{"_id":"5ccca0cbbdec220732261e5e","slug":"171556914379-varanasi-news","type":"story","status":"publish","title_hn":"असि नदी में उतरे संत-महात्मा, दो घंटे की सफाई","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
असि नदी में उतरे संत-महात्मा, दो घंटे की सफाई
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
वाराणसी। विलुप्त होती असि नदी के अस्तित्व को बचाने के लिए शुक्रवार को संत, महात्माओं ने अपने शिष्यों के साथ नदी की सफाई की। सुबह छह बजे ही नदी उतरे संत-महात्माओं, बटुकों और गुरुओं ने करीब दो घंटे तक सफाई अभियान चलाया।
असि नदी किनारे स्थित रामेश्वर मठ के स्वामी नारायणानंद तीर्थ, वेद विद्यालय के सचिव लखन स्वरूप ब्रह्मचारी व प्रबंधक वरुणेश चंद्र दीक्षित के नेतृत्व में विद्यालय के दर्जनों बटुकों और प्राचार्यों ने नदी की सफाई की। करीब दो घंटों तक चले सफाई अभियान में नदी से कूड़ा-करकट निकाला गया। इस दौरान लखन स्वरूप ब्रह्मचारी ने कहा कि असि नदी काशी की पहचान है। हम लोग इसे बचाने के अभियान में लग गए हैं। रामेश्वर मठ के प्रबंधक वरुणेश चंद दीक्षित ने कहा कि असि को पुनर्जीवित करने के लिए हर संभव प्रयास किया जाएगा। वहीं श्रमदान में उपस्थित जागृति फाउंडेशन के महासचिव रामयश मिश्र ने कहा कि प्रधानमंत्री जब काशी आए थे तो उनको मीडिया के माध्यम से एक मार्मिक पत्र असि नदी को बचाने के लिए दिया गया था, लेकिन शायद वह उन्हें मिला नहीं, लेकिन उस मार्मिक पत्र को पढ़कर काशी के साधु-संत असि नदी को बचाने के लिए निकल पड़े हैं। इस दौरान वेद विद्यालय के प्राचार्य डॉ. जयंत पति त्रिपाठी, अध्यापक डॉ. अखिलेश पराशर, अशोक कुमार पांडेय, योगेश कुमार तिवारी, छात्र हिमांशु शुक्ला, बादल पांडे, शुभ शर्मा, हर्षित कुमार, प्रमोद पांडे, पुष्कर मिश्रा सहित कई लोग उपस्थित रहे।
विज्ञापन
असि नदी किनारे स्थित रामेश्वर मठ के स्वामी नारायणानंद तीर्थ, वेद विद्यालय के सचिव लखन स्वरूप ब्रह्मचारी व प्रबंधक वरुणेश चंद्र दीक्षित के नेतृत्व में विद्यालय के दर्जनों बटुकों और प्राचार्यों ने नदी की सफाई की। करीब दो घंटों तक चले सफाई अभियान में नदी से कूड़ा-करकट निकाला गया। इस दौरान लखन स्वरूप ब्रह्मचारी ने कहा कि असि नदी काशी की पहचान है। हम लोग इसे बचाने के अभियान में लग गए हैं। रामेश्वर मठ के प्रबंधक वरुणेश चंद दीक्षित ने कहा कि असि को पुनर्जीवित करने के लिए हर संभव प्रयास किया जाएगा। वहीं श्रमदान में उपस्थित जागृति फाउंडेशन के महासचिव रामयश मिश्र ने कहा कि प्रधानमंत्री जब काशी आए थे तो उनको मीडिया के माध्यम से एक मार्मिक पत्र असि नदी को बचाने के लिए दिया गया था, लेकिन शायद वह उन्हें मिला नहीं, लेकिन उस मार्मिक पत्र को पढ़कर काशी के साधु-संत असि नदी को बचाने के लिए निकल पड़े हैं। इस दौरान वेद विद्यालय के प्राचार्य डॉ. जयंत पति त्रिपाठी, अध्यापक डॉ. अखिलेश पराशर, अशोक कुमार पांडेय, योगेश कुमार तिवारी, छात्र हिमांशु शुक्ला, बादल पांडे, शुभ शर्मा, हर्षित कुमार, प्रमोद पांडे, पुष्कर मिश्रा सहित कई लोग उपस्थित रहे।
विज्ञापन