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कॉरिडोर का रास्ता 31 अक्तूबर तक साफ होना मुश्किल
Updated Sat, 27 Oct 2018 02:08 AM IST
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वाराणसी। काशी विश्वनाथ मंदिर कॉरिडोर के लिए रास्ते के भवनों को हटाए जाने की समयसीमा में अब चार दिन ही शेष हैं, मगर ध्वस्तीकरण का काम सिर्फ दस फीसदी ही हुआ है। ऐसे में 31 अक्तूबर की डेडलाइन तक यह काम पूरा होना मुश्किल है। हालांकि प्रशासन ने ध्वस्तीकरण के काम में मजदूरों की संख्या दोगुनी कर दी है।
मंदिर प्रशासन की ओर से 146 भवनों को 31 अक्तूबर तक तोड़ने का लक्ष्य निर्धारित किया गया है। फिलहाल 15 भवनों को पूरी तरह से तोड़ा जा सका है। 60 भवनों को तोड़ने और मलवा हटाने का काम चल रहा है। ऐसे में तय समय तक आधा भी काम हो पाएगा, इसकी संभावना कम है।
बाबा के मंदिर से लेकर मणिकर्णिकाघाट और दशाश्वमेध से मंदिर तक 25 हजार वर्ग मीटर में बनने वाले श्रीकाशी विश्वनाथ मंदिर कॉरिडोर में कुल 296 भवन आ रहे हैं। इनमें 227 निजी संपत्तियां हैं, जिनमें से 146 की रजिस्ट्रियां मंदिर प्रशासन के नाम हो चुकी हैं। सेवईत के 31 भवनों में से 11 को राजीनामा और सहमति के आधार पर ले लिया गया है। इनके अलावा प्रस्तावित कॉरिडोर क्षेत्र में 13 मंदिर, पांच नगर निगम की जमीन, 21 ट्रस्ट हैं। इनमें से 3 की रजिस्ट्री हो चुकी है। ऐसे में कुल 163 संपत्तियां मंदिर प्रशासन के पास आ चुकी हैं। अब इनके ध्वस्तीकरण का काम जारी है।
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ये आ रही है परेशानी
कॉरिडोर को लेकर खरीदे गए भवन अधिकतर जर्जर होने के साथ ही संकरी गलियों में हैं। ऐसे में इन भवनों को तोड़ने में अतिरिक्त सतर्कता की जरूरत है। टूटते भवन दूसरे को अपनी चपेट में ले सकते हैं। इसलिए सावधानी जरूरी है। श्रद्धालुओं की भीड़ को देखते हुए ध्वस्तीकरण का कार्य भी रात्रि में मात्र चार घंटे ही किया जाता है।
अगले माह शुरू होना है निर्माण
प्रस्ताव के अनुसार कॉरिडोर निर्माण का कार्य अगले महीने शुरू होना है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी इसका शिलान्यास करेंगे। अगर ध्वस्तीकरण कार्य में देरी होती है तो इससे निर्माण कार्य शुरू होने में भी विलंब हो सकता है।
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मंदिर प्रशासन की ओर से 146 भवनों को 31 अक्तूबर तक तोड़ने का लक्ष्य निर्धारित किया गया है। फिलहाल 15 भवनों को पूरी तरह से तोड़ा जा सका है। 60 भवनों को तोड़ने और मलवा हटाने का काम चल रहा है। ऐसे में तय समय तक आधा भी काम हो पाएगा, इसकी संभावना कम है।
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बाबा के मंदिर से लेकर मणिकर्णिकाघाट और दशाश्वमेध से मंदिर तक 25 हजार वर्ग मीटर में बनने वाले श्रीकाशी विश्वनाथ मंदिर कॉरिडोर में कुल 296 भवन आ रहे हैं। इनमें 227 निजी संपत्तियां हैं, जिनमें से 146 की रजिस्ट्रियां मंदिर प्रशासन के नाम हो चुकी हैं। सेवईत के 31 भवनों में से 11 को राजीनामा और सहमति के आधार पर ले लिया गया है। इनके अलावा प्रस्तावित कॉरिडोर क्षेत्र में 13 मंदिर, पांच नगर निगम की जमीन, 21 ट्रस्ट हैं। इनमें से 3 की रजिस्ट्री हो चुकी है। ऐसे में कुल 163 संपत्तियां मंदिर प्रशासन के पास आ चुकी हैं। अब इनके ध्वस्तीकरण का काम जारी है।
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ये आ रही है परेशानी
कॉरिडोर को लेकर खरीदे गए भवन अधिकतर जर्जर होने के साथ ही संकरी गलियों में हैं। ऐसे में इन भवनों को तोड़ने में अतिरिक्त सतर्कता की जरूरत है। टूटते भवन दूसरे को अपनी चपेट में ले सकते हैं। इसलिए सावधानी जरूरी है। श्रद्धालुओं की भीड़ को देखते हुए ध्वस्तीकरण का कार्य भी रात्रि में मात्र चार घंटे ही किया जाता है।
अगले माह शुरू होना है निर्माण
प्रस्ताव के अनुसार कॉरिडोर निर्माण का कार्य अगले महीने शुरू होना है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी इसका शिलान्यास करेंगे। अगर ध्वस्तीकरण कार्य में देरी होती है तो इससे निर्माण कार्य शुरू होने में भी विलंब हो सकता है।