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अवैध निर्माण कराने वालों की मदद के लिए आगे आए विधायक
Updated Thu, 14 Dec 2017 02:22 AM IST
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वाराणसी। वीडीए उपाध्यक्ष पुलकित खरे ने पूर्ववर्ती सपा सरकार के कद्दावर नेता के वरुणा किनारे स्थित होटल से कार्रवाई की शुरुआत कर शासन का संदेश और संकेत दोनों साफ कर दिया है। बावजूद इसके ग्रीन बेल्ट के अवैध निर्माणों के खिलाफ कार्रवाई के नाम पर राजनीति शुरू हो गई है। नदी की तलहटी तक में कब्जा जमाने वालों की पैरवी के लिए सत्तारूढ़ दल के एक विधायक ने जिम्मेदारी संभाल ली है। विधायक ने होटल कारोबारियों की मुलाकात मुख्यमंत्री से कराने के लिए भी हामी भरी है।
सूत्रों का दावा है कि अवैध निर्माणों में अधिकतर कमजोर वर्गों के होने का हवाला देते हुए शासन से रहम की गुजारिश की जाएगी जबकि अवैध निर्माण कराकर वरुणा को सबसे अधिक नुकसान पहुंचाने वालों में बड़े कारोबारी हैं। उल्लेखनीय है कि नदियों के संरक्षण को लेकर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ का रुख स्पष्ट रहा है। इसके साथ ही अवैध कब्जों के बारे में मुख्यमंत्री से लेकर शासन की ओर से समय-समय पर सख्त कार्रवाई की बात की जाती रही है।
दरअसल, पूर्ववर्ती सपा सरकार के एक करीबी नेता के दबाव में वरुणा नदी के किनारे अवैध निर्माणों पर कार्रवाई शुरू नहीं हो पाई थी। जिस होटल के अवैध निर्माण को वीडीए ने मंगलवार को ध्वस्त कर दिया है, उसे बचाने के लिए बनारस से लखनऊ तक एक कर दिया गया था। भाजपा की सरकार बनने पर नए सिरे से कार्रवाई की रणनीति बनाई गई। सबसे बड़े अवरोध को सबसे पहले तोड़कर वीडीए ने यह संदेश देने की कोशिश की कि वरुणा नदी को जीवित रखने के लिए ग्रीन बेल्ट में चिह्नित 762 अवैध निर्माणों पर एक समान कार्रवाई होगी।
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सूत्रों का दावा है कि अवैध निर्माणों में अधिकतर कमजोर वर्गों के होने का हवाला देते हुए शासन से रहम की गुजारिश की जाएगी जबकि अवैध निर्माण कराकर वरुणा को सबसे अधिक नुकसान पहुंचाने वालों में बड़े कारोबारी हैं। उल्लेखनीय है कि नदियों के संरक्षण को लेकर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ का रुख स्पष्ट रहा है। इसके साथ ही अवैध कब्जों के बारे में मुख्यमंत्री से लेकर शासन की ओर से समय-समय पर सख्त कार्रवाई की बात की जाती रही है।
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दरअसल, पूर्ववर्ती सपा सरकार के एक करीबी नेता के दबाव में वरुणा नदी के किनारे अवैध निर्माणों पर कार्रवाई शुरू नहीं हो पाई थी। जिस होटल के अवैध निर्माण को वीडीए ने मंगलवार को ध्वस्त कर दिया है, उसे बचाने के लिए बनारस से लखनऊ तक एक कर दिया गया था। भाजपा की सरकार बनने पर नए सिरे से कार्रवाई की रणनीति बनाई गई। सबसे बड़े अवरोध को सबसे पहले तोड़कर वीडीए ने यह संदेश देने की कोशिश की कि वरुणा नदी को जीवित रखने के लिए ग्रीन बेल्ट में चिह्नित 762 अवैध निर्माणों पर एक समान कार्रवाई होगी।
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