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सेवापुरी और आराजीलाइन ब्लाकों में 16 चारागाह बनेंगे0
Updated Tue, 06 Mar 2018 02:36 AM IST
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सेवापुरी। विकास खंड क्षेत्र के सेवापुरी और आराजीलाइन में 16 जगहों पर चारागाह बनाए जाएंगे। भूमाफिया के कब्जे से खाली कराई जमीन पर इसका निर्माण होगा। सोमवार को 2.969 हेक्टेयर भूमि पशुपालन विभाग को मुहैया करा दी गई। चारागाह का निर्माण मनरेगा के तहत होगा। चारागाह बनने से छुट्टा पशुओं के नुकसान से किसानों को राहत मिलेगी।
सेवापुरी व आराजीलाइन ब्लाक में ज्यादातर लोग खेती पर निर्भर हैं। यहां सर्वाधिक खेती सब्जियों की होती है। किसान अपने खेती में अच्छी उपज के लिए बाजारों से महंगे दामों पर बीज, उर्वरक, कीटनाशक दवा खरीदकर खेती करते हैं। इधर, कुछ महीनों से छुट्टा पशु किसानों के मुसीबत बन गए थे। छुट्टा पशुओं की संख्या बढ़ने से खेती को नुकसान पहुंचा रहे थे। किसानों को राहत पहुंचाने के उद्देश्य से प्रशासन ने गांवों में चारागाहों का निर्माण करवाकर छुट्टा पशुओं को सुरक्षित रखने की योजना बनाई है। चारागाह के निर्माण मनरेगा के धन से किया जाएगा। कटीले तारों की बाड़ लगाई जाएगी। चारागाह के भीतर ही पशुओं के लिए हरे चारे उगाए जाएंगे। हालांकि छुट्टा पशुओं के देखभाल करने के लिए कर्मचारियों की तैनाती के बारे में अभी तय नहीं हो सका है।
कोट
जिले के तीनों तहसीलों से चारागाह के लिए भूमि मुहैया कराने का आग्रह राजस्व विभाग के अधिकारियों से किया गया है। भूमि उपलब्ध हो जाने के बाद रिपोर्ट जिलाधिकारी को भेजी जाएगी। चारागाह का निर्माण मनरेगा के धन से कराया जाएगा। -बी बी सिंह-सीवीओ।
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सेवापुरी व आराजीलाइन ब्लाक में भूमाफिया के कब्जे से 2.969 हेक्टेयर भूमि मुक्त कराकर चारागाह बनवाने के लिए पशुपालन विभाग को सौंपा गया है। दोनों ब्लाकों में 16 चारागाहों का निर्माण होगा। -ईशा दुहन, एसडीएम राजातालाब
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सेवापुरी व आराजीलाइन ब्लाक में ज्यादातर लोग खेती पर निर्भर हैं। यहां सर्वाधिक खेती सब्जियों की होती है। किसान अपने खेती में अच्छी उपज के लिए बाजारों से महंगे दामों पर बीज, उर्वरक, कीटनाशक दवा खरीदकर खेती करते हैं। इधर, कुछ महीनों से छुट्टा पशु किसानों के मुसीबत बन गए थे। छुट्टा पशुओं की संख्या बढ़ने से खेती को नुकसान पहुंचा रहे थे। किसानों को राहत पहुंचाने के उद्देश्य से प्रशासन ने गांवों में चारागाहों का निर्माण करवाकर छुट्टा पशुओं को सुरक्षित रखने की योजना बनाई है। चारागाह के निर्माण मनरेगा के धन से किया जाएगा। कटीले तारों की बाड़ लगाई जाएगी। चारागाह के भीतर ही पशुओं के लिए हरे चारे उगाए जाएंगे। हालांकि छुट्टा पशुओं के देखभाल करने के लिए कर्मचारियों की तैनाती के बारे में अभी तय नहीं हो सका है।
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कोट
जिले के तीनों तहसीलों से चारागाह के लिए भूमि मुहैया कराने का आग्रह राजस्व विभाग के अधिकारियों से किया गया है। भूमि उपलब्ध हो जाने के बाद रिपोर्ट जिलाधिकारी को भेजी जाएगी। चारागाह का निर्माण मनरेगा के धन से कराया जाएगा। -बी बी सिंह-सीवीओ।
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सेवापुरी व आराजीलाइन ब्लाक में भूमाफिया के कब्जे से 2.969 हेक्टेयर भूमि मुक्त कराकर चारागाह बनवाने के लिए पशुपालन विभाग को सौंपा गया है। दोनों ब्लाकों में 16 चारागाहों का निर्माण होगा। -ईशा दुहन, एसडीएम राजातालाब