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Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   UP Assembly Election 2022: Is BJP on Backfoot in Uttar Pradesh as Several MLA Left the Party News Updates in Hindi

UP Election 2022 : क्या विधायकों के भाजपा छोड़ने के बाद यूपी का चुनाव 50/50 हो गया या अभी खेला होना बाकी है? 

Tue, 11 Jan 2022 07:32 PM IST
Himanshu Mishra हिमांशु मिश्रा
Updated Tue, 11 Jan 2022 07:32 PM IST
सार

UP Election 2022 : योगी सरकार में कैबिनेट मंत्री रहे स्वामी प्रसाद मौर्या समेत आठ विधायक अब तक भारतीय जनता पार्टी का दामन छोड़ चुके हैं। इनमें से ज्यादातर ने समाजवादी पार्टी की साइकिल पर सवारी शुरू कर दी है। 

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UP Assembly Election 2022: Is BJP on Backfoot in Uttar Pradesh as Several MLA Left the Party News Updates in Hindi
अखिलेश यादव और योगी आदित्यनाथ - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

दिल्ली में मंगलवार को जिस वक्त भारतीय जनता पार्टी के मुख्यालय पर केंद्रीय चुनाव समिति की बैठक चल रही थी, उसी समय मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के विधायकों के बीच भगदड़ मची थी। 
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योगी सरकार में कैबिनेट मंत्री रहे स्वामी प्रसाद मौर्य ने पद और पार्टी से इस्तीफा दिया तो उनके साथ तीन अन्य विधायक भी भाजपा से निकल लिए। चार विधायक पहले ही पार्टी छोड़ चुके हैं। इस तरह से कुल आठ विधायक अब तक भाजपा छोड़ चुके हैं। चुनाव की तिथियों के एलान के बाद अचानक हुए इस उलटफेर के बाद चर्चा शुरू हो गई है कि योगी आदित्यनाथ जिस मुकाबले को 80/20 मानकर चल रहे थे क्या वह अब 50/50 का हो चला है? या अब भी खेला होना बाकी है..? 
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पहले जान लीजिए अचानक दल क्यों बदल रहे नेता?
उत्तर प्रदेश में सात चरणों में चुनाव होंगे। 10 फरवरी को पहले फेज में मतदान होना है। आमतौर पर भाजपा, सपा और कांग्रेस फेज वाइज ही अपने प्रत्याशियों का एलान करती हैं। मतलब जिस फेज में पहले मतदान है, वहां के उम्मीदवार पहले घोषित होते हैं। इस बार भी पहले और दूसरे फेज के लिए उम्मीदवारों के नामों पर सभी पार्टियों में मंथन शुरू हो चुका है। पिछले साल नवंबर में एक रिपोर्ट आई थी, जिसमें दावा किया गया था भाजपा अपने 100 से 150 विधायकों के टिकट काटेगी। भाजपा के एक वरिष्ठ नेता का कहना है, 'ये वे विधायक होंगे, जिनकी छवि उनके क्षेत्र में अच्छी नहीं है। जिन विधायकों ने पांच साल जनता के लिए काम नहीं किया। उनके टिकट जरूर काटे जाएंगे।'
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मतलब साफ है कि इनमें से ज्यादातर विधायक दूसरी जगह अपनी जमीन तलाशेंगे। जिन विधायकों को एहसास हो गया है कि उनके टिकट कट जाएंगे, वे अभी से दूसरी पार्टी में जाना शुरू कर चुके हैं। इसी तरह समाजवादी पार्टी के नेता, जिन्हें लगता है कि किसी बाहरी के आने से उन्हें टिकट नहीं मिलेगा, वे बसपा, कांग्रेस और भाजपा का दामन थाम रहे हैं। पिछले छह महीने में कांग्रेस के भी 10 पुराने और दिग्गज नेता साथ छोड़ चुके हैं। 






योगी ने क्यों कहा था यह मुकाबला 80/20 है?
एक टीवी चैनल के इंटरव्यू में योगी ने इस बार का मुकाबला 80/20 का बताया था। योगी आदित्यनाथ ने कहा था, 'यह चुनाव 80/20 जाएगा। 10 मार्च को जब नतीजे आएंगे, तब एक तरफ भारतीय जनता पार्टी होगी, जो तीन चौथाई से अधिक सीटों को पार करके प्रचंड बहुमत की सरकार बना रही होगी। दूसरी तरफ कांग्रेस, बसपा और सपा सभी 20 प्रतिशत के लिए माथापच्ची कर रहे होंगे।' 

क्या अब मुकाबला 50/50 का हो गया?   
राजनीतिक विश्लेषक प्रो. एमपी सिंह कहते हैं, 'वैसे राजनीति में हमेशा मुकाबला 50/50 का ही होता है। मतलब राजनीति कब किस ओर करवट ले ले, इसकी जानकारी किसी को नहीं होती है। चुनाव के नजदीक आते ही भाजपा छोड़ने वाले कई नेता पिछड़े वर्ग से ताल्लुक रखते हैं। इन्हीं के सहारे 2017 में योगी सरकार ने पूर्ण बहुमत हासिल किया था। अगर ध्रुवीकरण नहीं हुआ तो जाति के आधार पर वोट पड़ेंगे और ऐसे में यह मुकाबला वाकई में 50/50 का हो जाएगा।
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