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लाखों खर्च के बाद भी रेलवे कॉलोनियां जलमग्न
Updated Wed, 02 Aug 2017 01:58 AM IST
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वाराणसी। उत्तर रेलवे की कॉलोनियों को जलजमाव से निजात दिलाने के लिए लाखों रुपये खर्च किए गए हैं लेकिन हालात सुधरने के बजाय बदतर होते जा रहे हैं। आलम यह है कि थोड़ी सी बारिश में सड़कें पानी में डूब जाती हैं और आवासों में पानी घुस जाता है। इसके चलते कई तमाम कर्मचारियों के परिवार कॉलोनी छोड़कर रिश्तेदारों के यहां रह रहे हैं।
बारिश के पहले रेल प्रशासन दावे करता रहा कि नालियों की सफाई की जा रही है। इस बार दिक्कत नहीं आएगी। नाले-नालियों की सफाई के नाम पर लाखों रुपये खर्च भी हो गए लेकिन बारिश शुरू होते ही सारे दावे फेल हो गए। उत्तर रेलवे की कॉलोनियों की हालत तो सबसे ज्यादा खराब है। एईएन कॉलोनी और पार्सल कॉलोनी बारिश होने पर जलमग्न हो जाती हैं। यहां के ज्यादातर आवासों में घुटनों तक पानी भर जाता है। गृहस्थी का सामान बर्बाद होने के साथ जहरीले जीव-जंतुओं का खतरा लोगों को सताता रहता है। बदबू और गंदगी के चलते रहना तो दूर, खाना-पीना तक मुश्किल हो जाता है। इन कॉलोनियों में पेयजल संकट भी गहरा गया है। नर्मू के मंडल अध्यक्ष राजेश सिंह और उर्मू के विंध्यवासिनी का कहना है कि रेल प्रशासन की लापरवाही के चलते बरसात के मौसम में सैकड़ों कर्मचारियों और उनके परिवारों को नारकीय जिंदगी जीनी पड़ती है। वहीं, उत्तर रेलवे के सीनियर डीईएन-3 आनंद कृष्ण ओझा का कहना है कि जीटी रोड पर बन रहे ओवरब्रिज के मलबे के चलते सीवर, नालियों जाम हैं। इनकी सफाई कराई जा रही है, जिसके लिए तीन पंप लगाए गए हैं।
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बारिश के पहले रेल प्रशासन दावे करता रहा कि नालियों की सफाई की जा रही है। इस बार दिक्कत नहीं आएगी। नाले-नालियों की सफाई के नाम पर लाखों रुपये खर्च भी हो गए लेकिन बारिश शुरू होते ही सारे दावे फेल हो गए। उत्तर रेलवे की कॉलोनियों की हालत तो सबसे ज्यादा खराब है। एईएन कॉलोनी और पार्सल कॉलोनी बारिश होने पर जलमग्न हो जाती हैं। यहां के ज्यादातर आवासों में घुटनों तक पानी भर जाता है। गृहस्थी का सामान बर्बाद होने के साथ जहरीले जीव-जंतुओं का खतरा लोगों को सताता रहता है। बदबू और गंदगी के चलते रहना तो दूर, खाना-पीना तक मुश्किल हो जाता है। इन कॉलोनियों में पेयजल संकट भी गहरा गया है। नर्मू के मंडल अध्यक्ष राजेश सिंह और उर्मू के विंध्यवासिनी का कहना है कि रेल प्रशासन की लापरवाही के चलते बरसात के मौसम में सैकड़ों कर्मचारियों और उनके परिवारों को नारकीय जिंदगी जीनी पड़ती है। वहीं, उत्तर रेलवे के सीनियर डीईएन-3 आनंद कृष्ण ओझा का कहना है कि जीटी रोड पर बन रहे ओवरब्रिज के मलबे के चलते सीवर, नालियों जाम हैं। इनकी सफाई कराई जा रही है, जिसके लिए तीन पंप लगाए गए हैं।
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