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न्यास के 18 साल के कार्यवृत पर होगा मंथन
Updated Tue, 21 Aug 2018 02:16 AM IST
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वाराणसी। श्री काशी विश्वनाथ मंदिर न्यास की बैठक में कुंभाभिषेकम समेत नियुक्तियों का मामला उठेगा। इसके साथ ही सन 2000 में नौ अप्रैल को होटल ताज में काशी नरेश की अध्यक्षता में हुई मंदिर न्यास परिषद की बैठक में सेवा नियमावली बनाने से लेकर मंदिर के स्वर्ण शिखर की मरम्मत कराने तक कई प्रस्ताव पारित हुए थे। प्रस्ताव पारित होने के 18 वर्ष बाद मंगलवार को होने वाली न्यास परिषद की बैठक में इन सभी मुद्दों पर फिर से विचार किया जाएगा।
न्यास परिषद की 95 वीं बैठक के दौरान विश्वनाथ मंदिर की आचार संहिता, मंदिर के अर्चकों, कर्मचारियों व सेवादारों के लिए सेवा नियमावली बनाने, स्वर्ण शिखर की मरम्मत कराने, गर्भगृह के पुरातात्विक महत्व के चार में से दो दरवाजों को बदलवाने, बदले गए दरवाजों पर दानदाताओं के नाम अंकित कराने से लेकर कुंभाभिषेक के मामले पर भी विचार किया जाएगा।
श्रीकाशी विश्वनाथ मंदिर न्यास परिषद के अध्यक्ष आचार्य अशोक द्विवेदी ने बताया कि काशी विश्वनाथ मंदिर में वर्तमान में कई खामियां हैं जिन्हें दूर करना जरूरी है। मंदिर के एक्ट के अनुसार पूजा पद्धति और शास्त्रीय परंपरा में परिवर्तन का अधिकार किसी को नहीं है। कुंभाभिषेक का आयोजन विश्वनाथ मंदिर एक्ट का उल्लंघन है।
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न्यास परिषद की 95 वीं बैठक के दौरान विश्वनाथ मंदिर की आचार संहिता, मंदिर के अर्चकों, कर्मचारियों व सेवादारों के लिए सेवा नियमावली बनाने, स्वर्ण शिखर की मरम्मत कराने, गर्भगृह के पुरातात्विक महत्व के चार में से दो दरवाजों को बदलवाने, बदले गए दरवाजों पर दानदाताओं के नाम अंकित कराने से लेकर कुंभाभिषेक के मामले पर भी विचार किया जाएगा।
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श्रीकाशी विश्वनाथ मंदिर न्यास परिषद के अध्यक्ष आचार्य अशोक द्विवेदी ने बताया कि काशी विश्वनाथ मंदिर में वर्तमान में कई खामियां हैं जिन्हें दूर करना जरूरी है। मंदिर के एक्ट के अनुसार पूजा पद्धति और शास्त्रीय परंपरा में परिवर्तन का अधिकार किसी को नहीं है। कुंभाभिषेक का आयोजन विश्वनाथ मंदिर एक्ट का उल्लंघन है।
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