यूपीपीएससी भर्ती जांच: पूर्व अध्यक्ष अनिल यादव से भी होगी पूछताछ, पुख्ता तैयारी कर रही सीबीआई
उत्तर प्रदेश लोक सेवा आयोग (यूपीपीएससी) की भर्ती परीक्षाओं की जांच कर रही सीबीआई जल्द ही आयोग के पूर्व अध्यक्ष अनिल यादव से पूछताछ करेगी। इसके लिए सीबीआई की टीम सबूत जुटाकर प्रश्नावली तैयारी कर रही है। जांच में मिले सबूतों के आधार पर ही पूर्व अध्यक्ष से पूछताछ की जाएगी।
अनिल यादव अप्रैल 2013 से सितंबर 2015 तक आयोग के अध्यक्ष रहे। उनके ज्यादातर फैसले विवादित रहे और प्रतियोगियों के बड़े आंदोलनों की वजह भी बने। सीबीआई को शिकायत मिली है कि इनमें सबसे विवादित फैसला त्रिस्तरीय आरक्षण था, जिसे पीसीएस प्रारंभिक परीक्षा-2011 के आयोजित होने के बाद लागू किया गया था।
मुख्य परीक्षा में त्रिस्तरीय आरक्षण के विरोध में प्रतियोगियों ने न्यायालय की शरण ली थी और इसके बाद आयोग को त्रिस्तरीय आरक्षण व्यवस्था को निरस्त करते हुए मुख्य परीक्षा का परिणाम दोबारा जारी करना पड़ा था। दोबारा जारी परिणाम में 176 सफल अभ्यर्थी बाहर हो गए थे और मेरिट से बाहर 151 अभ्यर्थियों को सफल घोषित किया गया था। हालांकि, इन 151 अभ्यर्थियों में से किसी का अंतिम रूप से चयन नहीं हुआ था।
परीक्षाओं में गड़बड़ी से जुड़े अभिलेख जब्त
इसी तरह एपीएस-2010 की परीक्षा में पूर्व अध्यक्ष अनिल यादव का विवादित प्रस्ताव चर्चा में था। उनके कार्यकाल में प्रस्ताव पारित किया गया था कि परीक्षा के बाद भी अभ्यर्थियों से ट्रिपल-सी का सर्टिफिकेट लिया जा सकता है, जबकि यह नियम विरुद्ध था। इस प्रस्ताव के तहत परीक्षा के बाद भी अभ्यर्थियों से सर्टिफिकेट लेकर उनका चयन किया गया। प्रस्ताव की कॉपी अब सीबीआई के कब्जे में है।
इसी तरह के विवादित फैसलों के आधार पर सीबीआई सुबूत जुटा रही है। पीसीएस-2015 के चयनितों और आयोग के पूर्व एवं वर्तमान अफसरों से पूछताछ के दौरान भी सीबीआई को अहम सुराग मिले हैं। सूत्रों का कहना है कि इन्हीं सुबूतों के आधार सीबीआई अब पूर्व अध्यक्ष से पूछताछ करने की तैयारी में है।
सीबीआई का यूपीपीएससी में शनिवार को भी तलाशी अभियान जारी रहा। सीबीआई ने आयोग के आठ अनुभागों में छानबीन की। सूत्रों का कहना है कि सीबीआई टीम रविवार को भी नौवें अनुभाग में तलाशी अभियान जारी रखेगी। सूत्रों के मुताबिक शनिवार को तलाशी के दौरान सीबीआई को मॉडरेशन, स्केलिंग आदि से जुड़े कई ऐसे दस्तावेज मिले, जो परीक्षाओं में गड़बड़ी की ओर से साफ इशारा कर रहे हैं। सीबीआई ने यह दस्तावेज जब्त कर लिए हैं।