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Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   UP Election 2022: BJP' targeting four crore votes, claimed to win with the help of Shakti Kendra and Panna Pramukhs

मिशन उत्तर प्रदेश: भाजपा का चार करोड़ वोट हासिल करने का लक्ष्य, शक्ति केंद्र और पन्ना प्रमुखों के सहारे जीतने की कोशिश

Thu, 09 Sep 2021 05:38 PM IST
Amit Sharma Digital अमित शर्मा
Updated Thu, 09 Sep 2021 05:38 PM IST
सार

उत्तर प्रदेश के भूतपूर्व मुख्यमंत्री कल्याण सिंह की मृत्यु के कारण पार्टी का चुनावी कामकाज लगभग एक हफ्ते प्रभावित रहा। अब वह तेजी के साथ चुनावी मोड में आगे बढ़ने जा रही है। 10 सितंबर से ही सभी मंडलों की समीक्षा का कामकाज शुरू कर दिया जाएगा। पार्टी 11 सितंबर से बूथ विजय अभियान चलाने जा रही है...

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UP Election 2022: BJP' targeting four crore votes, claimed to win with the help of Shakti Kendra and Panna Pramukhs
भाजपा - फोटो : अमर उजाला (फाइल फोटो)

विस्तार

वर्ष 2017 के उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव में भाजपा को 3.44 करोड़ पॉपुलर वोट मिले थे। किसान आंदोलन, महंगाई, ब्राह्मणों की तथाकथित नाराजगी और विपक्षी दलों से कमजोर तालमेल जैसे तमाम समीकरणों के बीच भाजपा इस विधानसभा चुनाव में चार करोड़ से ज्यादा पॉपुलर वोट पाने का लक्ष्य लेकर चुनावी मैदान में उतरेगी। इसके लिए पन्ना प्रमुखों से लेकर उच्च स्तर के कार्यकर्ताओं को सक्रिय मोड में लाया जाएगा। पार्टी का दावा है कि वह समाज के सभी समीकरणों को साधते हुए सरकार के काम के आधार पर यह लक्ष्य हासिल करने में कामयाब रहेगी।

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उत्तर प्रदेश भाजपा का दावा है कि उसके पास प्रदेश में दो करोड़ सक्रिय सदस्य हैं। पार्टी की कोशिश है कि वह चुनाव के पहले अपने इन्हीं दो करोड़ कार्यकर्ताओं तक पहुंचे और उन्हें उनकी योग्यता के अनुसार चुनावी भूमिका से जोड़े। कार्यकर्ताओं को पन्ना प्रमुख से लेकर बूथ संयोजक तक की भूमिका में कहीं भी लगाए और उनसे उनके क्षेत्र में आने वाले सभी वोटरों का वोट डालना सुनिश्चित कराए। अगर वह अपने सभी दो करोड़ कार्यकर्ताओं को चुनाव से जोड़ने में सफल हो जाती है तो चार करोड़ वोट हासिल करने का लक्ष्य पाना मुश्किल नहीं होगा।
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उत्तर प्रदेश भाजपा के शीर्ष नेता संजय चौधरी ने अमर उजाला से कहा कि भाजपा का लक्ष्य समाज के सभी वर्गों को साथ लेकर अपना सामाजिक आधार बढ़ाने का है। प्रबुद्ध वर्ग जैसे सम्मेलनों के जरिए वह केवल ब्राह्मणों को ही अपने साथ जोड़ने की कोशिश नहीं कर रही है, बल्कि किसी भी प्रोफेशनल वर्ग के लोगों के बीच पार्टी की विचारधारा की स्वीकार्यता बढ़ाना पार्टी का लक्ष्य है।

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पार्टी की रणनीतिक सोच प्रभारियों की नियुक्ति में भी साफ दिखाई पड़ रही है। प्रभारियों की नियुक्ति में केवल समाजिक समीकरणों का ही ध्यान नहीं रखा गया है, बल्कि युवा और प्रोफेशनल लोगों को पार्टी में बढ़ावा देने की रणनीति भी साफ दिखाई पड़ रही है। धर्मेंद्र प्रधान के रूप में पार्टी ने ओबीसी समुदाय को आगे रखने की नीति को मजबूती से आगे बढ़ाया है, तो सरोज पांडेय और अनुराग ठाकुर को प्रमुखता देकर सवर्णों को भी संदेश देने की कोशिश की है।

आगे के कार्यक्रम तय

उत्तर प्रदेश के भूतपूर्व मुख्यमंत्री कल्याण सिंह की मृत्यु के कारण पार्टी का चुनावी कामकाज लगभग एक हफ्ते प्रभावित रहा। अब वह तेजी के साथ चुनावी मोड में आगे बढ़ने जा रही है। 10 सितंबर से ही सभी मंडलों की समीक्षा का कामकाज शुरू कर दिया जाएगा। पार्टी 11 सितंबर से बूथ विजय अभियान चलाने जा रही है। इसी दिन पन्ना प्रमुखों का एक बड़ा सम्मेलन करने की तैयारी है, जिसे पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष जेपी नड्डा संबोधित करेंगे। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ और उपमुख्यमंत्री दिनेश शर्मा और केशव प्रसाद मौर्या इसमें शामिल हो सकते हैं।

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