युवकों द्वारा हाथापाई की बात भी अपार्टमेंट में रहने वालों ने बताई। हालांकि इसकी सूचना पुलिस को नहीं दी गई थी।
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शनिवार रात डॉ. सतीश के फ्लैट में झगड़ा और हाथापाई होने के साथ ही जोर-जोर से आवाज बाहर आ रही थी। डॉ. सतीश के फ्लैट का दरवाजा खटखटाकर माहौल सामान्य कराने की कोशिश की गई तो डॉ. शैलजा उन लोगों से उलझ गईं। दोनों लोगों ने शराब पी रखी थी। मामला शांत न होते देख लोगों ने सौ नंबर पर कॉल की। रात करीब 12:30 बजे पुलिस आई। पुलिसकर्मियों ने गार्ड से डॉ. सतीश को नीचे बुलवाया। डॉ. सतीश ने कहा कि कुछ दिक्कत आ गई है और उसका समाधान कर लिया जाएगा। इसी बीच रात करीब एक बजे डॉ. शैलजा अपार्टमेंट की छत से नीचे कूद पड़ीं। पुलिस ने उनकी मौत सूचना तो उनके पति पहुंचे। घटना के संबंध में डॉ. शैलजा के पति के साथ ही डॉ. सतीश ने भी कुछ भी कहने से इंकार कर दिया।
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मनोवैज्ञानिक आत्महत्या करेंगी, ऐसा सोचा नहीं था
लोगों का कहना है कि मनोवैज्ञानिक तो दूसरों की मानसिक समस्याओं का समाधान कराते हैं। डॉ. शैलजा ऐसा आत्मघाती कदम उठाएंगी, इसके बारे में किसी ने नहीं सोचा था। बताया कि डॉॅ. शैलजा को डॉ. सतीश अपने साथ लेकर अपार्टमेंट में आए थे। गार्ड ने इंट्री करने को कहा तो उन्होंने कहा कि मेरे साथ आई हैं। दोनों के झगड़े के दौरान डॉ. सतीश के साथ पांच-छह बाहरी युवकों द्वारा हाथापाई की बात भी अपार्टमेंट में रहने वालों ने बताई। हालांकि इसकी सूचना पुलिस को नहीं दी गई थी।
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