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प्रदर्शनकारियों के जाते ही कमरा बंद कर काम शुरू
ब्यूरो अमर उजाला, उन्नाव
Updated Wed, 23 Dec 2015 01:05 AM IST
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सातवें वेतन आयोग की सिफारिशों के विरोध में राज्य कर्मचारियों की कलमबंद हड़ताल का मिला जुला असर दिखा। जब तक राज्य कर्मचारी संयुक्त परिषद के पदाधिकारी कार्यालयों में घूमते रहे तब तक काम बंद रहा।
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पदाधिकारियों के जाते ही कर्मचारियों ने कमरा बंद कर काम काज किया। उधर, ब्लाक कार्यालयों में हड़ताल का असर नहीं दिखा। कार्यालयों पर कर्मचारी काम करते रहे।
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भविष्य में लागू होने वाले सातवें वेतन आयोग की सिफारिशों का राज्य कर्मचारी विरोध कर रहे हैं। इसी कड़ी में प्रांतीय नेतृत्व की अपील पर राज्य कर्मचारी संयुक्त परिषद के बैनर तले स्थानीय पदाधिकारियों ने सभी सरकारी कार्यालयों में घूम-घूमकर सरकार विरोधी नारेबाजी की और काम बंद कराया।
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कर्मचारी नेताओं ने जिला चिकित्सालय, सीएमओ कार्यालय में पहुंचे और काम बंद कराया। इसके बाद तहसील के लिए रवाना हुए। यहां पहुंचकर पदाधिकारियों ने कमरों में काम बंद कराया। साथ ही कर्मचारियों को सातवें वेतन आयोग की सिफारिशों में की गई गड़बड़ियों के बारे में जानकारी दी।
पदाधिकारी पशुपालन, आईटीआई, रोडवेज, आरटीओ, पुराना अस्पताल, खेलकूद, वन विभाग, नगर पालिका होते हुए विकास भवन पहुंचे। यहां घूम-घूमकर विभागों में कामकाज बंद कराया। शिक्षा विभाग में जाकर तालाबंदी करते हुए विशाल सभा की। यहां जिलाध्यक्ष उमा निवास बाजपेई व महामंत्री फारुख मो. खान ने कहा कि कर्मचारियों में आक्रोश है।
प्रदर्शन करने वालों में वरिष्ठ उपाध्यक्ष डीपी सिंह, आरसी कनौजिया, केशव सिंह, फूलकुमारी, विनोद सिंह आदि शामिल रहे। उधर, जैसे ही पदाधिकारी कार्यालयों से बाहर निकले वैसे ही उनके साथियों ने कक्ष बंद करके काम करना शुरू कर दिया। किसी भी ब्लाक में सांकेतिक कलमबंद हड़ताल का असर नहीं दिखा।
मांगे न मानने पर अनिश्चितकालीन हड़ताल- उन्नाव। परिषद के नेताओं ने कहा कि दो दिन की सांकेतिक कलमबंद हड़ताल तो एक ट्रेलर है। यदि सरकार मांगे नहीं मानती है तो 23 फरवरी 2016 को अनिश्चितकालीन हड़ताल पर कर्मचारी चले जाएंगे।
जिलाध्यक्ष उमा निवास बाजपेई ने कहा कि बुधवार को सुबह 11 बजे से शिक्षा भवन कार्यालय में सभी कर्मचारी साथी एकत्रित होंगे और वहीं पर सभा होगी। इसके बाद दोपहर 1 बजे डीएम को ज्ञापन सौंपा जाएगा।