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पटरी कटने से खेतों में भरा पानी

Tue, 16 Jan 2018 12:03 AM IST
unnao
unnao Updated Tue, 16 Jan 2018 12:03 AM IST
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Water-filled fields
परिचय-खांदी कटने के बाद खेतों में भरा पानी। - फोटो : amarujala

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बिछिया। शारदा नहर की पुरवा ब्रांच में तेज पानी छोड़े जाने व आधी अधूरी सफ ाई कराए जाने से तारगांव व घूरखेत के पास मुख्य ब्रांच की पटरी कट गई। जिससे पानी खेतों में भर गया। बहाव इतना तेज था कि कुछ ही देर में खेतों में बोई गई फसलें जलमगभन हो गईं। दोपहर बाद नहर विभाग के कर्मचारियों ने पहुंचकर मरम्मत की।
रविवार रात पानी ओवरफ्लो होने से तारगांव व घूरखेत के पास मेन ब्रांच की पटरी कट गई। जिससे पानी का बहाव तेज होने के कारण कुछ ही देर में सैकड़ों बीघे में बोई गई गेहूं की    फ सल जलमग्न हो गई। किसानों की सूचना देने के बाद भी दोपहर तक नहर विभाग के अधिकारी मौके पर नहीं पहुंचे। क्षेत्र के तारगांव व घूरखेत के काश्तकार सुबह जब अपने खेतों को देखने गए तो फसलें पानी में जलमगभन मिलीं। किसानों ने इसकी सूचना देने के लिए नहर विभाग के जेई संतोष कुमार के मोबाइल पर फोन किया लेकिन नंबर स्विच ऑफ  मिला। इसके बाद पूर्व ग्राम प्रधान सोमानी सिंह ने एसडीओ को इससे अवगत कराया। तारगांव के किसानों में शंभू, मेवालाल, गौतम, रजनीश, छेदीलाल व राकेश सहित दर्जनों किसानों के पचास बीघे, घूरखेत के रामबालक, मेड़ीलाल, सुरेश, केतकी, बिट्टन व छबीला आदि के तीस बीघे गेहूं व सरसो की बोई फ सल पानी में डूब गई। दोपहर बाद नहर विभाग के अधिकारी मौके पर पहुंचे और जेसीबी से पटरी की मरम्मत करवाकर नहर के पानी को रोका। नहर विभाग के एसडीओ ज्ञानचंद्र ने बताया कि दोपहर बाद सूचना मिली थी। मौके पर जेसीबी व अधिकारियों को भेजा गया है। इससे पहले 28 व 29 दिसंबर को तारगांव रजबहे से जुड़ी जगवां माइनर भी कट गई थी। तब भी सैकड़ों बीघे गेहूं की फ सल डूब गई थी।
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जालिपा देवी मंदिर का मेला शुरू
बिछिया। धूप दीप व तेल पूजन के साथ लहिया गांव स्थित जालिपा देवी मंदिर मेले का शुभारंभ सोमवार को हुआ। माघ मास से शुरू होने वाले इस प्राचीन मेले के दिन मंदिर अध्यक्ष नागेंद्र सिंह ने पूजन अर्चन कर मेले की औपचारिक शुरुआत की। प्रतिवर्ष माघ माह के प्रत्येक सोमवार को यहां मेला लगता है। मान्यता है जिन महिलाओं को बांझपन होता है। मां के मस्तक पर चावल के लेप से बांझपन दूर हो जाता है। प्रत्येक सोमवार को चलने वाले इस मेले में मुंडन, कर्ण छेदन सहित अन्य मांगलिक कार्यक्रमों की धूम रहती है। मंदिर समिति के भीम सिंह, अनिल पंडा, राजू सिंह व शिक्षक जयराम का विशेष सुरक्षा व व्यवस्था में योगदान रहता है। ब्यूरो
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