उत्तर प्रदेश चुनाव: नहीं चल रहा प्रियंका का फॉर्मूला, कांग्रेस ही खड़ी कर रही खुशी दुबे की बहन नेहा के लिए दिक्कतें!
अमर उजाला से चर्चा में नेहा कहती हैं कि आज यह लड़ाई खुशी के साथ हुए अन्याय के खिलाफ चल रही हैं। अगर उसका साथ नहीं देंगे तो कैसे काम चलेगा। खुशी के सम्मान के लिए हर महिला और बेटी के सम्मान के लिए लड़ाई जारी है। मैं समाज में व्याप्त कुरीतियों से लड़ने आई हूं। मेरी छोटी बहन खुशी दुबे के साथ यूपी सरकार ने बहुत अन्याय किया है...
विस्तार
उत्तर प्रदेश के कानपुर शहर की एक विधानसभा सीट है कल्याणपुर। यह कानपुर से दिल्ली को जोड़ने वाली जीटी रोड पर करीब 15 किलोमीटर की दूरी पर है। लेकिन इन दिनों इस विधानसभा सीट पर दो ही लोगों की बड़ी चर्चा है। पहली तो नई नवेली कानपुर मेट्रो जिसे हाल ही में कुछ माह पहले शुरू किया गया है। दूसरी नेहा तिवारी की। एक माह पहले तक तो नेहा की कोई पहचान नहीं थी। अपनी बहन के घर में अपने दो बच्चों के साथ जिंदगी बिता रही थी। पहले तो कांग्रेस ने खुशी की मां गायत्री तिवारी को इस सीट से उम्मीदवार बनाया था, लेकिन मतदाता सूची में नाम न होने के बाद खुशी की बड़ी बहन नेहा तिवारी को प्रत्याशी बना दिया। अब दोनों मां बेटी अपनी छोटी बेटी खुशी दुबे के साथ हुए अन्याय के खिलाफ मैदान में हैं। दोनों जनता के बीच जाकर वोट मांग रही हैं। हालांकि नेहा के चुनावी मैनेजमेंट देख रहे लोग दबी जुबान में यह भी कहते हुए नजर आ रहे हैं, 'लड़की मेहनत तो बहुत कर रही है लेकिन कांग्रेस वाले ही उसे खुले दिल से समर्थन नहीं कर रहे हैं। इस सीट पर तो प्रियंका की थीम के मुताबिक फिलहाल लड़ाई होती नहीं दिख रही'।
अमर उजाला से चर्चा में नेहा कहती हैं कि आज यह लड़ाई खुशी के साथ हुए अन्याय के खिलाफ चल रही हैं। अगर उसका साथ नहीं देंगे तो कैसे काम चलेगा। खुशी के सम्मान के लिए हर महिला और बेटी के सम्मान के लिए लड़ाई जारी है। मैं समाज में व्याप्त कुरीतियों से लड़ने आई हूं। मेरी छोटी बहन खुशी दुबे के साथ यूपी सरकार ने बहुत अन्याय किया है, आज 18 माह पूरे हो गए हैं। अब तक जेल में बंद है। जबकि खुशी दुबे का पति अमर और विकास दुबे मामले में कोई रोल नहीं है। वो 17 की लड़की थी। वह तो यह तक नहीं जानती थी कि विकास दुबे कौन है। वह और उसका परिवार क्या काम करता है। जबरन शादी हुई इसके बाद दो दिन उसे घर में रहते हुए नहीं थे कि यह कांड हो गया। पुलिस ने उसे भी गिरफ्तार कर लिया। तब से लेकर अब तक वो जेल में है, इसमें उसकी कोई गलती नहीं है। खुशी के अलावा चार अन्य महिलाएं और एक छोटी बच्ची भी है। इन लोगों का भी कोई दोष नहीं है, फिर भी इन्हें जेल में रखा जा रहा है।
प्रचार और कांग्रेस पार्टी की अंदरूनी गुटबाजी के सवाल को लेकर नेहा कहती हैं कि सुबह से शाम तक वे प्रचार में जुटी रहती हैं। उनकी बड़ी बहन काव्या उनकी छह साल की बेटी और तीन साल के बेटे की देखभाल कर ही हैं। गुटबाजी जैसे कोई बात नहीं है। शुरू में कुछ लोगों की नाराजगी जरूरी थी, लेकिन अब सब कुछ ठीक हो गया है। हम एकजुट होकर इस सरकार के खिलाफ लड़ रहे हैं। प्रियंका गांधी और उनसे जुड़े लोग भी लगातार अपडेट लेते रहते हैं।
जेल में खून की उल्टियां कर रही है खुशी
खुशी दुबे की मां गायत्री देवी अमर उजाला से चर्चा में कहती हैं कि कांग्रेस पार्टी ने हमे अवसर दिया है, हम पूरी ताकत के साथ मैदान में हैं। लोगों का जनसमर्थन भी हमें मिल रहा है। विकास और अमर दुबे मामले में हमारी बेटी का क्या दोष जो उसे जेल में बंद कर रखा है। जबकि सरकार से लेकर कोर्ट तक में हम ये बता चुके हैं कि हम लोग तो केवल लड़का देखने गए थे। इसके बाद विकास दुबे के परिवार वालों ने जबरन हमारी बेटी खुशी के साथ उनके रिश्तेदार अमर से शादी करवा दी। इस शादी में हमारी कोई सहमति नहीं थी। खुशी भी नाबालिग थी। अगर शादी हमारी मर्जी से होती तो हम लोग भी होते। हमारे बच्चे या रिश्तेदार भी होते, लेकिन इस शादी में हमारे परिवार का कोई भी व्यक्ति शामिल नहीं था। आज 18 माह से वो जेल में बंद है। कुछ दिन पहले ही उसे कानपुर की जेल में शिफ्ट किया गया है। वह जेल में लगातार बीमार रहती है। आए दिन खून की उल्टियां कर रही है, लेकिन जेल प्रशासन और सरकार उस पर कोई ध्यान नहीं दे रही है। आखिरी बार हम लोग छह जनवरी को उससे जेल में मिले थे।
कांग्रेसी नहीं दिखा रहे उत्साह, प्रचार राम भरोसे
नेहा तिवारी का काम देख रहे वहां मौजूद कुछ कार्यकर्ताओं ने अमर उजाला से कहा कि कई स्थानीय नेताओं से आश्वासन तो मिला था लेकिन समर्थन दिखाई नहीं दे रहा है। जब नेहा को सपोर्ट नहीं करने की बात हाईकमान तक पहुंचाई गई तो इसके बाद कुछ नेता जरूर नेहा के समर्थन में आगे आए और बैठकें भी लीं। लेकिन अब फिर कोई स्थानीय नेता नेहा तिवारी के साथ नहीं आ रहा है। जबकि कुछ नेता तो पहले से ही आसपास की विधानसभाओं में अपनी टीम के साथ वहां के कांग्रेस उम्मीदवार को जिताने में लगे हुए हैं। महिला के दर्द को समझकर प्रियंका गांधी ने नेहा तिवारी को टिकट दिया था। अब प्रचार राम भरोसे चल रहा है।
प्रियंका की थीम के मुताबिक लड़ाई होती नहीं दिख रही
नेहा तिवारी के चुनावी कार्यालय में लोगों ने अमर उजाला से कहा कि प्रियंका जी की थीम के मुताबिक फिलहाल लड़ाई होती नहीं दिख रही। नेहा गरीब परिवार से हैं। उनके पास न गाड़ी है, न साधन है और न ही पैसा है। चुनाव सिर पर है लेकिन अभी कई दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। समाज के लोग तो नेहा तिवारी के साथ खड़े हैं लेकिन जो समर्थन कांग्रेस पार्टी के भीतर से नेहा को मिलना चाहिए वह नहीं मिल पा रहा है। शायद कांग्रेस की गुटबाजी हावी है। अगर कांग्रेसी अपना समर्थन दें तो ही लड़ाई आसान होगी। जनता बेटी मान कर चुनाव लड़ाना चाहती है। चुनाव में प्रचार प्रसार कैसे किया जाता है हम लोगों को मालूम नहीं। हम अपने स्तर पर प्रचार प्रसार कर रहे हैं। कुछ फंड भी कांग्रेस पार्टी ने दिया है। थोड़ा हम लोग अपने और समाज के स्तर पर कर रहे हैं।
यह कहता है सीट का समीकरण
कल्याणपुर विधानसभा सीट के सामाजिक समीकरणों की बात करें तो यहां हर जाति-वर्ग के लोग रहते हैं। इस सीट की गिनती उन सीटों में होती है जहां अन्य पिछड़ा वर्ग के मतदाताओं की तादाद अधिक है। इस विधानसभा क्षेत्र में सामान्य वर्ग के साथ ही दलित मतदाता भी सीट का चुनाव परिणाम निर्धारित करने में निर्णायक भूमिका निभाते रहे हैं।
कांग्रेस ने काफी पहले ही ये आश्वासन दिया था कि उनकी तरफ से खुशी दुबे की मां को कल्याणपुर सीट से उम्मीदवार बनाया जाएगा। कांग्रेस को पूरी उम्मीद थी कि चुनाव में बिकरु कांड को उठा योगी सरकार को भी घेरा जाएगा और वोट भी लिए जाएंगे। बाद में प्रियंका गांधी ने खुशी के परिवार से मुलाकात की थी और उनकी मां को चुनावी मैदान में उतारने का एलान किया था। लेकिन मां गायत्री देवी के नामांकन प्रक्रिया में कुछ दिक्कतों के चलते पेंच फंस गया। फिर कांग्रेस ने खुशी दुबे की बड़ी बहन नेहा तिवारी को कल्याणपुर से प्रत्याशी बना दिया गया।
बिकरु कांड की बात करें तो पुलिस ने कुख्यात विकास दुबे के खास आदमी अमर दुबे को पुलिस मुठभेड़ में मार गिराया था। अमर की कुछ दिन पहले ही खुशी से शादी हुई थी। बाद में उसकी पत्नी को भी आरोपी बनाकर जेल भेज दिया गया था। इस कार्रवाई पर खूब बवाल हुआ था और बसपा से लेकर कांग्रेस तक, सभी ने इसका विरोध किया था।