{"_id":"021fd546-5f89-11e2-93f9-d4ae52bc57c2","slug":"up-govt-will-return-assistant-teacher-recruitment-fee-to-applicants","type":"story","status":"publish","title_hn":"टीचर भर्तीः पैसा वापसी के लिए भेजें रजिस्टर्ड लिफाफा","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
टीचर भर्तीः पैसा वापसी के लिए भेजें रजिस्टर्ड लिफाफा
सुरभि गुप्ता/इलाहाबाद
Updated Wed, 16 Jan 2013 08:31 AM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
सहायक अध्यापक भर्ती 2011 विज्ञापन के आधार पर आवेदन करने वाले लाखों आवेदकों के फीस का पैसा जल्द ही उनके घर पहुंचेगा। सभी आवेदकों के शुल्क वापस करने की प्रक्रिया शुरू हो गई है। शुल्क की धनराशि चेक के माध्यम से उनके घरों तक पहुंचेगी। इसके लिए आवेदकों को जिला शिक्षण एवं प्रशिक्षण संस्थान (डायट) में शुल्क वापसी से संबंधित साक्ष्य के साथ-साथ रजिस्टर्ड लिफाफा भी भेजना होगा।
विज्ञापन
आवेदकों की परेशानी को देखते हुए ‘अमर उजाला’ ने शासन के बड़े अधिकारियों से बातचीत कर 15 दिसंबर को ही यह खुलासा कर दिया था कि शासन शुल्क वापस करेगा। अब इसकी प्रक्रिया शुरू कर शासन ने एक कदम और बढ़ा दिया है।
विज्ञापन
रजिस्टर्ड लिफाफा
शुल्क वापसी के लिए आवेदकों को उन सभी जिलों के डायट में आवेदन करना होगा, जहां उन्होंने मूल बैंक ड्राफ्ट लगाया है। ड्राफ्ट और आवेदनपत्र की फोटोकॉपी समेत डायट द्वारा मांगे गए दस्तावेजों को उपलब्ध कराना होगा। क्रॉस चेकिंग के बाद आवेदकों को उनके दिए गए पते पर चेक के माध्यम से धनराशि भेजी जाएगी।
विज्ञापन
डायट प्राचार्य वीके पांडेय ने बताया कि प्रमाणपत्रों की फोटोकॉपी के साथ आवेदकों को रजिस्टर्ड लिफाफा भेजना होगा। इसी में उनकी शुल्क वापस का चेक भेजा जाएगा। आवेदक प्रमाणपत्र साधारण डाक द्वारा या फिर व्यक्तिगत रूप से इसे डायट में उपलब्ध करा सकते हैं। इसके लिए विज्ञापन भी जारी किया जाएगा।
सहायक अध्यापक भर्ती 2011 के विज्ञापन में आवेदकों को पांच जिलों के आवेदक की छूट दी गई थी। आवेदन के साथ 500-500 रुपये का बैंक ड्राफ्ट भी लगाना था। यानी साफ है कि ज्यादातर आवेदकों के 2500 रुपये फंसे हैं। शासन की पहल से अभ्यर्थियों को उनकी पुरानी रकम वापस मिलने की उम्मीद कई गुना बढ़ गई है।