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कार्यकारिणी परिषद में उठ सकता है अनियमितता का मुद्दा
Updated Sun, 18 Nov 2018 01:55 AM IST
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वाराणसी। बीएचयू में शिक्षकों की नियुक्ति में अनियमितता का मामला 26 नवंबर को होने वाली कार्यकारिणी परिषद की बैठक में उठ सकता है। माना जा रहा है कि बैठक में इस मामले पर गठित जांच कमेटियों की रिपोर्ट को रखा जाएगा, जिस पर बड़ा फैसला होने की संभावना है। बैठक का एजेंडा तैयार हो चुका है और सदस्यों को भेजा जा चुका है। अब सबकी निगाहें कार्यकारिणी परिषद के फैसले पर टिकी हैं। इसके अलावा चार संस्थानों में नए निदेशकों के नाम पर मुहर लगने की भी संभावना है।
विश्वविद्यालय के विज्ञान संस्थान, चिकित्सा विज्ञान संस्थान, पर्यावरण एवं धारणीय विकास संस्थान, कला संकाय से जुड़े विभागों में असिस्टेंट प्रोफेसर से लेकर प्रोफेसर पदों पर नियुक्ति में अनियमितता की शिकायत के साथ ही हाईकोर्ट में याचिका दायर की गई थी। इसके अलावा अनियमितता की शिकायत की कॉपी कार्यकारिणी परिषद के सदस्यों को देकर न्याय की गुहार लगाई गई थी। कोर्ट के आदेश पर विश्वविद्यालय प्रशासन ने हाइकोर्ट के अवकाश प्राप्त न्यायाधीश की अध्यक्षता वाली जांच कमेटी से मामले की जांच कराई। नियुक्ति से जुड़े कागजातों के सत्यापन के साथ ही इससे जुड़े कुछ लोगों के बयान भी दर्ज हुए। अब जांच कमेटी की रिपोर्ट तैयार हो चुकी है। सूत्रों की माने तो परिषद की बैठक में नियुक्ति से संबंधित सीलबंद जांच रिपोर्ट को रखा जाएगा। इस मामले को एजेंडे में शामिल किए जाने की भी चर्चा है। इसके अलावा आयुर्वेद संकाय में प्रमुख पद पर नियुक्ति में अनियमितता को लेकर मंत्रालय के पत्र पर कार्रवाई का मामला भी परिषद में रखा जाएगा।
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विश्वविद्यालय के विज्ञान संस्थान, चिकित्सा विज्ञान संस्थान, पर्यावरण एवं धारणीय विकास संस्थान, कला संकाय से जुड़े विभागों में असिस्टेंट प्रोफेसर से लेकर प्रोफेसर पदों पर नियुक्ति में अनियमितता की शिकायत के साथ ही हाईकोर्ट में याचिका दायर की गई थी। इसके अलावा अनियमितता की शिकायत की कॉपी कार्यकारिणी परिषद के सदस्यों को देकर न्याय की गुहार लगाई गई थी। कोर्ट के आदेश पर विश्वविद्यालय प्रशासन ने हाइकोर्ट के अवकाश प्राप्त न्यायाधीश की अध्यक्षता वाली जांच कमेटी से मामले की जांच कराई। नियुक्ति से जुड़े कागजातों के सत्यापन के साथ ही इससे जुड़े कुछ लोगों के बयान भी दर्ज हुए। अब जांच कमेटी की रिपोर्ट तैयार हो चुकी है। सूत्रों की माने तो परिषद की बैठक में नियुक्ति से संबंधित सीलबंद जांच रिपोर्ट को रखा जाएगा। इस मामले को एजेंडे में शामिल किए जाने की भी चर्चा है। इसके अलावा आयुर्वेद संकाय में प्रमुख पद पर नियुक्ति में अनियमितता को लेकर मंत्रालय के पत्र पर कार्रवाई का मामला भी परिषद में रखा जाएगा।
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