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विश्वनाथ मंदिर की सुरक्षा में लगे जवानों के 170 बुलेट प्रूफ जैकेट किसी काम के नहीं
ब्यूरो,अमर उजाला,वाराणसी
Updated Sat, 27 May 2017 09:16 AM IST
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बुलेट प्रूफ जैकेट की सांकेतिक तस्वीर
- फोटो : self
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सुरक्षा के दृष्टिकोण से अति संवेदनशील काशी विश्वनाथ मंदिर परिक्षेत्र में कई महत्वपूर्ण उपकरण खस्ताहाल हैं। गौरतलब है कि मंदिर परिक्षेत्र आतंकियों के निशाने पर है। यहां की सुरक्षा व्यवस्था को लेकर देश की शीर्षस्थ खुफिया एजेंसियां भी अलर्ट रहती हैं।
बीते 21 मई को ही फोन कर विश्वनाथ मंदिर बम से उड़ाने की धमकी दी गई थी। इसके बाद भी सुरक्षा व्यवस्था जैसे महत्वपूर्ण मसले पर लापरवाही बरती जा रही है।
मंदिर परिक्षेत्र की सुरक्षा में तैनात पुलिस और पैरामिलिट्री फोर्स के जवानों के 170 बुलेट प्रूफ जैकेट मौजूदा समय में काम लायक नहीं हैं।
साथ ही 39 हैंड हेल्ड मेटल डिटेक्टर (एचएचएमडी), छह डोर फ्रेम मेटल डिटेक्टर (डीएफएमडी), तीन कमांडो लाइट, दो एंटीना युक्त पब्लिक एड्रेस सिस्टम, एक सेंसर गेट, दो लाउड हेलर, तीन डीसीपी एक्सटिंग्यूशर, तीन एबीसी एक्सटिंग्यूशर और एक आरओडब्ल्लूसी भी खराब हैं।
इन सभी को दुरुस्त कराया जा रहा है। वहीं, एक ऑटो डोम कैमरा, एक डीवीआर और एक एक्स-रे बैगेज स्कैनर की मरम्मत करने से तकनीशियनों ने मना कर दिया है। इस संबंध में पुलिस अधीक्षक (सुरक्षा) शैलेंद्र राय ने बताया कि मामला उच्चाधिकारियों के संज्ञान में है।
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खराब हो चुके उपकरणों की मरम्मत कराई जा रही है।
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बीते 21 मई को ही फोन कर विश्वनाथ मंदिर बम से उड़ाने की धमकी दी गई थी। इसके बाद भी सुरक्षा व्यवस्था जैसे महत्वपूर्ण मसले पर लापरवाही बरती जा रही है।
मंदिर परिक्षेत्र की सुरक्षा में तैनात पुलिस और पैरामिलिट्री फोर्स के जवानों के 170 बुलेट प्रूफ जैकेट मौजूदा समय में काम लायक नहीं हैं।
साथ ही 39 हैंड हेल्ड मेटल डिटेक्टर (एचएचएमडी), छह डोर फ्रेम मेटल डिटेक्टर (डीएफएमडी), तीन कमांडो लाइट, दो एंटीना युक्त पब्लिक एड्रेस सिस्टम, एक सेंसर गेट, दो लाउड हेलर, तीन डीसीपी एक्सटिंग्यूशर, तीन एबीसी एक्सटिंग्यूशर और एक आरओडब्ल्लूसी भी खराब हैं।
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इन सभी को दुरुस्त कराया जा रहा है। वहीं, एक ऑटो डोम कैमरा, एक डीवीआर और एक एक्स-रे बैगेज स्कैनर की मरम्मत करने से तकनीशियनों ने मना कर दिया है। इस संबंध में पुलिस अधीक्षक (सुरक्षा) शैलेंद्र राय ने बताया कि मामला उच्चाधिकारियों के संज्ञान में है।
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खराब हो चुके उपकरणों की मरम्मत कराई जा रही है।
हाईटेक सिक्योरिटी सिस्टम के लिए चाहिए जमीन
काशी विश्वनाथ मंदिर
- फोटो : amarujala
काशी विश्वनाथ मंदिर परिक्षेत्र को हाईटेक सिक्योरिटी सिस्टम से लैस करने के लिए जमीन की जरूरत है। यह बात गुरुवार को मंडलीय सभागार में विश्वनाथ मंदिर परिक्षेत्र की सुरक्षा व्यवस्था के संबंध में हाई पावर कमेटी की बैठक में शामिल होने आए अपर पुलिस महानिदेशक (सुरक्षा) विजय कुमार ने कहीं।
कहा कि मंदिर परिक्षेत्र के रेड जोन से लेकर येलो जोन तक के भवनों का अधिग्रहण कर जिला प्रशासन उन्हें ध्वस्त करा रहा है। उम्मीद है कि सुरक्षा व्यवस्था के मद्देनजर पुलिस को भी जमीन उपलब्ध कराई जाएगी। जमीन मिलने पर परिक्षेत्र में हाईटेक पुलिस कंट्रोल रूम बनाकर सुरक्षा व्यवस्था और चाक-चौबंद की जाएगी।
एडीजी (सुरक्षा) ने कहा कि विश्वनाथ मंदिर परिक्षेत्र में दरोगा, हेड कांस्टेबल और कांस्टेबल की कमी जल्द ही एडीजी जोन दूर करेंगे। हाईटेक सिक्योरिटी सिस्टम कब तक मूर्त रूप लेगा, इस सवाल पर उन्होंने कहा कि जगह की कमी है। इसी के चलते परिक्षेत्र में एक्स-रे बैगेज स्कैनर नहीं लग पा रहा है जबकि यह बहुत जरूरी है।
आधुनिक सीसीटीवी सिस्टम, पब्लिक एड्रेस सिस्टम सहित आधुनिक कंट्रोल रूम के लिए पूर्व में जिला पुलिस की ओर से 5.82 करोड़ रुपये का प्रस्ताव मुख्यालय भेजा गया था। मगर, जब तक जगह उपलब्ध नहीं हो जाती ऐसी किसी कार्ययोजना को मूर्त रूप नहीं दिया जा सकता।
बताया कि फिलहाल मंदिर परिक्षेत्र में लगे हमारे सभी 21 सीसीटीवी कैमरे काम कर रहे हैं और उनसे मॉनीटरिंग की जा रही है। खुफिया इकाइयों को मुस्तैदी के साथ अभिसूचना संकलन की ताकीद की गई है।
बैठक में मंडलायुक्त नितिन रमेश गोकर्ण, आईजी रेंज दीपक रतन सहित पुलिस-प्रशासन के सभी आला अधिकारी मौजूद थे। उधर, बैठक से पहले एडीजी (सुरक्षा) ने काशी विश्वनाथ मंदिर परिक्षेत्र की सुरक्षा व्यवस्था का जायजा लिया।
कहा कि मंदिर परिक्षेत्र के रेड जोन से लेकर येलो जोन तक के भवनों का अधिग्रहण कर जिला प्रशासन उन्हें ध्वस्त करा रहा है। उम्मीद है कि सुरक्षा व्यवस्था के मद्देनजर पुलिस को भी जमीन उपलब्ध कराई जाएगी। जमीन मिलने पर परिक्षेत्र में हाईटेक पुलिस कंट्रोल रूम बनाकर सुरक्षा व्यवस्था और चाक-चौबंद की जाएगी।
एडीजी (सुरक्षा) ने कहा कि विश्वनाथ मंदिर परिक्षेत्र में दरोगा, हेड कांस्टेबल और कांस्टेबल की कमी जल्द ही एडीजी जोन दूर करेंगे। हाईटेक सिक्योरिटी सिस्टम कब तक मूर्त रूप लेगा, इस सवाल पर उन्होंने कहा कि जगह की कमी है। इसी के चलते परिक्षेत्र में एक्स-रे बैगेज स्कैनर नहीं लग पा रहा है जबकि यह बहुत जरूरी है।
आधुनिक सीसीटीवी सिस्टम, पब्लिक एड्रेस सिस्टम सहित आधुनिक कंट्रोल रूम के लिए पूर्व में जिला पुलिस की ओर से 5.82 करोड़ रुपये का प्रस्ताव मुख्यालय भेजा गया था। मगर, जब तक जगह उपलब्ध नहीं हो जाती ऐसी किसी कार्ययोजना को मूर्त रूप नहीं दिया जा सकता।
बताया कि फिलहाल मंदिर परिक्षेत्र में लगे हमारे सभी 21 सीसीटीवी कैमरे काम कर रहे हैं और उनसे मॉनीटरिंग की जा रही है। खुफिया इकाइयों को मुस्तैदी के साथ अभिसूचना संकलन की ताकीद की गई है।
बैठक में मंडलायुक्त नितिन रमेश गोकर्ण, आईजी रेंज दीपक रतन सहित पुलिस-प्रशासन के सभी आला अधिकारी मौजूद थे। उधर, बैठक से पहले एडीजी (सुरक्षा) ने काशी विश्वनाथ मंदिर परिक्षेत्र की सुरक्षा व्यवस्था का जायजा लिया।