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Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   UP Election 2022 What is Ghazwa-e-Hind Dream Will Not Succeed why CM Yogi Mentioning it

UP Election 2022: क्या होता है गजवा-ए-हिंद जिसका सपना पूरा नहीं होने की बात कर रहे योगी, क्या हैं इसके सियासी मायने?

Mon, 14 Feb 2022 06:06 PM IST
Jaidev Singh जयदेव सिंह
Updated Mon, 14 Feb 2022 06:06 PM IST
सार

योगी आदित्यनाथ ने ट्वीट किया, ‘'गजवा-ए-हिन्द' का सपना देखने वाले 'तालिबानी सोच' के 'मजहबी उन्मादी' यह बात गांठ बांध लें, वो रहें या न रहें, भारत शरीयत के हिसाब से नहीं, संविधान के हिसाब से ही चलेगा। जय श्री राम!’
 

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UP Election 2022 What is Ghazwa-e-Hind Dream Will Not Succeed why CM Yogi Mentioning it
योगी आदित्यनाथ। - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

उत्तर प्रदेश में दूसरे चरण का मतदान जारी है। इस बीच मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के एक बयान पर बवाल शुरू हो गया है। योगी ने एक इंटरव्यू में कहा कि गजवा-ए-हिंद का सपना कयामत तक साकार नहीं होगा। योगी के इस बयान को विपक्ष ध्रुवीकरण की कोशिश बता रहा है। आखिर ये गजवा-ए-हिंद क्या होता है? योगी ने अपने बयान में क्या कहा है? इसके सियासी मयाने क्या हैं? आइये समझते हैं… 
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गजवा-ए-हिंद पर योगी ने सोशल मीडिया पर क्या कहा?
दूसरे चरण के मतदान से पहले रविवार को योगी आदित्यनाथ ने ट्वीट किया, ‘'गजवा-ए-हिन्द' का सपना देखने वाले 'तालिबानी सोच' के 'मजहबी उन्मादी' यह बात गांठ बांध लें, वो रहें या न रहें, भारत शरीयत के हिसाब से नहीं, संविधान के हिसाब से ही चलेगा। जय श्री राम!’
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योगी ने इंटरव्यू में क्या कहा?
सोमवार को न्यूज एजेंसी एएनआई को दिए अपने इंटरव्यू में योगी ने कहा कि नए भारत में विकास सबका होगा, लेकिन तुष्टीकरण किसी का नहीं। सरकार सबका साथ, सबका विकास की भावना के साथ कार्य कर रही है। नया भारत संविधान के अनुरूप चलेगा, शरीयत के अनुरूप नहीं। मैं स्पष्टता से कह सकता हूं कि गजवा-ए-हिंद का सपना कयामत के दिन तक भी साकार नहीं होगा। 

क्या होता है गजवा-ए-हिंद?
गजवा-ए-हिंद पुराना शब्द है। इसमें ‘गजवा’ का मतलब उस जंग से था, जो इस्लाम के विस्तार के लिए लड़ी जाती थी। यानी, ‘गजवा-ए-हिन्द’ के मायने ऐसी जंग से हैं, जिसके जरिए भारतीय उपमहाद्वीप के लोगों को इस्लाम में शामिल किया जा सके। जानकार बताते हैं कि जब इस्लाम को भारत वर्ष में विस्तार देने की कोशिश हुई थी, तब इस शब्द का इस्तेमाल हुआ था।
 
विपक्ष का इस पर क्या कहना है?
सपा नेता इमरान मसूद ने कहा कि भाजपा के पास कोई मुद्दे नहीं हैं। ये उनकी हताशा और निराशा है। देश संविधान से चल रहा है, संविधान से ही चलेगा। संविधान की वजह से ही योगी संवैधानिक पद पर बैठे हैं। वहीं, कांग्रेस के सुरेंद्र राजपूत ने कहा कि चुनाव में हार के डर से हताश-निराश भाजपा और योगी आदित्यनाथ उत्तर प्रदेश के चुनाव को सांप्रदायिक रंग देने का प्रयास कर रहे हैं।


गजवा-ए-हिंद पर क्या कोई बड़ा बयान आया?
मौजूदा दौर में अब तक किसी भी मुस्लिम नेता ने गजवा-ए-हिंद के बारे में कोई बयान नहीं दिया है, न ही किसी मुस्लिम धर्मगुरु की इस पर टिप्पणी आई है। सुरक्षा एजेंसियों की खुफिया रिपोर्ट्स में आतंकियों की साजिश के संदर्भ में ही इस शब्द का इस्तेमाल किया गया है। 

वीडियो संदेश में भी ऐसा ही कुछ बोले थे योगी
पहले चरण के मतदान से एक दिन पहले योगी आदित्यनाथ ने एक वीडियो संदेश ट्वीट करके कहा था, 'यदि गलती की तो कश्मीर, केरल और बंगाल बन जाएगा यूपी।' 

करीब छह मिनट के वीडियो संदेश में योगी ने कहा, 'जिन दंगाइयों और आतताइयों पर अंकुश लगा है, वो सब अब मचल रहे हैं। आतंकी बार-बार धमका रहे हैं कि जरा सरकार आने दीजिए। सावधान रहिए, आप चूके तो पांच साल की मेहनत पर पानी फिर जाएगा। इस बार उत्तर प्रदेश को कश्मीर, बंगाल और केरल बनते देर नहीं लगेगी। आपका वोट मेरे पांच वर्ष की तपस्या पर आपका आशीर्वाद तो है ही। यह भी ध्यान रहे कि ये वोट आने वाले वर्षों में आपके भयमुक्त जीवन की गारंटी भी बनेगा। जय-जय श्री राम'।
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