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पढ़ाई कर सपने साकार करेगी वंदना
Updated Fri, 27 Oct 2017 01:42 AM IST
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वाराणसी। आर्थिक अभाव के चलते पढ़ाई बाधित होने से दुखी होकर डीएम पोर्टिको में आत्मदाह की कोशिश करने वाली वंदना के लिए आखिरकार जिला प्रशासन आगे आया है। गुरुवार को जिलाधिकारी योगेश्वर राम मिश्र ने अपने कार्यालय में वंदना से मुलाकात की। वादा किया कि रानी लक्ष्मीबाई महिला एवं बाल सम्मान कोष से वंदना की पढ़ाई की पूरी व्यवस्था जिला प्रशासन करेगा। उसके घर के नजदीक स्थित अवध इंटर कॉलेज में सोमवार तक 11वीं में दाखिले की प्रक्रिया पूरी कर ली जाएगी। इसके साथ ही वंदना को रेस्क्यू वैन से पुलिस और बाल संरक्षण अधिकारी के साथ काशीपुरा स्थित उसके घर भेज दिया गया।
डीएम पोर्टिको में बीते मंगलवार को वंदना ने खुद पर केरोसिन उड़ेल कर आत्मदाह की कोशिश की थी। उसका कहना था कि वह पढ़-लिखकर अपना भविष्य बनाना चाहती है लेकिन मां-बाप की गरीबी के कारण ऐसा संभव नहीं हो पा रहा है। आगे पढ़ने के लिए उसकी कोई मदद भी नहीं कर रहा जबकि वह हाईस्कूल की परीक्षा 73 प्रतिशत अंक के साथ उत्तीर्ण है। वंदना की आत्मदाह की कोशिश की जानकारी होने पर पुलिस उसे कचहरी चौकी ले गई और आशा ज्योति केंद्र में उसकी काउंसिलिंग कराई गई। गुरुवार को महिला स्वधार गृह से वंदना को बाल संरक्षण अधिकारी निरुपमा सिंह डीएम कार्यालय ले गईं।
डीएम ने वंदना की हौसलाअफजाई करते हुए कहा कि बेटी तुम मन लगाकर पढ़ो। तुम्हारी पढ़ाई में कोई बाधा नहीं आने दी जाएगी। बाल संरक्षण अधिकारी ने बताया कि सोमवार को वंदना के मां-बाप और मौसी से भी जिलाधिकारी मुलाकात करेंगे। वंदना के घर वालों को समझाया गया है कि यदि जबरन उसका विवाह करने की कोशिश की या उसे पढ़ने से रोका तो मुकदमा दर्ज कर उन्हें जेल भेजा जाएगा। उधर, डीएम से मुलाकात के बाद घर जा रही उत्साहित वंदना ने कहा कि अब उसकी पढ़ाई में कोई दिक्कत नहीं आएगी। वह विज्ञान वर्ग से इंटरमीडिएट की परीक्षा अच्छे नंबरों से उत्तीर्ण करेगी और फिर डॉक्टर बनने का अपना सपना पूरा करेगी।
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डीएम पोर्टिको में बीते मंगलवार को वंदना ने खुद पर केरोसिन उड़ेल कर आत्मदाह की कोशिश की थी। उसका कहना था कि वह पढ़-लिखकर अपना भविष्य बनाना चाहती है लेकिन मां-बाप की गरीबी के कारण ऐसा संभव नहीं हो पा रहा है। आगे पढ़ने के लिए उसकी कोई मदद भी नहीं कर रहा जबकि वह हाईस्कूल की परीक्षा 73 प्रतिशत अंक के साथ उत्तीर्ण है। वंदना की आत्मदाह की कोशिश की जानकारी होने पर पुलिस उसे कचहरी चौकी ले गई और आशा ज्योति केंद्र में उसकी काउंसिलिंग कराई गई। गुरुवार को महिला स्वधार गृह से वंदना को बाल संरक्षण अधिकारी निरुपमा सिंह डीएम कार्यालय ले गईं।
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डीएम ने वंदना की हौसलाअफजाई करते हुए कहा कि बेटी तुम मन लगाकर पढ़ो। तुम्हारी पढ़ाई में कोई बाधा नहीं आने दी जाएगी। बाल संरक्षण अधिकारी ने बताया कि सोमवार को वंदना के मां-बाप और मौसी से भी जिलाधिकारी मुलाकात करेंगे। वंदना के घर वालों को समझाया गया है कि यदि जबरन उसका विवाह करने की कोशिश की या उसे पढ़ने से रोका तो मुकदमा दर्ज कर उन्हें जेल भेजा जाएगा। उधर, डीएम से मुलाकात के बाद घर जा रही उत्साहित वंदना ने कहा कि अब उसकी पढ़ाई में कोई दिक्कत नहीं आएगी। वह विज्ञान वर्ग से इंटरमीडिएट की परीक्षा अच्छे नंबरों से उत्तीर्ण करेगी और फिर डॉक्टर बनने का अपना सपना पूरा करेगी।
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