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गुरुजी लगाएंगे ई-वेस्ट मैनेजमेंट की पाठशाला
Updated Tue, 18 Dec 2018 01:40 AM IST
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वाराणसी। डिजिटल इंडिया मुहिम में कंप्यूटर साक्षरता के साथ-साथ अब शिक्षण संस्थानों में ई-वेस्ट मैनेजमेंट का पाठ भी पढ़ाया जाएगा। इसके तहत छात्रों को जहां घर में इलेक्ट्रानिक उपकरणों में टीवी, फोन, कंप्यूटर, लैपटॉप, तार, मोबाइल को इधर-उधर न फेंकने की अपील की जाएगी, वहीं लघु फिल्म के माध्यम से इसके खुले जगहों पर फेंकने से सेहत पर पड़ने वाले दुष्प्रभावों के बारे में भी बताया जाएगा।
यूजीसी के इस निर्देश के बाद अग्रसेन कन्या पीजी कॉलेज में पहल शुरू हो गई है। कैंपस में इसके लिए अलग बॉक्स बनवाया जा रहा है, जहां छात्राएं ई-वेस्ट को जमा कर सकेंगी और फिर यहां से केंद्र सरकार की ओर से निर्धारित कलेक्शन सेंटर पर उसे भिजवाया जाएगा, जिससे कि बीमारियों पर अंकुश लगाया जा सके। अमूमन यह देखने को मिलता है कि लोग घरों में खराब पड़े टीवी, फ्रिज, कूलर, कंप्यूटर, केबल आदि को इधर-उधर फेंक देते हैं। इससे एक तो घर में कू ड़े का ढेर लग जाता है दूसरे इन उपकरणों में प्रयोग की जाने वाली बैटरी, गैस, विषैले पदार्थों के होने की वजह से सेहत पर दुष्प्रभाव पड़ता है।
इलेक्ट्रानिक एवं सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय और यूजीसी की इस पहल के बारे में अग्रसेन कन्या पीजी कॉलेज के कंप्यूटर सेंटर के निदेशक पवन सिंह ने बताया कि एक आंकड़े के मुताबिक वर्ष 2012 में जहां देश भर में पांच लाख मिट्रिक टन ई वेस्ट जमा होता था वहीं अब यह बढ़कर अब 15 से 20 लाख मीट्रिक टन हो गया है। इस पर अंकुश लगाने की दिशा में यूजीसी और मंत्रालय की यह पहल डिजिटल स्वच्छता के रुप में रंग लाएगी। कॉलेज में इसके लिए पोस्टर बनवाने के साथ ही बॉक्स भी तैयार कराया जा रहा है।
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यूजीसी के इस निर्देश के बाद अग्रसेन कन्या पीजी कॉलेज में पहल शुरू हो गई है। कैंपस में इसके लिए अलग बॉक्स बनवाया जा रहा है, जहां छात्राएं ई-वेस्ट को जमा कर सकेंगी और फिर यहां से केंद्र सरकार की ओर से निर्धारित कलेक्शन सेंटर पर उसे भिजवाया जाएगा, जिससे कि बीमारियों पर अंकुश लगाया जा सके। अमूमन यह देखने को मिलता है कि लोग घरों में खराब पड़े टीवी, फ्रिज, कूलर, कंप्यूटर, केबल आदि को इधर-उधर फेंक देते हैं। इससे एक तो घर में कू ड़े का ढेर लग जाता है दूसरे इन उपकरणों में प्रयोग की जाने वाली बैटरी, गैस, विषैले पदार्थों के होने की वजह से सेहत पर दुष्प्रभाव पड़ता है।
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इलेक्ट्रानिक एवं सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय और यूजीसी की इस पहल के बारे में अग्रसेन कन्या पीजी कॉलेज के कंप्यूटर सेंटर के निदेशक पवन सिंह ने बताया कि एक आंकड़े के मुताबिक वर्ष 2012 में जहां देश भर में पांच लाख मिट्रिक टन ई वेस्ट जमा होता था वहीं अब यह बढ़कर अब 15 से 20 लाख मीट्रिक टन हो गया है। इस पर अंकुश लगाने की दिशा में यूजीसी और मंत्रालय की यह पहल डिजिटल स्वच्छता के रुप में रंग लाएगी। कॉलेज में इसके लिए पोस्टर बनवाने के साथ ही बॉक्स भी तैयार कराया जा रहा है।
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