फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Unnao News ›   Urea in cooperative

इफ्को केंद्रों पर पहुंची यूरिया, वहीं साधन सहकारी समितियों में है सन्नाटा

Wed, 28 Jan 2015 12:48 AM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, उन्नाव
ब्यूरो/अमर उजाला, उन्नाव Updated Wed, 28 Jan 2015 12:48 AM IST
विज्ञापन
Urea in cooperative
उन्नाव। जनपद में खाद के लिए परेशान किसानों में कहीं खुशी तो कहीं गम की स्थिति बनी हुई है। कुछ इफ्को केंद्रों में यूरिया पहुंच चुकी है तो अधिकांश साधन सहकारी समितियों में अभी भी सन्नाटा ही दिख रहा है।
विज्ञापन


ऐसे में इफ्को केंद्रों के क्षेत्रों के किसानों को कुछ राहत मिली है वहीं, साधन सहकारी समितियों से जुड़े किसानों को अभी भी यूरिया के लिए परेशान होना पड़ रहा है।
विज्ञापन


मालूम हो कि जनपद को अब तक 26185 मीट्रिक टन यूरिया मिल चुकी है। मार्च तक का लक्ष्य 31325 एमटी है। मौजूदा समय में गेहूं की फसल के लिए यूरिया की ज्यादा जरूरत है। इस समय जिले की समितियों से यूरिया गायब है। गोदाम खाली पड़े हुए हैं। किसान केंद्रों से खाली हाथ वापस लौटने को मजबूर हैं।
विज्ञापन
विज्ञापन


सहायक निबंधक कोआपरेटिव वीरेंद्र कुमार ने बताया कि जिले को 2600 मीट्रिक टन यूरिया की नई रैक मिल गई है। इफ्को सेंटरों में पहुंचे पहुंचाई गई है। समितियों को भेजने का काम किया जा रहा है। एक-दो दिन में सभी समितियों में एक गाड़ी यूरिया पहुंच जाएगी। किसानों को परेशान होने की जरूरत नहीं है।

इफको केंद्र दही चौकी
इस केंद्र में मंगलवार को यूरिया पहुंचने की सूचना पर केंद्र खुलने से पहले ही किसान यहां पहुंच गए थे। लंबी कतारें लग गई थीं। पहले तो यहां के अधिकारियों ने खाद न आने की जानकारी देकर किसानों को वापस करना चाहा लेकिन बाद में कुछ किसानों के विरोध करने पर यूरिया बांटनी शुरू की।

केवाना के राजबीर यादव, चमरौली के मजरे दौलतपुर के अंशुमान, दही चौकी के पिंटू रावत व महिपतखेड़ा के रामचंद्र ने आरोप लगाया कि पहले किसानों को 450 रुपये की बोरी दी जा रही थी बाद में जब हंगामा किया तो फिर सही मूल्य 335 रुपये पर दिया। बताया कि एक ट्रक यूरिया पहुंची है।

साधन सहकारी समिति मूसेपुर
मंगलवार को इस साधन सहकारी समिति में सन्नाटा पसरा रहा। तीन दिन की छुट्टी के बाद जब किसान यूरिया की आस में इस केंद्र पर पहुंचे तो उन्हें मायूसी ही हाथ लगी। किसानों ने बताया कि पिछले एक माह से यूरिया के लिए वह भटक रहे हैं।   

साधन सहकारी समिति बिचपरी
इस समिति में भी खाद नदारद है। सुबह 12 बजे जब संवाददाता समिति में पहुंचा तो वहां पर सन्नाटा पसरा हुआ था। यहां के प्रभारी यतींद्र कुमार मिश्र ने बताया कि जिले से एलाटमेंट नहीं मिला है। जैसे ही खाद मिलेगी वैसे ही किसानों को वितरण कराया जाएगा।

साधन सहकारी समिति औरास

यूरिया की कमी से साधन सहकारी समिति औरास भी अछूती नहीं है। यहां भी किसानों को खाद के लिए मारामारी करनी पड़ रही है। किसान परेशान हैं। सचिव शिवकुमार सिंह का कहना है कि अभी तक आवंटन नहीं मिला है। जैसे ही समिति पर खाद आएगी वैसे ही वितरण कराया जाएगा।
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed