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मालगाड़ी डिरेल होने की उच्चस्तरीय जांच शुरू
Updated Wed, 06 Sep 2017 02:11 AM IST
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वाराणसी। हरदत्तपुर रेलवे स्टेशन के आउटर पर दो सितंबर की शाम मालगाड़ी के चार वैगन डिरेट होने की उच्चस्तरीय जांच शुरू हो गई है। पांच सदस्यीय जांच टीम में पूर्वोत्तर रेलवे के उच्चाधिकारी शामिल हैं। रेलवे बोर्ड की ओर से टीम को दस दिन के अंदर जांच रिपोर्ट प्रस्तुत करने के निर्देश दिए गए हैं। दुर्घटना के बाद मौके पर पहुंची रेलवे की एक्सपर्ट टीम ने प्रथम दृष्टया पटरी खिसकने को मालगाड़ी के बेपटरी होने की वजह बताई थी। इसके लिए इंजीनियरिंग विभाग पर सवाल उठे थे। अब उच्चस्तरीय जांच टीम घटना के सभी पहलुओं को ध्यान में रखते हुए बारीकी से छानबीन करेगी।
दो सितंबर की शाम इलाहाबाद से बलिया जा रही उर्वरक लदी मालगाड़ी के चार वैगन हरदत्तपुर स्टेशन के यार्ड बेपटरी हो गए थे। इसके चलते मंडुवाडीह-इलाहाबाद मुख्य मार्ग 14 घंटे तक ठप रहा था। मौके पर पहुंची अधिकारियों की टीम को प्रथम दृष्टया इंजीनियरिंग विभाग की खामी नजर आई थी। रेल पटरी शिफ्टिंग (नियत स्थान से पटरी का इधर-उधर होना) को मालगाड़ी डिरेलमेंट का कारण बताया जा रहा था। इसकी रिपोर्ट बनाकर मुख्यालय भी भेजी गई थी। उच्चस्तरीय जांच टीम में पूर्वोत्तर रेलवे के सीनियर डीएसओ, सीनियर डीसीएम, सीनियर डीईएन, सीनियर डीएमई(सीएनडब्ल्यू), डिप्टी सी कंस्ट्रक्शन शामिल हैं।
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दो सितंबर की शाम इलाहाबाद से बलिया जा रही उर्वरक लदी मालगाड़ी के चार वैगन हरदत्तपुर स्टेशन के यार्ड बेपटरी हो गए थे। इसके चलते मंडुवाडीह-इलाहाबाद मुख्य मार्ग 14 घंटे तक ठप रहा था। मौके पर पहुंची अधिकारियों की टीम को प्रथम दृष्टया इंजीनियरिंग विभाग की खामी नजर आई थी। रेल पटरी शिफ्टिंग (नियत स्थान से पटरी का इधर-उधर होना) को मालगाड़ी डिरेलमेंट का कारण बताया जा रहा था। इसकी रिपोर्ट बनाकर मुख्यालय भी भेजी गई थी। उच्चस्तरीय जांच टीम में पूर्वोत्तर रेलवे के सीनियर डीएसओ, सीनियर डीसीएम, सीनियर डीईएन, सीनियर डीएमई(सीएनडब्ल्यू), डिप्टी सी कंस्ट्रक्शन शामिल हैं।
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