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बड़े भाई की मौत होने पर छोटे ने लगाई फांसी
अमर उजाला ब्यूरो, उन्नाव
Updated Thu, 05 Jan 2017 12:32 AM IST
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अचलगंज थानाक्षेत्र के मवइया लायक में घटनास्थल पर जांच करते सीओ आरके चतुर्वेदी।
- फोटो : अमर उजाला
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थाना क्षेत्र के गांव मवइया लायक में बड़े भाई की मौत से दुखी छोटे भाई ने फांसी लगाकर जान दे दी। एक का शव घर में तो दूसरे का गांव के बाहर पेड़ पर फंदे से लटका मिला। मौके पर पहंची पुलिस ने जांच पड़ताल की। फांसी लगाने वाले अधेड़ का शव पोस्टमार्टम के लिए भेजा गया, जबकि दूसरे का परिजनाें ने अंतिम संस्कार कर दिया था। पुलिस मामले की जांच कर रही है।
मवइया लायक गांव निवासी बाबूलाल (52) का शव मंगलवार को घर के अंदर कमरे में मिला। बाबूलाल औद्योगिक क्षेत्र बंथर स्थित एक टेनरी में काम करते थे। सोमवार की शाम वह टेनरी से काम कर वापस आए इसके बाद घर से बाहर नहीं निकले। मंगलवार को पड़ोस में रहने वाला भाई चंद्रपाल उसे देखने गया तो शव कमरे में पड़ा था। भाई चंद्रपाल ने इसकी जानकारी कानपुर के गुमटी नंबर पांच के पास रह रहे उसके छोटे भाई बुद्धिलाल (50) को दी। बुद्धिलाल परिवार के साथ गांव पहुंचे।
करीब एक घंटे बाद बुद्धिलाल भी वहां से चले गए। काफी देर तक नहीं लौटने पर परिजनों ने तलाश शुरू की। देर शाम उसका शव गांव से लगभग डेढ़ किलोमीटर दूर उसी के खेत में महुआ के पेड़ में मफलर से लटकता मिला। एक भाई की मौत के बाद दूसरे के आत्महत्या करने की सूचना पर पुलिस हरकत में आई। सीओ आरके चतुर्वेदी व एसओ मो. अशरफ मौके पर पहुंचे। पूछताछ में मृतक के तीसरे भाई चंद्रपाल ने बताया कि बड़े भाई बाबूलाल की पत्नी नंदा देवी की आठ साल पहले मौत हो चुकी है। उनकी दो बेटियां हैं, उनकी शादी हो चुकी है। बाबूलाल घर पर अकेले रहते थे। हार्ट के मरीज होने से वह बीमार चल रहे थे, जबकि मृतक बुद्धिलाल के दो बेटियां हैं जिनकी अभी शादी नहीं हुई है।
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उनकी कानपुर, गुमटी नंबर पांच में पान की दुकान है। बड़े भाई की मौत की जानकारी पर वह घर आए थे। बाबूलाल व बुद्धिलाल में अधिक प्रेम था। भाई की मौत का सदमा वह बर्दाश्त नहीं कर पाए और फांसी लगा ली। पुलिस ने बाबूलाल के अंतिम संस्कार की अनुमति दे दी, जबकि बुद्धीलाल के शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजा। एसओ मोहम्मद अशरफ ने बताया कि बुद्धिलाल ने फांसी लगाई थी। जबकि दूसरे भाई की बीमारी से मौत हुई है। मामले की जांच कराई जा रही है।
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मवइया लायक गांव निवासी बाबूलाल (52) का शव मंगलवार को घर के अंदर कमरे में मिला। बाबूलाल औद्योगिक क्षेत्र बंथर स्थित एक टेनरी में काम करते थे। सोमवार की शाम वह टेनरी से काम कर वापस आए इसके बाद घर से बाहर नहीं निकले। मंगलवार को पड़ोस में रहने वाला भाई चंद्रपाल उसे देखने गया तो शव कमरे में पड़ा था। भाई चंद्रपाल ने इसकी जानकारी कानपुर के गुमटी नंबर पांच के पास रह रहे उसके छोटे भाई बुद्धिलाल (50) को दी। बुद्धिलाल परिवार के साथ गांव पहुंचे।
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करीब एक घंटे बाद बुद्धिलाल भी वहां से चले गए। काफी देर तक नहीं लौटने पर परिजनों ने तलाश शुरू की। देर शाम उसका शव गांव से लगभग डेढ़ किलोमीटर दूर उसी के खेत में महुआ के पेड़ में मफलर से लटकता मिला। एक भाई की मौत के बाद दूसरे के आत्महत्या करने की सूचना पर पुलिस हरकत में आई। सीओ आरके चतुर्वेदी व एसओ मो. अशरफ मौके पर पहुंचे। पूछताछ में मृतक के तीसरे भाई चंद्रपाल ने बताया कि बड़े भाई बाबूलाल की पत्नी नंदा देवी की आठ साल पहले मौत हो चुकी है। उनकी दो बेटियां हैं, उनकी शादी हो चुकी है। बाबूलाल घर पर अकेले रहते थे। हार्ट के मरीज होने से वह बीमार चल रहे थे, जबकि मृतक बुद्धिलाल के दो बेटियां हैं जिनकी अभी शादी नहीं हुई है।
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उनकी कानपुर, गुमटी नंबर पांच में पान की दुकान है। बड़े भाई की मौत की जानकारी पर वह घर आए थे। बाबूलाल व बुद्धिलाल में अधिक प्रेम था। भाई की मौत का सदमा वह बर्दाश्त नहीं कर पाए और फांसी लगा ली। पुलिस ने बाबूलाल के अंतिम संस्कार की अनुमति दे दी, जबकि बुद्धीलाल के शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजा। एसओ मोहम्मद अशरफ ने बताया कि बुद्धिलाल ने फांसी लगाई थी। जबकि दूसरे भाई की बीमारी से मौत हुई है। मामले की जांच कराई जा रही है।