{"_id":"61a737baef825f501826a6d8","slug":"up-assembly-election-2022-bulandshahr-aadhi-aabadi-ki-baat-coverage-news-updates-in-hindi","type":"feature-story","status":"publish","title_hn":"UP Election 2022 : बुलंदशहर की महिलाओं ने बुलंद तरीके से मुद्दे उठाए, योगी-मोदी सरकार के लिए कही ये बड़ी बात","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
UP Election 2022 : बुलंदशहर की महिलाओं ने बुलंद तरीके से मुद्दे उठाए, योगी-मोदी सरकार के लिए कही ये बड़ी बात
Wed, 01 Dec 2021 02:22 PM IST
हिमांशु मिश्रा
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, बुलंदशहर
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, बुलंदशहर
Published by: हिमांशु मिश्रा
Updated Wed, 01 Dec 2021 02:22 PM IST
सार
चाय पर चर्चा के बाद 'अमर उजाला' का चुनावी रथ 'सत्ता का संग्राम' बुलंदशहर की महिलाओं के बीच पहुंचा। महिलाओं ने खुलकर चुनावी मुद्दों पर अपनी बात रखी।
विज्ञापन
बुलंदशहर में चुनावी मुद्दों पर चर्चा करती महिलाएं।
- फोटो : अमर उजाला
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
विस्तार
बुलंदशहर में महिलाओं के क्या चुनावी मुद्दे होंगे? क्या यहां की आधी आबादी मौजूदा सरकार के कामकाज से खुश है? शहर में शिक्षा, रोजगार, स्वास्थ्य, विकास के मुद्दों पर महिलाओं की क्या सोच है? ऐसे ही तमाम सवालों के जवाब जानने के लिए 'अमर उजाला' का चुनावी रथ 'सत्ता का संग्राम' बुलंदशहर की महिलाओं के बीच पहुंचा। पढ़िए महिलाओं ने क्या कहा?
महिला सुरक्षा, विकास को लेकर क्या कहा?
गृहणी बबिता तवर ने कहा कि पहले के मुकाबले महिलाओं की सुरक्षा व्यवस्था काफी बेहतर हुई है। पहले महिलाएं और बेटियां घर से निकलने में डरती थी। आज कभी भी महिलाएं आराम से निकल सकती हैं। हर वक्त प्रशासन अलर्ट रहता है। पहले से ज्यादा विकास कार्य भी हुए हैं। हालांकि, खराब सड़कें और गंदगी से जरूर समस्या है।
विज्ञापन
शोभा चौधरी ने सफाई अभियान को असफल बताया। कहा कि हर किसी को इसके बारे में सोचना चाहिए। नेताओं को भी आड़े हाथों लिया। कहा, चुनाव के वक्त ये लोग झूठे वादे करते हैं। वैकेंसी नहीं निकालते हैं। युवा परेशान हैं। कोरोनाकाल में दो साल बच्चों के बर्बाद हो गए। भर्तियों में बच्चों को आयु सीमा में छूट मिलनी चाहिए।
मोनिका ने कहा कि हमारा छोटा सा शहर है, लेकिन अच्छा लगता है। सुरक्षा व्यवस्था बेहतर है। हालांकि सड़कें खराब हैं और गंदगी है। इससे लोग परेशान हैं। मोनिका ने पानी की बर्बादी का भी मुद्दा उठाया। कहा कि लोग पानी ज्यादा बर्बाद करते हैं। इसे बंद करना चाहिए। आम लोगों को जागरूक होना पड़ेगा।
विज्ञापन
महिला सुरक्षा, विकास को लेकर क्या कहा?
गृहणी बबिता तवर ने कहा कि पहले के मुकाबले महिलाओं की सुरक्षा व्यवस्था काफी बेहतर हुई है। पहले महिलाएं और बेटियां घर से निकलने में डरती थी। आज कभी भी महिलाएं आराम से निकल सकती हैं। हर वक्त प्रशासन अलर्ट रहता है। पहले से ज्यादा विकास कार्य भी हुए हैं। हालांकि, खराब सड़कें और गंदगी से जरूर समस्या है।
विज्ञापन
विज्ञापन
शोभा चौधरी ने सफाई अभियान को असफल बताया। कहा कि हर किसी को इसके बारे में सोचना चाहिए। नेताओं को भी आड़े हाथों लिया। कहा, चुनाव के वक्त ये लोग झूठे वादे करते हैं। वैकेंसी नहीं निकालते हैं। युवा परेशान हैं। कोरोनाकाल में दो साल बच्चों के बर्बाद हो गए। भर्तियों में बच्चों को आयु सीमा में छूट मिलनी चाहिए।
मोनिका ने कहा कि हमारा छोटा सा शहर है, लेकिन अच्छा लगता है। सुरक्षा व्यवस्था बेहतर है। हालांकि सड़कें खराब हैं और गंदगी है। इससे लोग परेशान हैं। मोनिका ने पानी की बर्बादी का भी मुद्दा उठाया। कहा कि लोग पानी ज्यादा बर्बाद करते हैं। इसे बंद करना चाहिए। आम लोगों को जागरूक होना पड़ेगा।
शिक्षा, महंगाई और रोजगार पर खफा दिखी महिलाएं
बुलंदशहर में चुनावी चर्चा करती महिलाएं।
- फोटो : अमर उजाला
साधना सक्सेना ने कहा कि महंगाई बहुत बढ़ गई है। तेल 200 रुपये का हो गया। आम लोग परेशान हैं। सब्जी भी महंगी हो गई है। बच्चे बीटीसी और बीएड करके घर बैठे हुए हैं। योगी सरकार ने कॉलेज तो बहुत ज्यादा बना लिए, लेकिन वैकेंसी नहीं निकाल रहे हैं। हालांकि, साधना ने बताया कि वह योगी सरकार के कामकाज से खुश हैं। अन्य पार्टियों के मुकाबले भाजपा ने बेहतर काम किया है।
शिक्षिका नीशा परवीन ने कहा कि बुलंदशहर में कारोबार नहीं है। महंगाई और शिक्षा की स्थिति बहुत खराब है। सरकारी स्कूलों में बच्चों को अच्छी शिक्षा नहीं मिलती है। मजबूरन बच्चों को प्राइवेट स्कूल में पढ़ाना पड़ता है। हालांकि, पहले के मुकाबले कई अन्य मामलों में बेहतर काम हुआ है। गरीबों को मुफ्त मकान मिले हैं। उन्हें अच्छी सुविधाएं मिली हैं।
एक अन्य महिला ने कहा कि सरकार के कामकाज से संतुष्ट हूं। सड़कें बनी हैं। मेरठ से यहां आती थी तो बहुत ज्यादा परेशान होते थे, आज काफी अच्छी हो गई हैं। नेहा ने कहा कि शिक्षा की व्यवस्था बेहतर हुई है। 12वीं तक तो यहां अच्छी शिक्षा मिल जाती है। हायर एजुकेशन के लिए बाहर जाना पड़ता है।
शिक्षिका नीशा परवीन ने कहा कि बुलंदशहर में कारोबार नहीं है। महंगाई और शिक्षा की स्थिति बहुत खराब है। सरकारी स्कूलों में बच्चों को अच्छी शिक्षा नहीं मिलती है। मजबूरन बच्चों को प्राइवेट स्कूल में पढ़ाना पड़ता है। हालांकि, पहले के मुकाबले कई अन्य मामलों में बेहतर काम हुआ है। गरीबों को मुफ्त मकान मिले हैं। उन्हें अच्छी सुविधाएं मिली हैं।
एक अन्य महिला ने कहा कि सरकार के कामकाज से संतुष्ट हूं। सड़कें बनी हैं। मेरठ से यहां आती थी तो बहुत ज्यादा परेशान होते थे, आज काफी अच्छी हो गई हैं। नेहा ने कहा कि शिक्षा की व्यवस्था बेहतर हुई है। 12वीं तक तो यहां अच्छी शिक्षा मिल जाती है। हायर एजुकेशन के लिए बाहर जाना पड़ता है।
महिलाओं ने और क्या कहा?
बुलंदशहर में महिलाओं ने चुनावी मुद्दों पर चर्चा की।
- फोटो : अमर उजाला
- चांदनी भारद्वाज ने कहा कि सड़कें पहले से बेहतर हुई हैं। सरकारी स्कूलों में आम लोगों को बच्चों को पढ़ाना चाहिए। बहुत अच्छी सुविधाएं हुई हैं, लेकिन लोग स्टेटस सिंबल मेनटेन करने के लिए अपने बच्चों को प्राइवेट स्कूलों में भेजते हैं। सरकारी स्कूलों में टीचर्स मेहनत कर रहे हैं।
- सीमा तोमर ने कहा कि 60 साल से जो कमियां चली आ रही थी, उसकी भरपाई करने में थोड़ा समय लगेगा।
- कल्पना भटनागर ने कहा कि अब जनता का पैसा जनता के बीच लग रहा है। योगी और मोदी सरकार ईमानदारी से काम कर रही है।
- विजय गुप्ता ने कहा कि सड़कों का बुरा हाल है। हल्की सी बारिश आ जाए तो पूरी सड़कें जलभराव में डूब जाती हैं।
- एक अन्य महिला ने कहा कि सीवर और पानी की पाइप लाइन डल रही है। इसके चलते सड़कें खराब हो रही हैं।
- 74 साल की दयारानी ने कहा कि पहले के मुकाबले बहुत ज्यादा बदलाव आया है। हालांकि, उसके हिसाब से भ्रष्टाचार भी बढ़ा है। सड़कों की क्वालिटी खराब है। दयारानी ने कहा कि वह मौजूदा सरकार से नाखुश हैं। बताया कि शुरू से कांग्रेसी हैं।
- महिलाओं ने मध्यमवर्गीय का मुद्दा उठाया। कहा कि मध्यमवर्गीय का ख्याल रखना चाहिए।