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म्यांमार भेजी गई रेल इंजनों की पहली खेप
Updated Sun, 18 Jun 2017 01:11 AM IST
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वाराणसी। डीजल रेल इंजल कारखाना (डीरेका) निर्मित रेल इंजनों की मांग देश ही नहीं, विदेशों में भी बढ़ी है। पड़ोसी देश म्यांमार ने 1350 अश्वशक्ति वाले 18 अत्याधुनिक रेल इंजन की खरीद करेगा, वहीं श्रीलंका से भी ब्रॉड गेज के दस अत्याधुनिक रेल इंजनों का क्रय आदेश डीरेका को प्राप्त हो गया है। डीरेका ने म्यांमार से मिले क्रय आदेश के क्रम में छह रेल इंजनों की पहली खेप शनिवार को रवाना कर दी। ये रेल इंजन ट्रेलर पर लादकर सड़क मार्ग से कोलकाता बंदरगाह पहुंचाए जाएंगे। वहां से जलमार्ग से म्यांमार ले जाया जाएगा।
नए वित्तीय वर्ष में रेल इंजनों के निर्यात की ओर डीरेका ने मजबूती से कदम बढ़ाए हैं। म्यांमार से मिले क्रय आदेश के क्रम में बाकी 12 अत्याधुनिक इंजनों का निर्यात भी नवंबर 2017 तक किया जाना है। ये रेल इंजन अत्याधुनिक तकनीक के माइक्रो प्रोसेसर कंट्रोल सिस्टम, टीएफटी मॉनिटर (डिस्प्ले यूनिट) रूफ माउंटेड डीबीआर सहित अन्य प्रणालियों से लैस हैं। श्रीलंका रेलवे से 3000 अश्व शक्ति के जिन 10 ब्रॉड गेज अत्याधुनिक रेल इंजनों का क्रय आदेश प्राप्त हुआ है, उनका निर्माण उच्च अश्व शक्ति रेल इंजन के प्लेटफार्म एचएचपी लोको प्लेटफार्म) पर किया जाएगा। इन रेल इंजनों को वर्ष 2018-19 में निर्यात करने की योजना है।
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नए वित्तीय वर्ष में रेल इंजनों के निर्यात की ओर डीरेका ने मजबूती से कदम बढ़ाए हैं। म्यांमार से मिले क्रय आदेश के क्रम में बाकी 12 अत्याधुनिक इंजनों का निर्यात भी नवंबर 2017 तक किया जाना है। ये रेल इंजन अत्याधुनिक तकनीक के माइक्रो प्रोसेसर कंट्रोल सिस्टम, टीएफटी मॉनिटर (डिस्प्ले यूनिट) रूफ माउंटेड डीबीआर सहित अन्य प्रणालियों से लैस हैं। श्रीलंका रेलवे से 3000 अश्व शक्ति के जिन 10 ब्रॉड गेज अत्याधुनिक रेल इंजनों का क्रय आदेश प्राप्त हुआ है, उनका निर्माण उच्च अश्व शक्ति रेल इंजन के प्लेटफार्म एचएचपी लोको प्लेटफार्म) पर किया जाएगा। इन रेल इंजनों को वर्ष 2018-19 में निर्यात करने की योजना है।
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