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रोडवेज में है चालकों की कमीं
Updated Fri, 16 Jun 2017 01:07 AM IST
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जौनपुर। परिवहन विभाग चालकों की कमी से जूझ रहा है। यही कारण है कि चालकों को ओवर टाइम काम करना पड़ रहा है। जौनपुर रोडवेज को 200 चालकों की आवश्यकता है। जबकि इसके मुकाबले 62 चालक ही रोडवेज के पास हैं। ऐसी स्थितियाें में चालको को 15 से 20 घंटे काम करना पड़ रहा है।
रोडवेज चालकों के लिए नियम है कि साढे पांच घंटे से अधिक ड्यूटी उनसे न ली जाए। अगर वह इससे अधिक ड्यूटी करते हैं तो उन्हें चार घंटे के ओवर टाइम पर आधे घंटे का रेस्ट जरूरी है। लेकिन चालकों की कमी की वजह से जौनपुर आजमगढ, गोरखपुर, इलाहाबाद, वाराणसी, गाजीपुर, मऊ सहित पूरे पूर्वांचल में संकट खड़ा हो गया है। परिचालकों का पद तो संविदा पर भर लिया गया है लेकिन चालकों के पद पर भर्ती नही हो रही है। जिसकी वजह से चालकों को निर्धारित समय से अधिक समय तक ड्यूटियां करनी पड़ रही है। एआरएम किशोर नंदन चौधरी ने बताया कि चालकों कमी है जौनपुर में सिर्फ 62 चालक हैं जबकि आवश्यकता 200 की है। उन्होंने कहा कि इसके लिए उच्च अधिकारियों को पत्र लिखा गया है।
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रोडवेज चालकों के लिए नियम है कि साढे पांच घंटे से अधिक ड्यूटी उनसे न ली जाए। अगर वह इससे अधिक ड्यूटी करते हैं तो उन्हें चार घंटे के ओवर टाइम पर आधे घंटे का रेस्ट जरूरी है। लेकिन चालकों की कमी की वजह से जौनपुर आजमगढ, गोरखपुर, इलाहाबाद, वाराणसी, गाजीपुर, मऊ सहित पूरे पूर्वांचल में संकट खड़ा हो गया है। परिचालकों का पद तो संविदा पर भर लिया गया है लेकिन चालकों के पद पर भर्ती नही हो रही है। जिसकी वजह से चालकों को निर्धारित समय से अधिक समय तक ड्यूटियां करनी पड़ रही है। एआरएम किशोर नंदन चौधरी ने बताया कि चालकों कमी है जौनपुर में सिर्फ 62 चालक हैं जबकि आवश्यकता 200 की है। उन्होंने कहा कि इसके लिए उच्च अधिकारियों को पत्र लिखा गया है।
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