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लेखपाल ने बदली जल खाते की नवैयत
Updated Thu, 31 Aug 2017 02:16 AM IST
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सेवापुरी। कपसेठी थाना क्षेत्र के मझगवां कला गांव में लेखपाल ने भूमि अतिक्रमण करने वालों को लाभ पहुंचाने के लिए जल खाता (गड़हा) की नवैयत बदलने का मामला सामने आया है। जानकारी के बाद एसडीएम पिंडरा ने लेखपाल की झूठी रिपोर्ट को निरस्त कर दिया और उसके खिलाफ कार्रवाई की बात कही है। मझगवां कला गांव की फूलपत्ती देवी ने जिलाधिकारी को प्रार्थना पत्र देकर आरोप लगाया था कि गांव के कुछ दबंग, प्रधान से मिलकर जल खाता (गड़हा) को पाटकर उस पर कब्जा कर रहे हैं। डीएम ने एसडीएम पिंडरा को जांच कर कार्रवाई का निर्देश दिया। एसडीएम ने इसी क्रम में हलका लेखपाल को जांच सौंपी थी।
मझगवां कला गांव की फूलपत्ती पत्नी स्व. कान्ता विश्वकर्मा ने पिछले महीने जिलाधिकारी योगेश्वर राम मिश्र को एक प्रार्थना पत्र देकर आरोप लगाया था कि गांव के कुछ दबंग लोग ग्राम प्रधान से मिलकर सरकारी जल खाता (गड़हा) को पाटकर मकान और चरनी बना रहे हैं। डीएम ने मामले को गंभीरता से लेते हुए एसडीएम पिंडरा को जांच कर कार्रवाई का निर्देश दिया। एसडीएम पिंडरा ने हल्का लेखपाल राजेन्द्र कन्नौजिया से इस बारे में रिपोर्ट मांगा। हल्का लेखपाल ने आराजी नंबर 355, रकबा 190 हेक्टेअर भूमि जल खाता (गड़हा) की नवैयत बदल कर अपनी रिपोर्ट में फूलपत्ती देवी की भूमिधरी जमीन आराजी नंबर 359, रकबा 0.42 हेक्टेअर को ही जल खाता दर्शाकर (गड़हा) आवेदिका को बार-बार फर्जी प्रार्थना पत्र देने का अभ्यस्त बता कर झूठी रिपोर्ट एसडीएम को दी। लेखपाल की रिपोर्ट के झूठी होने की सूचना जब एसडीएम को हुई तो उन्होंने नायब तहसीलदार परगना पंद्रह से इसकी जांच करवाई, जिसमें लेखपाल की कारस्तानी उजागर हुई।
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मझगवां कला गांव की फूलपत्ती पत्नी स्व. कान्ता विश्वकर्मा ने पिछले महीने जिलाधिकारी योगेश्वर राम मिश्र को एक प्रार्थना पत्र देकर आरोप लगाया था कि गांव के कुछ दबंग लोग ग्राम प्रधान से मिलकर सरकारी जल खाता (गड़हा) को पाटकर मकान और चरनी बना रहे हैं। डीएम ने मामले को गंभीरता से लेते हुए एसडीएम पिंडरा को जांच कर कार्रवाई का निर्देश दिया। एसडीएम पिंडरा ने हल्का लेखपाल राजेन्द्र कन्नौजिया से इस बारे में रिपोर्ट मांगा। हल्का लेखपाल ने आराजी नंबर 355, रकबा 190 हेक्टेअर भूमि जल खाता (गड़हा) की नवैयत बदल कर अपनी रिपोर्ट में फूलपत्ती देवी की भूमिधरी जमीन आराजी नंबर 359, रकबा 0.42 हेक्टेअर को ही जल खाता दर्शाकर (गड़हा) आवेदिका को बार-बार फर्जी प्रार्थना पत्र देने का अभ्यस्त बता कर झूठी रिपोर्ट एसडीएम को दी। लेखपाल की रिपोर्ट के झूठी होने की सूचना जब एसडीएम को हुई तो उन्होंने नायब तहसीलदार परगना पंद्रह से इसकी जांच करवाई, जिसमें लेखपाल की कारस्तानी उजागर हुई।
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