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‘मैं डायनासोर के जीवाश्म की तरह पढ़ा जाऊंगा...’
Updated Thu, 09 Nov 2017 02:14 AM IST
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वाराणसी। ‘आज नहीं तो कल, कल नहीं तो परसाें... और परसों नहीं तो बरसों बाद मैं डायनासोर के जीवाश्म की तरह पढ़ा जाऊंगा...।’ यह कहना था कलम के धनी साहित्यकार मनु शर्मा का। उन्हें अपने लेखन पर भरोसा था। विषम से विषम परिस्थितियों में भी उन्होंने कभी कागज-कलम से नाता नहीं तोड़ा। उन्हें पूरा यकीन था कि उनके लेखन को समझा जाएगा और ऐसी ही हुआ।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने स्वच्छता अभियान की शुरुआत के साथ ही सफाई नवरत्नों की घोषणा की थी जिनमें से एक मनु शर्मा भी थे। तब मनु शर्मा ने उनसे आग्रह किया था कि उनकी उम्र की सांझ हो रही है। स्वास्थ्य भी ठीक नहीं रहता। ऐसे में वे स्वयं साफ-सफाई में सहयोग नहीं कर पाएंगे। तब उनसे कहा गया कि आप प्रेरणास्रोत बने रहें। बाकी काम युवा पीढ़ी कर लेगी। इसके बाद उन्होंने पीएम के स्वच्छता अभियान का ‘नवरत्न’ बनने के लिए हामी भरी थी।
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प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने स्वच्छता अभियान की शुरुआत के साथ ही सफाई नवरत्नों की घोषणा की थी जिनमें से एक मनु शर्मा भी थे। तब मनु शर्मा ने उनसे आग्रह किया था कि उनकी उम्र की सांझ हो रही है। स्वास्थ्य भी ठीक नहीं रहता। ऐसे में वे स्वयं साफ-सफाई में सहयोग नहीं कर पाएंगे। तब उनसे कहा गया कि आप प्रेरणास्रोत बने रहें। बाकी काम युवा पीढ़ी कर लेगी। इसके बाद उन्होंने पीएम के स्वच्छता अभियान का ‘नवरत्न’ बनने के लिए हामी भरी थी।
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