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लाल बहादुर शास्त्री की मौत के कारणों पर मंथन
Updated Tue, 27 Nov 2018 01:36 AM IST
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वाराणसी। बीएचयू कामधेनु सभागार में सोमवार को आयोजित व्याख्यान में लेखक अनुज धर द्वारा पूर्व प्रधानमंत्री लाल बहादुर शास्त्री की मौत और उसके पीछे के कारणों पर लिखी पुस्तक पर चर्चा की गई। इस दौरान अनुज ने योर प्राइम मिनिस्टर ईज डेड शीर्षक पर लिखी पुस्तक में शास्त्री की मौत से जुड़े विभिन्न पहलुओं का जिक्र किया।
काशी मंथन और इंडिक एकेडमी वाराणसी के संयुक्त तत्वावधान में आयोजित व्याख्यान में पुस्तक के बारे में अनुज ने बताया कि इसमें शास्त्री जी की मौत को लेकर संभावित अमेरिकी, रूसी एवं देश के भीतर के राजनीतिक क्षेत्रों से जुड़े अहम बिंदुओं को भी शामिल किया गया है। इसके अलावा शास्त्री की मौत की पृष्ठभूमि में भारत, अमेरिका एवं तत्कालीन सोवियत संघ के संबंधों पर भी अनुज ने चर्चा की। कार्यक्रम संयोजक और विश्वविद्यालय के संयुक्त कुलसचिव मयंक नारायण सिंह ने बताया कि अनुज इसके पहले सुभाषचंद्र बोस और उनके रहस्यमय तरीके से लापता होने के विषय पर भी पुस्तक लिख चुके हैं। बताया कि काशी मंथन का उद्देश्य आम लोगों को देश के सामरिक हितों को लेकर जागरूक करना है। कार्यक्रम का संचालन एवं धन्यवाद ज्ञापन डॉ. सुनील तिवारी दिया। इस दौरान अनुज धर को काशी मंथन संस्था की ओर से स्मृति चिह्न भेंटकर सम्मानित किया गया। छात्र अधिष्ठाता प्रो. एमके सिंह, शिखा सिंह, प्रो. डीसी राय, प्रो. टीपी चतुर्वेदी, वीके सिंह, पंकज सिंह, मोनिका गुप्ता आदि मौजूद रहे।
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काशी मंथन और इंडिक एकेडमी वाराणसी के संयुक्त तत्वावधान में आयोजित व्याख्यान में पुस्तक के बारे में अनुज ने बताया कि इसमें शास्त्री जी की मौत को लेकर संभावित अमेरिकी, रूसी एवं देश के भीतर के राजनीतिक क्षेत्रों से जुड़े अहम बिंदुओं को भी शामिल किया गया है। इसके अलावा शास्त्री की मौत की पृष्ठभूमि में भारत, अमेरिका एवं तत्कालीन सोवियत संघ के संबंधों पर भी अनुज ने चर्चा की। कार्यक्रम संयोजक और विश्वविद्यालय के संयुक्त कुलसचिव मयंक नारायण सिंह ने बताया कि अनुज इसके पहले सुभाषचंद्र बोस और उनके रहस्यमय तरीके से लापता होने के विषय पर भी पुस्तक लिख चुके हैं। बताया कि काशी मंथन का उद्देश्य आम लोगों को देश के सामरिक हितों को लेकर जागरूक करना है। कार्यक्रम का संचालन एवं धन्यवाद ज्ञापन डॉ. सुनील तिवारी दिया। इस दौरान अनुज धर को काशी मंथन संस्था की ओर से स्मृति चिह्न भेंटकर सम्मानित किया गया। छात्र अधिष्ठाता प्रो. एमके सिंह, शिखा सिंह, प्रो. डीसी राय, प्रो. टीपी चतुर्वेदी, वीके सिंह, पंकज सिंह, मोनिका गुप्ता आदि मौजूद रहे।
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