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UP Election 2022 : चुनाव में क्या मुद्दे होंगे, बदायूं के युवाओं ने खुलकर की बात, पढ़िए क्या-क्या बोले?
Mon, 15 Nov 2021 02:52 PM IST
हिमांशु मिश्रा
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, बदायूं
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, बदायूं
Published by: हिमांशु मिश्रा
Updated Mon, 15 Nov 2021 02:52 PM IST
सार
गाजियाबाद, मुरादाबाद, अमरोहा, रामपुर, बरेली के बाद 'अमर उजाला' का चुनावी रथ 'सत्ता का संग्राम' बदायूं में युवाओं के बीच पहुंचा। यहां पहली बार वोट डालने जा रहे युवाओं ने चुनावी मुद्दों पर खुलकर चर्चा की। खुद के मुद्दे बताए और अपने शहर की सबसे बड़ी समस्या से भी रूबरू कराया।
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चुनावी चर्चा में अपनी बात रखते हुए बदायूं की छात्रा।
- फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
'अमर उजाला' के चुनावी रथ 'सत्ता का संग्राम' में बदायूं के युवाओं ने सड़क, शिक्षा व्यवस्था, रोजगार और स्वच्छता का मुद्दा उठाया। लगभग सभी युवाओं ने कि शहर में सड़कों की हालत बहुत खराब है। अच्छी उच्च शिक्षा के लिए यहां कोई विशेष शिक्षण संस्थान नहीं है। रोजगार के लिए भी उचित व्यवस्था नहीं है। हर जगह गंदगी फैली रहती है। हालांकि, कुछ युवाओं ने कहा कि इन सबमें पहले के मुकाबले काफी बदलाव आया है। पढ़िए किसने क्या कहा?
सबसे बड़ी समस्या क्या है?
छात्र रोहित चौहान, कबीर, शिवम यादव ने खराब सड़कों का मुद्दा उठाया। कहा कि बदायूं की सड़कें खराब हैं। जैसे दूसरे बड़े शहरों का विकास हो रहा है, वैसा ही बदायूं का भी होना चाहिए। छात्र शिवम यादव ने भी खराब सड़कों का मुद्दा उठाया। कहा कि शहर में गंदगी भी बहुत ज्यादा होती है। बीएससी के छात्र कबीर ने कहा कि सड़कें कमजोर बनाई जाती हैं, जो एक बारिश में ही खराब हो जाती हैं।
शिक्षा व्यवस्था पर क्या बोले?
ज्यादातर छात्रों ने कहा कि पहले के मुकाबले शिक्षा व्यवस्था बेहतर हुई है। हालांकि, इसमें अभी और काम करने की जरूरत है। युवाओं ने उच्च शिक्षा के लिए अच्छे शिक्षण संस्थान और कोचिंग संस्थान की मांग की।
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छात्र कवित यादव ने कहा कि उच्च शिक्षा के लिए कोई व्यवस्था नहीं है। एक मेडिकल कॉलेज है, लेकिन वो भी पूरा नहीं बन पाया है। छात्र अर्जुन सिंह ने कहा कि यहां प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी के लिए यहां कोई कोचिंग नहीं है। कोटा, प्रयागराज, दिल्ली की तरह बदायूं की भी अपनी अलग पहचान होनी चाहिए। चाहे वह किसी भी क्षेत्र में बने।
छात्राओं ने क्या मुद्दे उठाए?
एमए की छात्रा अनुराधा पाल ने कहा कि ऐतिहासिक दृष्टि से बदायूं काफी प्रसिद्ध रहा है। यहां वेदों की पढ़ाई होती थी। अब इसे कोई नहीं पहचानता है। यहां रजिया सुल्तान का जन्म हुआ था। ऐतिहासिक तौर पर बदायूं को पहचान मिलनी चाहिए। इसके लिए सरकार और हम सभी को प्रयास करने होंगे। अनुराधा ने कहा पहले के मुकाबले काफी बेहतर माहौल हुआ है। सरकार ने कई अच्छे काम किए हैं।
बीकॉम की छात्रा अर्शी ने कहा कि बेटियां अब पढ़ाई के लिए घरों से निकलने लगी हैं। असुरक्षा का भाव नहीं होता है। ज्यादातर लड़कियों ने खुद को सुरक्षित बताया। छात्रा गुलनाग ने कहा कि मौजूदा सरकार में कोई काम नहीं हुआ है। छात्रा आरिया ने कहा कि नोटबंदी, जीएसटी और लॉकडाउन से लोगों को काफी परेशानी हुई।
कैसे नेता को चुनेंगे युवा ?
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सबसे बड़ी समस्या क्या है?
छात्र रोहित चौहान, कबीर, शिवम यादव ने खराब सड़कों का मुद्दा उठाया। कहा कि बदायूं की सड़कें खराब हैं। जैसे दूसरे बड़े शहरों का विकास हो रहा है, वैसा ही बदायूं का भी होना चाहिए। छात्र शिवम यादव ने भी खराब सड़कों का मुद्दा उठाया। कहा कि शहर में गंदगी भी बहुत ज्यादा होती है। बीएससी के छात्र कबीर ने कहा कि सड़कें कमजोर बनाई जाती हैं, जो एक बारिश में ही खराब हो जाती हैं।
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शिक्षा व्यवस्था पर क्या बोले?
ज्यादातर छात्रों ने कहा कि पहले के मुकाबले शिक्षा व्यवस्था बेहतर हुई है। हालांकि, इसमें अभी और काम करने की जरूरत है। युवाओं ने उच्च शिक्षा के लिए अच्छे शिक्षण संस्थान और कोचिंग संस्थान की मांग की।
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छात्र कवित यादव ने कहा कि उच्च शिक्षा के लिए कोई व्यवस्था नहीं है। एक मेडिकल कॉलेज है, लेकिन वो भी पूरा नहीं बन पाया है। छात्र अर्जुन सिंह ने कहा कि यहां प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी के लिए यहां कोई कोचिंग नहीं है। कोटा, प्रयागराज, दिल्ली की तरह बदायूं की भी अपनी अलग पहचान होनी चाहिए। चाहे वह किसी भी क्षेत्र में बने।
छात्राओं ने क्या मुद्दे उठाए?
एमए की छात्रा अनुराधा पाल ने कहा कि ऐतिहासिक दृष्टि से बदायूं काफी प्रसिद्ध रहा है। यहां वेदों की पढ़ाई होती थी। अब इसे कोई नहीं पहचानता है। यहां रजिया सुल्तान का जन्म हुआ था। ऐतिहासिक तौर पर बदायूं को पहचान मिलनी चाहिए। इसके लिए सरकार और हम सभी को प्रयास करने होंगे। अनुराधा ने कहा पहले के मुकाबले काफी बेहतर माहौल हुआ है। सरकार ने कई अच्छे काम किए हैं।
बीकॉम की छात्रा अर्शी ने कहा कि बेटियां अब पढ़ाई के लिए घरों से निकलने लगी हैं। असुरक्षा का भाव नहीं होता है। ज्यादातर लड़कियों ने खुद को सुरक्षित बताया। छात्रा गुलनाग ने कहा कि मौजूदा सरकार में कोई काम नहीं हुआ है। छात्रा आरिया ने कहा कि नोटबंदी, जीएसटी और लॉकडाउन से लोगों को काफी परेशानी हुई।
कैसे नेता को चुनेंगे युवा ?
- बीए के छात्र अतुल कुमार ने कहा कि अच्छे नेता को ही वोट देंगे। ऐसा नेता चुनेंगे जो हमारे लिए काम करे। खराब सड़कों, नालियों को ठीक करवाए। साफ-सफाई की व्यवस्था ठीक रखे।
- एमए के छात्र सुबोध कुमार ने कहा कि रोजगार के मौके उपलब्ध कराने वाले नेता को चुनेंगे।
- बीए के छात्र कुणाल ने कहा कि हम ऐसे नेता को वोट देंगे जो शहर के बारे में सोचे। शिक्षा व्यवस्था में सुधार लाएगा।