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महंगा होगा गैस से शवदाह
Updated Thu, 02 Aug 2018 02:44 AM IST
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वाराणसी। हरिश्चंद्र घाट पर लोगों को शवदाह में सहूलियत देने के लिए गेल ने गैस चलित शवदाह की व्यवस्था की है। लेकिन अब तक की टेस्टिंग के अनुसार शवदाह और महंगा होने की संभावना है। हालांकि नगर निगम ने कहा है कि बिजली के रेट से ज्यादा शवदाह की कीमत नहीं बढ़ाई जाएगी। जबकि गेल की टेस्टिंग में गैस अधिक लगने बात कही गई है।
लकड़ी को बचाने और प्रदूषण को कम करने के लिए नगर निगम ने हरिश्चंद्र घाट पर बिजली से चलने वाला शवदाह गृह बनवाया गया। लेकिन लोक मान्यता के अनुसार इस पर काफी कम लोग शवदाह करते थे। जबकि नगर निगम ने इस शवदाह का रेट 500 रुपये ही रखा था। इसके बाद गेल ने बिजली वाले को हटवाकर प्राकृतिक गैस से चलने वाले शवदाह गृह बनवाया। दावा किया गया कि यह सस्ता होगा और प्रदूषण भी कम होगा। गेल ने कुछ दिन पहले एक लावारिस शव को जलाकर परीक्षण किया। इसमें करीब 6 किग्रा गैस खर्च हुआ। गेल के अधिकारियों के अनुसार इस आधार पर कम से कम छह सौ और अधिकतम एक हजार रुपये तक रेट को रखा जा सकता है। इसको लेकर नगर निगम के अधिशासी अभियंता अजय राम ने कहा कि नगर निगम किसी भी हालत में 500 रुपये से ज्यादा कीमत नहीं रखने देगा। जबकि गेल के अधिकारी गौरीशंकर मिश्रा ने कहा कि अभी और टेस्टिंग की जाएगी। इसके बाद ही फाइनल बताया जा सकेगा। अभी नई मशीन है इसलिए प्रॉपर सेटिंग नहीं हो सकी है।
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लकड़ी को बचाने और प्रदूषण को कम करने के लिए नगर निगम ने हरिश्चंद्र घाट पर बिजली से चलने वाला शवदाह गृह बनवाया गया। लेकिन लोक मान्यता के अनुसार इस पर काफी कम लोग शवदाह करते थे। जबकि नगर निगम ने इस शवदाह का रेट 500 रुपये ही रखा था। इसके बाद गेल ने बिजली वाले को हटवाकर प्राकृतिक गैस से चलने वाले शवदाह गृह बनवाया। दावा किया गया कि यह सस्ता होगा और प्रदूषण भी कम होगा। गेल ने कुछ दिन पहले एक लावारिस शव को जलाकर परीक्षण किया। इसमें करीब 6 किग्रा गैस खर्च हुआ। गेल के अधिकारियों के अनुसार इस आधार पर कम से कम छह सौ और अधिकतम एक हजार रुपये तक रेट को रखा जा सकता है। इसको लेकर नगर निगम के अधिशासी अभियंता अजय राम ने कहा कि नगर निगम किसी भी हालत में 500 रुपये से ज्यादा कीमत नहीं रखने देगा। जबकि गेल के अधिकारी गौरीशंकर मिश्रा ने कहा कि अभी और टेस्टिंग की जाएगी। इसके बाद ही फाइनल बताया जा सकेगा। अभी नई मशीन है इसलिए प्रॉपर सेटिंग नहीं हो सकी है।
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