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एसटीपी के 18 फीट गहरे चेंबर में गश खाकर गिरे दो मजदूर
Updated Fri, 06 Jul 2018 02:12 AM IST
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चिरईगांव। निर्माणाधीन परियोजनाओं में सुरक्षा और संरक्षा के उपायों की अनदेखी का एक और गंभीर मामला सामने आया है। दीनापुर में निर्माणाधीन सीवेज ट्रीटमेंट प्लांट (एसटीपी) के 18 फीट गहरे चेंबर में गुरुवार को दो मजदूर गश खाकर गिर गए। गनीमत रही कि तत्काल उन्हें बाहर निकालकर अस्पताल पहुंचाया गया, जहां दोनों का उपचार चल रहा है। पता चला कि ऑक्सीजन की कमी और पेंट की तेज गंध से दोनों मजदूर अचेत हुए।
बिहार के छपरा निवासी मजदूर देवनाथ (40) और सुनील (24) गुरुवार की दोपहर निर्माणाधीन एसटीपी के 18 फीट गहरे चेंबर में पेंट लगा रहे थे। पेंट की गंध और आक्सीजन की कमी से सांस लेने में परेशानी होने पर दोनों चेंबर में ही बेहोश होकर गिर गए। कड़ी मशक्कत के बाद दोनों मजदूरों को बाहर निकाला गया। एक मजदूर को दीनदयाल अस्पताल और दूसरे को आशापुर स्थित निजी चिकित्सालय में भर्ती कराया गया है। इलाज के बाद दोनोें की स्थिति सामान्य है। हादसे से अन्य मजदूरों में भय का माहौल है। वहीं, इस बारे मेें कार्यदायी संस्था के प्रोजेक्ट मैनेजर प्रदीप सिंहल और जल निगम के अधिशासी अभियंता विवेक सिंह ने घटना की पुष्टि की। हालांकि यह दावा भी किया कि मॉस्क और बेल्ट मजदूरों को दिए गए थे। किन परिस्थितियों में यह घटना हुई, इसकी छानबीन की जाएगी।
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बिहार के छपरा निवासी मजदूर देवनाथ (40) और सुनील (24) गुरुवार की दोपहर निर्माणाधीन एसटीपी के 18 फीट गहरे चेंबर में पेंट लगा रहे थे। पेंट की गंध और आक्सीजन की कमी से सांस लेने में परेशानी होने पर दोनों चेंबर में ही बेहोश होकर गिर गए। कड़ी मशक्कत के बाद दोनों मजदूरों को बाहर निकाला गया। एक मजदूर को दीनदयाल अस्पताल और दूसरे को आशापुर स्थित निजी चिकित्सालय में भर्ती कराया गया है। इलाज के बाद दोनोें की स्थिति सामान्य है। हादसे से अन्य मजदूरों में भय का माहौल है। वहीं, इस बारे मेें कार्यदायी संस्था के प्रोजेक्ट मैनेजर प्रदीप सिंहल और जल निगम के अधिशासी अभियंता विवेक सिंह ने घटना की पुष्टि की। हालांकि यह दावा भी किया कि मॉस्क और बेल्ट मजदूरों को दिए गए थे। किन परिस्थितियों में यह घटना हुई, इसकी छानबीन की जाएगी।
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