{"_id":"5a7e07c44f1c1b2a788b4f80","slug":"161518208964-varanasi-news","type":"story","status":"publish","title_hn":"जैव सुरक्षा पर बीएचयू-ऑस्ट्रेलिया मिलकर करेंगे काम","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
जैव सुरक्षा पर बीएचयू-ऑस्ट्रेलिया मिलकर करेंगे काम
Updated Sat, 10 Feb 2018 02:28 AM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
वाराणसी। फसलोें में लगने वाले कीटों की रोकथाम और जैव सुरक्षा सहित कई मुद्दों पर आस्ट्रेलिया और बीएचयू कृषि विज्ञान संस्थान एक साथ मिलकर काम करेंगे। इसको लेकर पहल शुरू हो गई है। बीएचयू कृषि विज्ञान संस्थान में तीन दिवसीय इंटरनेशनल सेमीनार में भाग लेने आए आस्ट्रेलिया में बायोसेक्योरिटी के निदेशक डॉ. एसबी शर्मा ने बातचीत में ये जानकारी दी। उन्होंने कहा कि तीन दिन के सेमीनार के दौरान इस मुद्दे पर संस्थान से जुड़े लोगों से बातचीत कर आगे की कार्रवाई शुरू की जाएगी।
शताब्दी कृषि सभागार में आयोजित सेमीनार का उद्घाटन समारोह के बाद बातचीत में डॉ. शर्मा ने बताया कि कीटों की संख्या तेजी से बढ़ती जा रही है, जो उत्पादन क्षमता को प्रभावित कर रही है। इस पर समुचित ध्यान न देने से समस्या बनी हुई है। बताया कि कीटों को खत्म करने के उद्देश्य से नेशनल सेंटर फार बायो एंड फूड सिक्योरिटी के साथ ही बायो सिक्योरिटी अथॉरिटी बनाने की जरूरत है। आस्ट्रेलिया में इसको लेकर कई महत्वपूर्ण कदम उठाए गए हैं, इसमें बीएचयू समेत भारत के विभिन्न संस्थानों को जोड़कर काम आगे बढ़ाया जाएगा। उधर सेमीनार में देश के विभिन्न प्रांतों के साथ ही नेपाल, बांग्लादेश, आस्ट्रेलिया, केन्या, जापान आदि देशों के कीट एवं कृषि जंतु विज्ञान विभाग के विशेषज्ञों ने विस्तृत चर्चा की। इसमें खाद्य सुरक्षा, पर्यावरण, लाभकारी कीटों एवं लाख की खेती, मछली की खेती, पादप कीट नियंत्रण एवं जलवायु परिवर्तन में नवीन विकसित शोध शामिल हैं। आयोजन सचिव प्रो. सीपी श्रीवास्तव ने सेमीनार के बारे में विस्तृत जानकारी दी। अतिथियों का स्वागत निदेशक प्रो. ए वैशंपायन, धन्यवाद ज्ञापन संकाय प्रमुख प्रो. बंदना बोस ने किया।
विज्ञापन
शताब्दी कृषि सभागार में आयोजित सेमीनार का उद्घाटन समारोह के बाद बातचीत में डॉ. शर्मा ने बताया कि कीटों की संख्या तेजी से बढ़ती जा रही है, जो उत्पादन क्षमता को प्रभावित कर रही है। इस पर समुचित ध्यान न देने से समस्या बनी हुई है। बताया कि कीटों को खत्म करने के उद्देश्य से नेशनल सेंटर फार बायो एंड फूड सिक्योरिटी के साथ ही बायो सिक्योरिटी अथॉरिटी बनाने की जरूरत है। आस्ट्रेलिया में इसको लेकर कई महत्वपूर्ण कदम उठाए गए हैं, इसमें बीएचयू समेत भारत के विभिन्न संस्थानों को जोड़कर काम आगे बढ़ाया जाएगा। उधर सेमीनार में देश के विभिन्न प्रांतों के साथ ही नेपाल, बांग्लादेश, आस्ट्रेलिया, केन्या, जापान आदि देशों के कीट एवं कृषि जंतु विज्ञान विभाग के विशेषज्ञों ने विस्तृत चर्चा की। इसमें खाद्य सुरक्षा, पर्यावरण, लाभकारी कीटों एवं लाख की खेती, मछली की खेती, पादप कीट नियंत्रण एवं जलवायु परिवर्तन में नवीन विकसित शोध शामिल हैं। आयोजन सचिव प्रो. सीपी श्रीवास्तव ने सेमीनार के बारे में विस्तृत जानकारी दी। अतिथियों का स्वागत निदेशक प्रो. ए वैशंपायन, धन्यवाद ज्ञापन संकाय प्रमुख प्रो. बंदना बोस ने किया।
विज्ञापन