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पूर्वांचल में बढ़ेगी ठंड, हल्की बूंदाबांदी के आसार
Updated Thu, 16 Nov 2017 01:58 AM IST
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वाराणसी। दिल्ली और एनसीआर सहित पूर्वांचल में छाई धुंध (स्मॉग) के बादल छंटने के बाद अब पश्चिमी विक्षोभ का असर हो गया है। दिल्ली और लखनऊ में हल्की बारिश के बाद पूर्वांचल में भी इसके दो से तीन दिन में पहुंचने की संभावना है। इस दौरान हल्की बूंदाबांदी होने के साथ ही ठंड भी बढ़ेगी।
मौसम विभाग के अनुसार बुधवार को अधिकतम तापमान 29.8 डिग्री और न्यूनतम तापमान 15.0 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। आर्र्दता अधिकतम 96 और न्यूनतम 55 प्रतिशत दर्ज की गई। बीएचयू के मौसम विभाग के डॉ. राजीव भाटला का कहना है कि पश्चिमी विक्षोभ के चलते दिल्ली और लखनऊ में हल्की बूंदाबांदी हुई है। इसका असर वाराणसी सहित पूर्वांचल में दो से तीन दिन में पहुंचेगा। 17-18 नवंबर को हल्की बारिश होने के आसार हैं। इसके बाद ठंड बढ़ेगी। अभी मौसम में उमस है। इसके चलते लोकल हीटिंग से भी बारिश हो सकती है। बारिश के बाद ठंड और कोहरा का प्रकोप बढ़ेगा। बुधवार की शाम को आसमान में बादल भी दिखे। इससे धान की फसल को लेकर किसानों की चिंता भी बढ़ गई है। बीएचयू के कृषि विज्ञान संस्थान के निदेशक प्रो. आरपी सिंह का कहना है कि गेहूं और चना के हिसाब से बारिश तो ठीक होगी लेकिन धान की फसल को अब मड़ाई करने का सीजन हैं। ऐसे में बारिश हो गई तो धान की फसल के लिए नुकसान होगा।
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मौसम विभाग के अनुसार बुधवार को अधिकतम तापमान 29.8 डिग्री और न्यूनतम तापमान 15.0 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। आर्र्दता अधिकतम 96 और न्यूनतम 55 प्रतिशत दर्ज की गई। बीएचयू के मौसम विभाग के डॉ. राजीव भाटला का कहना है कि पश्चिमी विक्षोभ के चलते दिल्ली और लखनऊ में हल्की बूंदाबांदी हुई है। इसका असर वाराणसी सहित पूर्वांचल में दो से तीन दिन में पहुंचेगा। 17-18 नवंबर को हल्की बारिश होने के आसार हैं। इसके बाद ठंड बढ़ेगी। अभी मौसम में उमस है। इसके चलते लोकल हीटिंग से भी बारिश हो सकती है। बारिश के बाद ठंड और कोहरा का प्रकोप बढ़ेगा। बुधवार की शाम को आसमान में बादल भी दिखे। इससे धान की फसल को लेकर किसानों की चिंता भी बढ़ गई है। बीएचयू के कृषि विज्ञान संस्थान के निदेशक प्रो. आरपी सिंह का कहना है कि गेहूं और चना के हिसाब से बारिश तो ठीक होगी लेकिन धान की फसल को अब मड़ाई करने का सीजन हैं। ऐसे में बारिश हो गई तो धान की फसल के लिए नुकसान होगा।
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