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फार्मासिस्टों ने कार्य बहिष्कार कर दिया धरना
Updated Fri, 07 Dec 2018 01:48 AM IST
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वाराणसी। वेतन विसंगति, पद सृजन आदि मांगों पर काला फीता बांधकर विरोध जताने के बाद भी कार्यवाही न होने के विरोध में फार्मासिस्टों ने गुरुवार को दो घंटे का कार्य बहिष्कार किया और धरना दिया। सुबह 8 बजे से 10 बजे तक चले कार्य बहिष्कार की वजह से अस्पतालों, स्वास्थ्य केंद्रों पर दवा वितरण, इलाज आदि का काम प्रभावित रहा। शुक्रवार को भी कार्य बहिष्कार जारी रहेगा।
डिप्लोमा फार्मासिस्ट एसोसिएशन की ओर से 14 सूत्रीय मांगों को लेकर फार्मासिस्टों का विरोध तीन दिसंबर से चल रहा है। जिला महिला अस्पताल, मंडलीय अस्पताल कबीरचौरा, दीनदयाल अस्पताल, रामनगर अस्पताल सहित कई स्वास्थ्य केंद्रों पर कार्य बहिष्कार की वजह से नाक, कान, गला रोग विभाग, आर्थोपेडिक्स, एआरबी वैक्सीन काउंटर के साथ ही दवा काउंटरों पर वितरण बंद रहा। मंडलीय अस्पताल में धरने के दौरान जिलाध्यक्ष जेके सिंह, मंत्री अभिजय श्रीवास्तव ने बताया कि न तो अब तक वेतन विसंगति दूर हुई और न ही पद सृजन, रिक्त पदों पर नियुक्तियां, पुरानी पेंशन व्यवस्था बहाल करने सहित अन्य मांगों पर कार्रवाई हुई। चेतावनी दी कि शासन ने यदि मांगें नहीं मानी तो 10 दिसंबर से अनिश्चितकालीन हड़ताल को बाध्य होंगे, जिसकी जिम्मेदारी शासन की होगी। इस दौरान एएन प्रसाद, प्रेमचंद, रामकरण चौधरी, आरबी सिंह, जितेंद्र पटेल, आरके श्रीवास्तव आदि मौजूद रहे।
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डिप्लोमा फार्मासिस्ट एसोसिएशन की ओर से 14 सूत्रीय मांगों को लेकर फार्मासिस्टों का विरोध तीन दिसंबर से चल रहा है। जिला महिला अस्पताल, मंडलीय अस्पताल कबीरचौरा, दीनदयाल अस्पताल, रामनगर अस्पताल सहित कई स्वास्थ्य केंद्रों पर कार्य बहिष्कार की वजह से नाक, कान, गला रोग विभाग, आर्थोपेडिक्स, एआरबी वैक्सीन काउंटर के साथ ही दवा काउंटरों पर वितरण बंद रहा। मंडलीय अस्पताल में धरने के दौरान जिलाध्यक्ष जेके सिंह, मंत्री अभिजय श्रीवास्तव ने बताया कि न तो अब तक वेतन विसंगति दूर हुई और न ही पद सृजन, रिक्त पदों पर नियुक्तियां, पुरानी पेंशन व्यवस्था बहाल करने सहित अन्य मांगों पर कार्रवाई हुई। चेतावनी दी कि शासन ने यदि मांगें नहीं मानी तो 10 दिसंबर से अनिश्चितकालीन हड़ताल को बाध्य होंगे, जिसकी जिम्मेदारी शासन की होगी। इस दौरान एएन प्रसाद, प्रेमचंद, रामकरण चौधरी, आरबी सिंह, जितेंद्र पटेल, आरके श्रीवास्तव आदि मौजूद रहे।
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