{"_id":"59920ed74f1c1bab4a8b4709","slug":"141502744279-varanasi-news","type":"story","status":"publish","title_hn":"नगर निगम ही बांट रहा लोगों में बीमारी","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
नगर निगम ही बांट रहा लोगों में बीमारी
Updated Tue, 15 Aug 2017 02:27 AM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
वाराणसी। अभियान चलाकर शहर को गंदगी मुक्त करने का दावा करने वाले नगर निगम की लापरवाही इन दिनों संक्रामक बीमारियां फैलने का कारण बनी है। हालत यह है कि दीनदयाल उपाध्याय जिला अस्पताल-मानसिक अस्पताल और ईएसआई अस्पताल के पास निगम ने कूड़ा डंपिंग घर बनाया है, उसमें अंदर कूड़ा न फेंककर जैसे-तैसे बाहर डंप किया गया है। लिहाजा लोग तो उस रास्ते से जाने में कतराते हैं। ऐसा नहीं है कि किसी को मालूम नहीं है, इसी रास्ते निगम के अधिकारियों के साथ ही जिला और पुलिस प्रशासन के अधिकारियों की गाड़ी जाती है लेकिन किसी ने भी इस ओर ध्यान नहीं दिया है।
पांडेयपुर-महावीर मार्ग पर जिस जगह निगम ने कूड़ा घर बनाया है, उसके बिल्कुल आसपास मानसिक अस्पताल, दीनदयाल अस्पताल, ईएसआई मल्टी स्पेशियलिटी हॉस्पिटल के साथ ही अपर निदेशक चिकित्सा स्वास्थ्य का कार्यालय और सामने डॉक्टर्स कालोनी है। नगर निगम के नकारेपन का हालत यह है कि कर्मचारी कहीं से भी कूड़ा लेकर आएंगे तो बाहर ही गिराकर चले जाते हैं। इस वजह से हमेशा जानवर वहां मंडराते रहते हैं। हर दिन बनारस और आसपास के जिलों से मरीज दीनदयाल अस्पताल तो प्रदेश में केवल दो मानसिक अस्पतालों में से एक बनारस में मंडल भर के मरीज इलाज के लिए आते हैं। मरीज और उनके परिजन हाथ पर रुमाल रखकर ही गुजरते हैं। कूड़ा डंपिंग ग्राउंड की ये हालात ऐसा नहीं है कि एक दो दिन से हैं, पिछले कई महीनों से यही दशा है। सबसे ज्यादा खराब स्थिति बरसात के समय होती है, सभी गंदगी बहकर सड़क पर आ जाती है।
विज्ञापन
पांडेयपुर-महावीर मार्ग पर जिस जगह निगम ने कूड़ा घर बनाया है, उसके बिल्कुल आसपास मानसिक अस्पताल, दीनदयाल अस्पताल, ईएसआई मल्टी स्पेशियलिटी हॉस्पिटल के साथ ही अपर निदेशक चिकित्सा स्वास्थ्य का कार्यालय और सामने डॉक्टर्स कालोनी है। नगर निगम के नकारेपन का हालत यह है कि कर्मचारी कहीं से भी कूड़ा लेकर आएंगे तो बाहर ही गिराकर चले जाते हैं। इस वजह से हमेशा जानवर वहां मंडराते रहते हैं। हर दिन बनारस और आसपास के जिलों से मरीज दीनदयाल अस्पताल तो प्रदेश में केवल दो मानसिक अस्पतालों में से एक बनारस में मंडल भर के मरीज इलाज के लिए आते हैं। मरीज और उनके परिजन हाथ पर रुमाल रखकर ही गुजरते हैं। कूड़ा डंपिंग ग्राउंड की ये हालात ऐसा नहीं है कि एक दो दिन से हैं, पिछले कई महीनों से यही दशा है। सबसे ज्यादा खराब स्थिति बरसात के समय होती है, सभी गंदगी बहकर सड़क पर आ जाती है।
विज्ञापन