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लोकसभा चुनाव में वाराणसी के सामने फर्स्ट आने की चुनौती
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वाराणसी। लोकसभा चुनाव में वाराणसी के मतदाताओं के सामने फर्स्ट आने की चुनौती है। मतदान में 45 दिन से ज्यादा का समय होने के चलते प्रशासन मतदाताओं को मतदान केंद्रों तक पहुंचाने के लिए कार्ययोजना तैयार करने में जुटा है। पिछले चुनाव में काफी प्रयासों के बाद भी केवल 58.33 फीसदी मतदान हुआ था, ऐसे में पांच साल बाद हो रहे चुनाव में सात फीसदी बढ़ाने का लक्ष्य रखा गया है।
वाराणसी में मतदान को लेकर धीरे धीरे जागरूकता हो रही है। यही कारण है कि वर्ष 2009 के मुकाबले लोकसभा चुनाव 2014 में 15.13 फीसदी ज्यादा मतदान हुआ था। बावजूद इसके 60 फीसदी से कम मतदान हुआ था। ऐसे में वर्ष 2019 के लोकसभा चुनाव में इसे पिछले चुनाव के मुकाबले सात फीसदी बढ़ाने का लक्ष्य रखा गया है। हालांकि विधानसभा चुनाव 2017 में जिले भर में 61.63 मतदान से यह लक्ष्य मुश्किल नहीं लग रहा है। यहां बता दें कि वर्ष 2009 में 43.13 फीसदी मतदान हुआ और 2014 में इसमें 15.13 फीसदी की बढ़ोत्तरी के साथ यह आंकड़ा 58.33 फीसदी पहुंचा है।
जिला निर्वाचन अधिकारी सुरेंद्र सिंह ने बताया कि मतदाताओं को जागरूक करने के लिए व्यापक अभियान की कार्ययोजना बनी है। मतदाता जागरूकता एक्सप्रेस के अलावा स्कूलों में चित्रकला, थीम प्रतियोगिता कराई जाएगी। ताकि बच्चोें के जरिए अभिभावकों तक संदेश पहुंचा जा सके। इसके अलावा सामाजिक संगठनों और अन्य माध्यमों से भी मतदान केंद्रों तक मतदाता पहुंचाने की योजना बनाई गई है। मतदाताओं की सहूलियत के लिए मतदाता पर्ची पहले ही घर घर पहुंचाई जाएगी और मतदाता पहचान पत्र की 100 फीसदी उपलब्धता का अभियान शुरू किया गया है।
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वाराणसी में मतदान को लेकर धीरे धीरे जागरूकता हो रही है। यही कारण है कि वर्ष 2009 के मुकाबले लोकसभा चुनाव 2014 में 15.13 फीसदी ज्यादा मतदान हुआ था। बावजूद इसके 60 फीसदी से कम मतदान हुआ था। ऐसे में वर्ष 2019 के लोकसभा चुनाव में इसे पिछले चुनाव के मुकाबले सात फीसदी बढ़ाने का लक्ष्य रखा गया है। हालांकि विधानसभा चुनाव 2017 में जिले भर में 61.63 मतदान से यह लक्ष्य मुश्किल नहीं लग रहा है। यहां बता दें कि वर्ष 2009 में 43.13 फीसदी मतदान हुआ और 2014 में इसमें 15.13 फीसदी की बढ़ोत्तरी के साथ यह आंकड़ा 58.33 फीसदी पहुंचा है।
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जिला निर्वाचन अधिकारी सुरेंद्र सिंह ने बताया कि मतदाताओं को जागरूक करने के लिए व्यापक अभियान की कार्ययोजना बनी है। मतदाता जागरूकता एक्सप्रेस के अलावा स्कूलों में चित्रकला, थीम प्रतियोगिता कराई जाएगी। ताकि बच्चोें के जरिए अभिभावकों तक संदेश पहुंचा जा सके। इसके अलावा सामाजिक संगठनों और अन्य माध्यमों से भी मतदान केंद्रों तक मतदाता पहुंचाने की योजना बनाई गई है। मतदाताओं की सहूलियत के लिए मतदाता पर्ची पहले ही घर घर पहुंचाई जाएगी और मतदाता पहचान पत्र की 100 फीसदी उपलब्धता का अभियान शुरू किया गया है।
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