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Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Varanasi News ›   1200 brick kilns will be closed in Varanasi and Purvanchal district for Non-compliance with pollution control standards

पूर्वांचल में वाराणसी समेत पांच जिलों में बंद होंगे 1200 ईंट भट्ठे, ज्यादा प्रदूषण फैलाने के साथ कर रहे थे मनमानी

Sat, 24 Jul 2021 01:16 PM IST
गीतार्जुन गौतम न्यूज डेस्क, अमर उजाला, वाराणसी
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, वाराणसी Published by: गीतार्जुन गौतम Updated Sat, 24 Jul 2021 01:16 PM IST
सार

पांचों जिलों में 1200 ईंट भट्ठे मानकों के विपरीत मिले हैं। इनमें मनमाना खनन के साथ ही कोयला, लकड़ी जैसे प्राकृतिक संसाधनों का ज्यादा उपयोग किया जाता है।

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1200 brick kilns will be closed in Varanasi and Purvanchal district for Non-compliance with pollution control standards
ईंट भट्ठा। - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

प्रदूषण नियंत्रण मानकों का पालन नहीं करने वाले पूर्वांचल के 1200 ईंट-भट्ठे बंद होंगे। शासन ने ज्यादा कार्बन उत्सर्जन करने वाले पुराने पद्धति से चल रहे भट्ठों को बंद करने का आदेश जारी किया है। शासन के पत्र के बाद क्षेत्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड ने कार्रवाई शुरू कर दी है। अपर मुख्य सचिव मनोज सिंह की ओर से मानकों का पालन नहीं करने वाले भट्ठों को बंद करने के निर्देश जारी किए गए हैं।

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पुलिस आयुक्त, जिलाधिकारी और वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक को कार्रवाई के लिए पत्र भेजा है। उत्तर प्रदेश प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के मुख्य पर्यावरण अधिकारी ने बनारस के 270 भट्ठों समेत पांच जिलों के 1200 ईंट-भट्ठों की सूची जारी की है।
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दरअसल, एनजीटी के नियमों के मुताबिक, बनारस के 405 ईंट-भट्ठों में से केवल 135 ही मानक के अनुसार संचालन करते हैं। क्षेत्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड की ओर से शासन को भेजे रिपोर्ट में पांचों जिलों में 1200 ईंट भट्ठे मानकों के विपरीत मिले। इनमें मनमाना खनन के साथ ही कोयला, लकड़ी जैसे प्राकृतिक संसाधनों का ज्यादा उपयोग किया जाता है।

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इनके पास प्रदूषण नियंत्रण विभाग की एनओसी भी नहीं है। वाराणसी के 270, जौनपुर के 362, गाजीपुर के 299, चंदौली के 101 और भदोही के 168 ईंट-भट्ठे शामिल हैं। प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के क्षेत्रीय अधिकारी कालिका सिंह ने बताया कि सभी 270 भट्ठों को रजिस्टर्ड डाक से नोटिस भेजा गया है। अक्तूबर, नवंबर से सभी भट्ठों पर लीगल नोटिस भी चस्पा किया जाएगा। मानकों का पालन करने वालों को लीगल ओपिनियन के बाद मौका दिया जाएगा।

पीएनजी से चलेंगे ईंट-भट्ठे
शासन की मंशा है कि जो ईंट-भट्ठे संचालित होंगे, वह एनजीटी की गाइडलाइन के अनुसार नए मानकों पर होंगे। प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड को इन सभी मानकों का पालन सुनिश्चित कराने के बाद ही संचालन की अनुमति देनी होगी। अब सभी ईंट-भट्ठों को पीएनजी गैस से संचालित किया जाना है। बनारस में भी कुर्छ ईंट-भट्ठा मालिकों ने इसकी शुरुआत कर दी है। नई तकनीकी से चलने वाले ईंट-भट्ठों से पर्यावरण प्रदूषण कम होने के साथ ही प्राकृतिक संसाधनों का दोहन बंद हो जाएगा।

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