पंचायत अध्यक्ष पद के पक्ष में क्षेत्र पंचायत सदस्यों को धमकी व प्रलोभन देने के मामले में बृहस्पतिवार को पुलिस ने 10 आरोपियों को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया। पुलिस ने मामले में फर्जी नंबर प्लेट लगी तीन स्कार्पियों भी बरामद की है। पकड़े गए सभी आरोपी अजीत सिंह हत्याकांड के सह अभियुक्त प्रदीप कबूतरा से जुड़े बताए जा रहे हैं। एसपी सुधीर कुमार सिंह ने बताया कि तरवां थाना पुलिस को मुखबिर से सूचना मिली कि ब्लाक प्रमुख चुनाव के लिए अपने प्रत्याशी के पक्ष में बीडीसी को लामबंद करने, धमकाने व प्रलोभन देने की कवायद में तीन काले रंग की स्कार्पियों सवार दस लोग क्षेत्र में घूम कर रहे हैं। सूचना पर पुलिस मौके की तरफ रवाना हो गई। कबूतरा तिराहे के पास ही पुलिस टीम पहुंची थी कि सामने से तीन काले रंग की स्कार्पियों आती दिखाई दी। तीनों गाड़ियां कबूतरा की तरफ मुड़ गईं। पुलिस टीम भी पीछे लग गई और रुकने का इशारा किया। तीनों वाहन प्रदीप कबूतरा के घर की तरफ मुड़ गए और लोग भागने का प्रयास करने लगे लेकिन पुलिस ने घेराबंदी कर प्रदीप कबूतरा के घर के सामने से ही तीनों वाहनों में सवार दस लोगों को गिरफ्तार कर लिया। पकड़े गए लोगों में राणा प्रताप सिंह निवासी तिरसांवा थाना मेंहनगर, हृदय नरायण मिश्र निवासी चकदीना खां थाना सिधारी, संतोष कुमार सिंह निवासी सिरसा थाना चिरैयाकोट जिला मऊ, साहब पांडेय निवासी मैनुद्दीनपुर थाना जहानागंज, आशीष सिंह निवासी आशापार थाना जैतपुर जिला अंबेडकरनगर, अभिनव सिंह निवासी सुरजूपुर थाना जैतपुर जिला अंबेडकरनगर, रोहित कुमार निवासी जमुवां थाना तरवां, अजय सिंह निवासी जमुवां थाना तरवां, संदीप सिंह निवासी नदवां थाना तरवां, कैलाश सिंह निवासी नदवां थाना तरवां बताया। एक व्यक्ति मनोज सिंह पुत्र रामअवध निवासी कबूतरा मौके से भाग निकलने में सफल रहा। उसकी तलाश में पुलिस टीम जुटी हुई है। तीनों पकड़ी गई गाड़ियों पर फर्जी नंबर प्लेट लगा था।