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फिर सामने आई यूपी पुलिस की क्रूर हकीकत

Sat, 26 Apr 2014 02:48 PM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, बेहट (सहारनपुर)
ब्यूरो/अमर उजाला, बेहट (सहारनपुर) Updated Sat, 26 Apr 2014 02:48 PM IST
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up police inhuman act

अमानवीय कृत्य कर घिरी मिर्जापुर पुलिस ने अपनी गर्दन बचाने के लिए गड्ढे में दबवाए शव को आधी रात में बाहर निकलवाया और फिर उसे पोस्टमार्टम के लिए भेजा। शव के पास से मिले सामान और कपड़ों के आधार पर अब पुलिस ने भी शव लापता किशोर दीपू का ही मान लिया है।

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शाहपुर बांस गांव के पास हरियाणा की सीमा वाले एक किसान के खेत में बृहस्पतिवार को सड़ी गली हालत में मिली थी। मृतक के सिर में चोट के निशान थे। ग्रामीणों की सूचना पर मौके पर पहुंची मिर्जापुर थाना पुलिस ने बिना शिनाख्त कराए ही जेसीबी बुलवाकर शव को उसी जगह गड्ढ़ा खुदवाकर दबवा दिया था।
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शव के पास से मिली पैंट, पांच रुपये के दो नये नोट और मोबाइल का टूटा हुआ कवर मिलने पर शाहपुर बांस का एक परिवार लाश की शिनाख्त अपने 14 वर्षीय नाती दीपू के रूप में कर रहा था।
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गड्ढा खुदवाकर पुलिस ने शव दबवाया

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आरोप है कि पुलिस ने उन्हें शिनाख्त नहीं करने दी और शव गड्ढा खुदवाकर दबवा दिया था। खाकी के इस बर्ताव ने सभी को झकझोर दिया। खबर फैलते ही गर्दन फंसती देख एसओ मिर्जापुर तीन वाहनों में फोर्स लेकर रात 11 बजे गांव पहुंचे।

पुलिस ने दीपू के ताऊ पिरथी को उसके घर से उठाया और रास्ते में मिले गांव के ही गुलाब सिंह को साथ जीप में बैठाकर रात के करीब डेढ़ बजे जंगल में उस गेहूं खेत में पहुंचे जिसमें शव दबाया था। पुलिस ने जेसीबी बुलवाई और गड्ढा दोबारा खुदवाकर लाश निकलवायी।

बकौल पिरथी उसने और गुलाब ने मिलकर शव को बाहर निकाला। पुलिस ने रात में ही पंचनामा भरा और उसे पोस्टमार्टम के लिए ले गई।

इंसानी लाश के साथ जानवर जैसा बर्ताव

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पुलिस ने इंसानी लाश को जानवरों की तरह गड्ढा खुदवाकर दबवा दिया। हैरत की बात यह है कि अंतिम संस्कार का यह कौन सा तरीका पुलिस ने अपनाया, मौके पर मौजूद लोगों ने पूछने की हिम्मत तक नहीं की। लोग सिर्फ तमाशा देखते रहे।

मिर्जापुर के एसओ नरेश चौहान का कहना है कि ग्रामीणों ने पुलिस के पहुंचने से पहले लाश को दबवा दिया था। जब लाश सात दिन पहले लापता दीपू की बताई गई तो उन्होंने उसे गड्ढे से बाहर निकलवाया और परिजनों की मौजूदगी में पोस्टमार्टम के लिए भेजा दिया।

लाश के पास से मिले सामान के आधार पर परिजन शव की शिनाख्त दीपू के रूप में कर रहे है।

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