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स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद ने जारी किया हिंदू घोषणापत्र
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स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद ने जारी किया हिंदू घोषणापत्र
वाराणसी। ‘अगर नहीं बदला व्यवहार, अगली बार संतों की सरकार’ के उद्घोष के साथ स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद ने रविवार को केदारघाट स्थित श्रीविद्यामठ में हिंदू घोषणापत्र जारी किया। यह घोषणापत्र 21 अप्रैल को काशी में होने वाले संत समाज के सम्मेलन में पारित किया जाएगा।
सनातन धर्म के हित में बात करने वाली पार्टी को समर्थन देने की अपील करते हुए स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद ने रविवार को प्रेसवार्ता में कहा कि सनातन धर्म के लोगों का आदर इस देश में नहीं हो रहा है। सत्ता पर काबिज भाजपा और कांग्रेस पार्टी के घोषणापत्र में सनातनधर्मियों की कोई बात ही नहीं की गई है। सनातन धर्म की समस्याओं के बारे में न तो कोई बात कर रहा है। गोरक्षा पर सभी सनातन धर्म के लोग एक हैं, लेकिन राजनीतिक घोषणापत्र से यह मुद्दा गायब है। हिंदू घोषणापत्र को हर सनातन धर्मी तक पहुंचाया जाएगा। गो, गंगा और राम की बात करने वालों को ही वोट दिया जाएगा।
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वाराणसी। ‘अगर नहीं बदला व्यवहार, अगली बार संतों की सरकार’ के उद्घोष के साथ स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद ने रविवार को केदारघाट स्थित श्रीविद्यामठ में हिंदू घोषणापत्र जारी किया। यह घोषणापत्र 21 अप्रैल को काशी में होने वाले संत समाज के सम्मेलन में पारित किया जाएगा।
सनातन धर्म के हित में बात करने वाली पार्टी को समर्थन देने की अपील करते हुए स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद ने रविवार को प्रेसवार्ता में कहा कि सनातन धर्म के लोगों का आदर इस देश में नहीं हो रहा है। सत्ता पर काबिज भाजपा और कांग्रेस पार्टी के घोषणापत्र में सनातनधर्मियों की कोई बात ही नहीं की गई है। सनातन धर्म की समस्याओं के बारे में न तो कोई बात कर रहा है। गोरक्षा पर सभी सनातन धर्म के लोग एक हैं, लेकिन राजनीतिक घोषणापत्र से यह मुद्दा गायब है। हिंदू घोषणापत्र को हर सनातन धर्मी तक पहुंचाया जाएगा। गो, गंगा और राम की बात करने वालों को ही वोट दिया जाएगा।
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