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अधिवेशन में छाया कर्मचारियों की कमी का मुद्दा
Updated Tue, 28 Nov 2017 02:06 AM IST
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वाराणसी। अखिल भारतीय रेल डाक सेवा एवं मेल मोटर सेवा तृतीय श्रेणी कर्मचारी संघ के अधिवेशन में कर्मचारियों की कमी का मुद्दा छाया रहा। इसके अलावा सुविधाओं की कमी पर भी पदाधिकारियों ने प्रमुखता से चर्चा करते हुए सरकार से इस पर तत्काल कार्रवाई की मांग की। अधिवेशन में संगठन की स्थिति, पूर्व में हुए आंदोलनों के बारे में भी आवाज बुलंद की गई।
छित्तूपुर स्थित कुशवाहा धर्मशाला में आयोजित 31वें अधिवेशन में जनरल सेकेट्री कामरेड गिरिराज सिंह आदि ने कहा कि रेल डाक सेवा में कर्मचारियों की भारी कमी है। किसी भी मंडल में पदों के सापेक्ष कर्मचारी पूरा न होने से समस्याओं का सामना करना पड़ रहा है। आउटसोर्सिंग पॉलिसी के संघ के विरोध के बाद अयोग्य और प्रशिक्षित आउट साइडर लगाकर कार्य कराना कर्मचारियों की बाध्यता बन गई है। सबसे ज्यादा ड्राइवर की कमी है, जिससे डाक ले जाने-ले आने में असुविधा हो रही है। अनुभागों में डाक भार देखते हुए परिमंडलीय प्रशासन पर दबाव बनाकर बरौनी से बाया गोरखपुर आनंद बिहार टर्मिनल तक चलने वाली वैशाली एक्सप्रेस में अनुभाग चलाने का प्रस्ताव दिया गया है, उस पर भी विचार होना चाहिए। इस दौरान अब्दुल हक, केजे सिंह, राजबली, बलिराम राम सहित कई लोग मौजूद रहे।
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छित्तूपुर स्थित कुशवाहा धर्मशाला में आयोजित 31वें अधिवेशन में जनरल सेकेट्री कामरेड गिरिराज सिंह आदि ने कहा कि रेल डाक सेवा में कर्मचारियों की भारी कमी है। किसी भी मंडल में पदों के सापेक्ष कर्मचारी पूरा न होने से समस्याओं का सामना करना पड़ रहा है। आउटसोर्सिंग पॉलिसी के संघ के विरोध के बाद अयोग्य और प्रशिक्षित आउट साइडर लगाकर कार्य कराना कर्मचारियों की बाध्यता बन गई है। सबसे ज्यादा ड्राइवर की कमी है, जिससे डाक ले जाने-ले आने में असुविधा हो रही है। अनुभागों में डाक भार देखते हुए परिमंडलीय प्रशासन पर दबाव बनाकर बरौनी से बाया गोरखपुर आनंद बिहार टर्मिनल तक चलने वाली वैशाली एक्सप्रेस में अनुभाग चलाने का प्रस्ताव दिया गया है, उस पर भी विचार होना चाहिए। इस दौरान अब्दुल हक, केजे सिंह, राजबली, बलिराम राम सहित कई लोग मौजूद रहे।
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