{"_id":"5935c0314f1c1bcb268b4589","slug":"149669484712-varanasi-news","type":"story","status":"publish","title_hn":"उन्नत खेती के गुर सीखेंगे किसान","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
उन्नत खेती के गुर सीखेंगे किसान
Updated Tue, 06 Jun 2017 02:07 AM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
वाराणसी। इंडो-अमेरिकन चैंबर ऑफ कामर्स (आईएसीसी) उत्तर प्रदेश शाखा वाराणसी की ओर से एक दिनी सेमिनार का आयोजन 24 जून को छावनी क्षेत्र स्थित होटल मादिन में करने जा रहा है। इसका उद्देश्य पूर्वांचल के किसान उच्च प्रजाति की फसलों की खेती और इसके उपयुक्त दाम को लेकर चर्चा करना है। अंधरापुल स्थित एक होटल में सोमवार को पत्रकारों को इसकी जानकारी देते हुए आईएसीसी के अध्यक्ष विनय कुमार शुक्ला, पूर्व अध्यक्ष अरुण कुमार अग्रवाल व पूर्व अध्यक्ष हसान आर खान ने संयुक्त रूप से यह जानकारी दी। उन्होंने बताया कि ‘भारत-अमेरिकी संयुक्त उद्योगों में प्रभावी आधार के रूप में खाद्य प्रसंस्करण वाणिज्य में नए अवसर’ विषयक सेमिनार में अमेरिकी दूतावास नई दिल्ल्ी के कार्यवाहक उपाध्यक्ष, कृषि मामलों के मंत्री सलाहकार स्कॉट एस सिंदेलार, केंद्रीय खाद्य प्रसंस्करण उद्योग राज्यमंत्री साध्वी निरंजन ज्योति, यूपी के उप मुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य व यूपी के कृषि मंत्री सूर्य प्रताप शाही भाग लेंगे।
उन्होंने बताया कि सेमिनार में खाद्य और खाद्य प्रसंस्करण में नई तकनीक का उपयोगए वैश्विक स्तर पर खाद्य प्रसंस्करण उद्योगों की विशेषताएं, व्यापारिक मानदंड स्थापित करने के लिए तकनीक का उपयोग, खाद्य प्रसंस्करण क्षेत्र में विदेशी निवेश की संभावनाएं, अमेरिकी कंपनियों को भारत में दी जाने वाली सुविधाएं आदि पर फोकस किया जाएगा। उन्होंने बताया कि सेमिनार में आमंत्रित किसानों को अमेरिकी तकनीकी का इस्तेमाल कृषि में करने की जानकारी भी दी जाएगी। उनको बताया जाएगा कि अमेरिकी तकनीकी का उपयोग कर फसलों की उपज कैसे बढ़ाई जा सकती है। सेमिनार में कृषि उत्पादों से संबंधित स्टॉल भी लगाए जाएंगे।
विज्ञापन
उन्होंने बताया कि सेमिनार में खाद्य और खाद्य प्रसंस्करण में नई तकनीक का उपयोगए वैश्विक स्तर पर खाद्य प्रसंस्करण उद्योगों की विशेषताएं, व्यापारिक मानदंड स्थापित करने के लिए तकनीक का उपयोग, खाद्य प्रसंस्करण क्षेत्र में विदेशी निवेश की संभावनाएं, अमेरिकी कंपनियों को भारत में दी जाने वाली सुविधाएं आदि पर फोकस किया जाएगा। उन्होंने बताया कि सेमिनार में आमंत्रित किसानों को अमेरिकी तकनीकी का इस्तेमाल कृषि में करने की जानकारी भी दी जाएगी। उनको बताया जाएगा कि अमेरिकी तकनीकी का उपयोग कर फसलों की उपज कैसे बढ़ाई जा सकती है। सेमिनार में कृषि उत्पादों से संबंधित स्टॉल भी लगाए जाएंगे।
विज्ञापन