महंगा पड़ सकता है डमी प्रत्याशियों का सहारा
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निर्वाचन आयोग द्वारा विधानसभा चुनाव लड़ रहे प्रत्याशियों को चुनाव खर्च की सीमा 28 लाख रुपये निर्धारित की है। कई प्रत्याशी निर्दलीय और छोटे दलों के प्रत्याशियों के सहारे का नामांकन कराकर चुनाव मैदान में उतारने की जुगत लगा रहे हैं। मालूम हो कि आयोग ने एक काफिले में अधिकतम 10 चार पहिया वाहन की ही अनुमति प्रदान करने के निर्देश दिए हैं। हालांकि प्रत्याशी चाहे जितने वाहनों की अनुमति ले सकता है इसके लिए उसे आयोग द्वारा निर्धारित प्रोफार्मा में खर्च का ब्योरा देना होगा और एक काफिले में केवल दस वाहन ही एक साथ चल सकेंगे। आयोग के निर्देश पर प्रशासन भी इसे लेकर सतर्क है। दूसरे प्रत्याशी का प्रचार करते पकड़े जाने पर आयोग वाहन को सीज करने के साथ ही प्रचार सामग्री जब्त कर लेगा। यही नहीं जांच में डमी (दूसरे प्रत्याशी के पक्ष में प्रचार) प्रत्याशी साबित होने पर उसका चुनाव खर्च उस प्रत्याशी के चुनाव खर्च में जोड़ दिया जाएगा वह जिसके लिए प्रचार करते पाया जाएगा।
होगी कड़ी कार्रवाई
उपजिला निर्वाचन अधिकारी/ एडीएम बीएन यादव ने बताया कि फ्लाइंग स्क्वायड इस पर नजर रख रखा है। अगर कोई डमी प्रत्याशी साबित होता है तो निर्वाचन आयोग की नियमावली के अनुसार कार्रवाई की जाएगी।