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तकनीक से संवार रहीं खुद की तकदीर
Updated Sat, 26 Aug 2017 02:19 AM IST
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वाराणसी। मदरसे की छात्राएं पढ़ाई के साथ अब तकनीक से भी कदमताल कर रही हैं। दुनिया में बदलाव को देखते हुए ये छात्राएं आत्मनिर्भर बनकर अपने सपनों को साकार करने के लिए दीनी तालीम के साथ-साथ कंप्यूटर और फैशन डिजाइनिंग के हुनर भी सीख रही हैं।
मदरसा छात्राओं को तकनीकी और व्यावसायिक शिक्षा से जोड़ने के लिए ‘अराइज एंड अवेक’ संस्था की रमा सिंह दुर्गवंशी की पहल रंग लाने लगी है। उनकी संस्था की मदद से इस साल मदरसा दायरतुल इस्लाह चिरागे उलूम निस्वां, रसूलपुरा में छात्राओं के लिए कंप्यूटर ओर फैशन डिजाइनिंग कोर्स शुरू किए गए हैं। इतना ही नहीं, यहां वर्चुअल क्लास की सुविधा भी छात्राओं को मुहैया कराई गई है। मौजूदा वक्त में यहां कंप्यूटर में 100 और फैशन डिजाइनिंग में 200 छात्राएं प्रशिक्षण प्राप्त कर रही हैं। रमा सिंह ने फैशन डिजाइनिंग कोर्स को ‘तारे जमीन पर’ और कंप्यूटर कोर्स को ‘सूर्य किरण’ का नाम दिया है। इसके अलावा बुनकर कालोनी स्थित छात्रों के मदरसा चिरोगे उलूम में भी कंप्यूटर कोर्स व वर्चुअल क्लास चलाई जा रही है।
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मदरसा छात्राओं को तकनीकी और व्यावसायिक शिक्षा से जोड़ने के लिए ‘अराइज एंड अवेक’ संस्था की रमा सिंह दुर्गवंशी की पहल रंग लाने लगी है। उनकी संस्था की मदद से इस साल मदरसा दायरतुल इस्लाह चिरागे उलूम निस्वां, रसूलपुरा में छात्राओं के लिए कंप्यूटर ओर फैशन डिजाइनिंग कोर्स शुरू किए गए हैं। इतना ही नहीं, यहां वर्चुअल क्लास की सुविधा भी छात्राओं को मुहैया कराई गई है। मौजूदा वक्त में यहां कंप्यूटर में 100 और फैशन डिजाइनिंग में 200 छात्राएं प्रशिक्षण प्राप्त कर रही हैं। रमा सिंह ने फैशन डिजाइनिंग कोर्स को ‘तारे जमीन पर’ और कंप्यूटर कोर्स को ‘सूर्य किरण’ का नाम दिया है। इसके अलावा बुनकर कालोनी स्थित छात्रों के मदरसा चिरोगे उलूम में भी कंप्यूटर कोर्स व वर्चुअल क्लास चलाई जा रही है।
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