UP Election 2022: आजमगढ़ में महंगाई-रोजगार सहित इन मुद्दों पर खुलकर बोलीं महिलाएं, योगी सरकार के लिए कही ये बात
चाय पर चर्चा और युवाओं से बातचीत के बाद 'अमर उजाला' का चुनावी रथ 'सत्ता का संग्राम' देश की आधी आबादी के बीच पहुंचा। लखनऊ में महिलाओं ने खुलकर चुनावी मुद्दों पर चर्चा की।
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आजमगढ़ की महिलाओं ने महंगाई, शिक्षा, सुरक्षा व रोजगार के मुद्दे पर खुलकर बात की। दरअसल, चाय पर चर्चा और युवाओं से बातचीत के बाद 'अमर उजाला' का चुनावी रथ 'सत्ता का संग्राम' देश की आधी आबादी के बीच पहुंचा। इस दौरान महिलाओं ने चुनावी मुद्दों पर खुलकर चर्चा की। इस दौरान देश की आधी आबादी ने वर्तमान सरकार के कामकाज की तारीफ भी की तो कुछ कमियां भी गिनाई। पढ़िए किसने क्या कहा?
कार्यक्रम की शुरुआत में सीमा यादव ने कहा कि सबसे बड़ा मुद्दा महंगाई का है। एक साल के अंदर तेल की कीमतों में जबरदस्त इजाफा हुआ है। हमारा बजट बिगड़ रहा है। मंहगाई और बेरोजगारी सबसे बड़ी समस्या है। बच्चे जो शिक्षा ग्रहण करके बैठे हैं, उन्हें कोई रोजगार नहीं मिल रहा है। इस सरकार के कामकाज से खुश नहीं हूं। वहीं, रिंकु यादव ने महिला सुरक्षा का मुद्दा उठाया। उन्होंने कहा कि महिलाएं सुरक्षित नहीं है। महिलाओं के साथ छेड़खानी की जाती है। मगर उस पर कोई निगरानी नहीं की जाती। श्वेता यादव ने कहा कि मौजूदा सरकार ने कुछ नहीं किया है।
बीएड की छात्रा महिमा तिवारी ने कहा कि बहुत विकास तो नहीं हुआ है। उन्होंने कहा कि सरकार की जो योजनाएं हैं, उन योजनाओं का लाभ लोगों तक नहीं पहुंच पाता है। मैं यही कहना चाहूंगी कि जो जरूरतमंद है, उन तक योजनाओं का लाभा पहुंचे और उनकी आवश्यकता को पूरी कराया जाए। रेणु श्रीवास्तव ने कहा कि महंगाई बहुत है। इस दौरान उन्होंने कहा कि महिलाओं को रोजगार मिले,इसके लिए सरकार कुछ करे। हालांकि, महिला सुरक्षा को लेकर उन्होंने योगी सरकार पर सहमति जताई। आशा वर्मा ने कहा कि योगी सरकार में महिलाएं सुरक्षित हैं और मैं मौजूदा सरकार के काम काज के खुश हूं।
श्रेया राय ने रोजगार का मुद्दा उठाया। उन्होंने कहा कि वैकेंसी समय पर नहीं आती है। परीक्षाएं होती भी हैं तो पेपर लीक हो जाती हैं। सरकार को पारदर्शिता रखने की जरूरत है। उन्होंने कहा कि वर्तमान सरकार महिलाओं को लेकर ज्यादा काम कर रही है। इस सरकार में महिलाएं पहले से ज्यादा सुरक्षित हैं। पिछली सरकार में महिलाएं खुद को इतना सुरक्षित महसूस नहीं करती थीं। संतोष सिंह ने कहा कि यहां कुटीर उद्योग क्रांती की जरुरत है। हर शहर में शिल्फ हाट होना चाहिए।
वहीं, एक महिला ने कहा कि पिछली सरकार की तुलना में यह सरकार बेहतर काम रही है। मगर महंगाई बड़ी समस्या है। इस महिला ने कहा कि जो संपन्न हैं, उन्हें तो गैस के दाम बढ़ने से कोई फर्क नहीं पड़ रहा है लेकिन गरीब तबका तो इससे जूझ रहा है। सोनी पांडे ने कहा कि आजादी के 75 साल बाद भी महिलाओं को बराबरी का हक नहीं है। बेसिक शिक्षा आज भी कमजोर है। सरकार बेटी बचाओं, बेटी पढ़ाओं की बात करती है। जो भी सरकारें महिलाओं के मुद्दे को अपने चुनावी एंजेंडे में शामिल करेंगी, हम उनके साथ निश्चित जाएंगे।
सरोज नाम की एक महिला ने कहा कि अभी भी गांव की कई महिलाओं के बाहर निकलने पर पाबंदी है। बबीता राय ने कहा कि महिलाओं को घर से बाहर निकले पर रोक है। लड़कियों को भी उतनी आजादी नहीं मिल रही जितनी होनी चाहिए। महिमा तिवारी ने कहा कि सरकार को समाज को जागरूक करना चाहिए। अगर शिक्षा सही रहेगी हम कोई भी बदलाव कर सकते हैं।