{"_id":"59b2fea94f1c1bee7f8b52b2","slug":"11504902825-varanasi-news","type":"story","status":"publish","title_hn":"आईएमएस में अब शिक्षकों की बायोमेट्रिक हाजिरी","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
आईएमएस में अब शिक्षकों की बायोमेट्रिक हाजिरी
Updated Sat, 09 Sep 2017 02:03 AM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
वाराणसी। बीएचयू आईएमएस में अब शिक्षकों को बायोमेट्रिक हाजिरी लगेगी। मेडिकल काउंसिल आफ इंडिया (एमसीआई) ने सभी सरकारी और निजी मेडिकल कॉलेजों के लिए यह व्यवस्था लागू की है। शिक्षकों के साथ ही बीएचयू के रेजीडेंट डॉक्टर भी इसके दायरे में आएंगे। इनके अंगूठे का निशान लिया जा चुका है। इस समय आईएमएस में 150 से अधिक शिक्षक और 300 से अधिक जूनियर डॉक्टर हैं। आईएमएस के डायरेक्टर प्रो. वीके शुक्ला का कहना है कि एमसीआई की नई व्यवस्था पर कार्रवाई शुरू हो गई है।
मेडिकल कॉलेजों में शिक्षक कक्षाएं लेने के साथ-साथ निर्धारित समयावधि में मरीजों का इलाज भी करते हैं। प्रदेश के सरकारी मेडिकल कॉलेजों में तो कुछ हद तक नियमों का पालन होता है लेकिन निजी मेडिकल कॉलेजों में शिक्षकों की उपस्थिति को लेकर एमसीआई के पास शिकायतें पहुंचती रहती हैं। कई कॉलेज तो ऐसे हैं जहां शिक्षकों की संख्या कागजों पर ही पर्याप्त रहती है। इसे देखते हुए एमसीआई ने इस साल से निजी के साथ-साथ सरकारी कॉलेजों में बायोमेट्रिक हाजिरी अनिवार्य कर दी है।
विज्ञापन
मेडिकल कॉलेजों में शिक्षक कक्षाएं लेने के साथ-साथ निर्धारित समयावधि में मरीजों का इलाज भी करते हैं। प्रदेश के सरकारी मेडिकल कॉलेजों में तो कुछ हद तक नियमों का पालन होता है लेकिन निजी मेडिकल कॉलेजों में शिक्षकों की उपस्थिति को लेकर एमसीआई के पास शिकायतें पहुंचती रहती हैं। कई कॉलेज तो ऐसे हैं जहां शिक्षकों की संख्या कागजों पर ही पर्याप्त रहती है। इसे देखते हुए एमसीआई ने इस साल से निजी के साथ-साथ सरकारी कॉलेजों में बायोमेट्रिक हाजिरी अनिवार्य कर दी है।
विज्ञापन