UP Election 2022: आजमगढ़ में चाय पर चुनावी चर्चा, इन मुद्दों ने पकड़ा जोर, पढ़िए किसने क्या कहा?
'अमर उजाला' का चुनावी रथ 'सत्ता का संग्राम' आज यानी शनिवार को आजमगढ़ पहुंचा। यहां के त्रिलोकी चायवाला, रैदोपुर के पास आयोजित 'चाय पर चर्चा' के दौरान स्थानीय लोगों ने खुलकर चुनावी मुद्दों पर बात की।
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उत्तर प्रदेश में अगले साल होने वाले विधानसभा चुनाव को लेकर आजमगढ़ के लोगों ने अपना चुनावी एजेंडा बताया। शनिवार को 'अमर उजाला' का चुनावी रथ 'सत्ता का संग्राम' यहां पहुंचा। त्रिलोकी चायवाला, रैदोपुर के पास आयोजित 'चाय पर चर्चा' के दौरान स्थानीय लोगों ने खुलकर चुनावी मुद्दों पर बात की। इस दौरान लोगों ने विकास, बिजली, सड़क, महंगाई और भष्ट्राचार के मुद्दों पर खुलकर बात की। किसी ने मौजूदा सरकार की तारीफ की तो किसी ने कमियां गिनाईं। पढ़िए किसने क्या कहा?
स्थितियां जैसी थी वैसी ही हैं
डॉ भक्तवत्सल ने कहा कि स्थितियां जैसी थी वैसी ही हैं। विकास हो ही रहे हैं। जब जो सरकारें आती हैं अपने मुताबिक थोड़ा मोड़ा विकास करके चली जाती हैं। अभी भी बरेजगारी, महंगाई की समस्या याथवत ही हैं। निसंदेह विगत कुछ वर्षों में विकास हुआ है। सड़कों का जाल बिछा है, एयरपोर्ट बनकर तैयार है लेकिन उद्घाटन होना बाकी है। आजमगढ़ स्टेशन का विकास होना बाकी है। विपिन वर्धमाल ने कहा कि बिजनेस मंदा चल रहा है। शहर की सड़कों का हालत बहुत खराब है। महंगाई चरम पर है।
विकास का मतलब कुत्ता, कोठी और कार
चर्चा के दौरान मौजूद एक शख्स ने कहा कि यहां सड़कों की हालत बहुत खराब है। उन्होंने कहा कि गोरखपुर से एक सड़क पिछले आठ साल से बन रही है, जो अभी तक तैयार नहीं हुई। पेमेंट को रिपीट करने के लिए ठेकेदार हमेशा टेंडर करवाते हैं। सपा की सरकार के बाद भाजपा की सरकार के भी पांच साल हो गए। विकास का मतलब कुत्ता, कोठी और कार से हो गया है। आम आदमी से न सरकार को और न जनप्रतिनिधि को मतलब है। आजादी के 75 साल बाद भी कोई काम नहीं हुआ है। एखलाख अहमद ने साफ सफाई और महंगाई का मुद्दा उठाया।
रंजन राय ने कहा कि महंगाई तो है ही। जब भी डीजल पेट्रोल के दाम बढे़ंगे तो ट्रांसपोर्टेशन के चलते महंगाई बढ़ेगी ही। जो भी सरकारें आ रही हैं, दो ही वर्ग को देख रही हैं या तो सबसे नीचे हो या सबसे ऊपर, मिडिल क्लास के लिए कुछ नहीं कर रही। मिडिल क्लास के लिए कोई योजना नहीं है। बिजली के मुद्दे पर उन्होंने कहा कि पहले से सुधार है। नगरपालिका का विकास नहीं हो रहा है। नगरपालिका के विकास के लिए जो बजट आज से 30 साल पहले था वो आज भी है इसमें विकास कैसे होगा?
सरकार भ्रष्टाचार पर कंट्रोल नहीं कर पाती
वहीं, एक शख्स ने शिक्षा और स्वास्थ्य का सवाल उठाया। उन्होंने कहा कि दोनों को निशुल्क कर देना चाहिए। सरकारें आती हैं और चली जाती हैं। शिक्षा, स्वास्थ्य, बिजली, पानी, बेरोजगारी, भ्रष्टाचार के मुद्दे पर काम नहीं कर पाती हैं। क्यों नहीं कर पाती? इसका कारण है भष्टाचार। सरकार भ्रष्टाचार पर कंट्रोल नहीं कर पाती है। उन्होंने आगे कहा कि कोई भी नाली का निर्माण होता है तो 50-60 फीसदी तक वो भ्रष्टाचार की भेंट चढ जाता है। नेताओं की लूट जारी रहती है। कुछ नेता तो कुछ कार्यकर्ता मालामाल हो जाते हैं।
गरीब आदमी की कोई सुनवाई नहीं
पान दुकान करने वाले मुन्ना ओमप्रकाश ने कहा कि कुछ काम नहीं हो रहा है। कर्मचारी और अधिकारी खूब कमा रहे हैं। गरीब आदमी की कोई सुनवाई नहीं हो रही है। बिजली विभाग से बार बार नोटिस आ रही है। मेरे पिता गुजर गए। मैं करीब आदमी कहां से इतना बिल दे पाएंगे। मेरे पास पैसा नहीं हैं, कहां से इतना बिजली बिल भरूं? चोरी करूं, डकैती करूं या आत्महत्या कर लूं?
बिजली बिल से जनता वाकई परेशान
राजन नाम के एक छात्र ने कहा कि कहा विकास तो हो ही रहा है। बिजली की बिल से जनता वाकई परेशान है। बहुत ही गलत बिजल और उल्टा-सीधा बिल आ रहा है। चायवाले विशाल गुप्ता ने कहा कि हम चाहते हैं कि आजमगढ़ का विकास हो। यहां के पर्यटन स्थल का विकास किया जाए। यहां फैक्टरी लगाई जाए। अभी तक कुछ नहीं हुआ है, कुछ हो रहा है। यहां की सड़कें तो भगवान ही भरोसे है।
वहीं, एक अन्य शख्स ने कहा कि यहां बिजली का बड़ा मुद्दा है। 300 यूनिट तक अलग चार्ज। इसके बाद का अलग चार्ज, दो किलोवाट के कनेक्शन पर 2000-3000 तक बिल आता है। महंत रामचंद्र गिरी ने कहा कि आजमगढ़ में जो चीजें 70 साल में नहीं हुई थी। वो यहां हो रही है। यहां की सड़कें दुरुस्त हो गई हैं। अपराध पर लगाम लगा है। अपराधियों में भय है। इस तरह के कई काम हुए हैं।