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पीसीएस में उन्नाव के तीन मेधावियों ने लहराया परचम
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विधिभूषण मौर्य।
- फोटो : UNNAO
उन्नाव। पीसीएस परीक्षा 2017 के घोषित हुए परिणाम में जिले की तीन मेधावियों ने सफलता हासिल की है। इनमें विधिभूषण मौर्य, अरुण कुमार रावत और मयंक तिवारी शामिल हैं। सभी को बधाई देने वालों का तांता लग गया।
शहर के डीएसएन कॉलेज में सितंबर 2017 से राजनीति शास्त्र के सहायक प्राध्यापक विधिभूषण मौर्य मूल रूप से फतेहपुर जिले की खागा तहसील के गांव भैरवाखुर्द के रहने वाले हैं। पिता देवीदीन मौर्य खागा स्थित पीजी कॉलेज में शिक्षक हैं। मां सुमित्रादेवी गृहणी हैं। पुलिस उपाधीक्षक में चयन होने का श्रेय वह अपने पिता और मां को देते हैं। बताया कि उन्होंने 48 वां स्थान हासिल किया है। बताया कि बड़े भाई कुलभूषण मौर्य कुमायूं यूनिवर्सिटी नैनीताल में भूगोल विभाग में शोध छात्र हैं। पढ़ाई करना उन्हें सबसे प्रिय है। वह जो भी हैं अपने पिता के प्रोत्साहन से हैं।
हसनगंज तहसील के बाराखेड़ा गांव निवासी अरुण कुमार रावत सामान्य परिवार से हैं। घोषित हुए परीक्षा परिणाम में उनका नाम 79वें स्थान पर है। उनका चयन पुलिस उपाधीक्षक पद पर हुआ है। बताया कि उनका बचपन गांव में ही बीता। प्राथमिक शिक्षा गांव के ही प्राथमिक विद्यालय में ली इसके बाद मोहान स्थित गांधी मिशन इंटर कालेेज में पढ़ाई की। पिता राकेश कुमार रावत पेशे से वकील है। वह लखनऊ हाईकोर्ट में वकालत करते हैं। मां कल्पना गृहणी हैं। तीन भाई-बहनों में दूसरे नंबर के अरुण कुमार की शुरुआत से पुलिस अधिकारी बनने की चाहत थी। वह अपनी सफलता का श्रेय माता पिता और परिवार को देते हैं।
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हसनगंज तहसील के सोहरामऊ गांव निवासी मयंक तिवारी के यहां भी बधाई देने वालों का तांता लगा है। मयंक तिवारी का नाम 25वें स्थान पर है। मयंक ने बताया कि वह सामान्य परिवार से हैं। पिता विमलेश तिवारी किसान हैं और मां मिथिलेश गृहणी हैं। बड़े भाई अभिषेक तिवारी एक निजी कंपनी में मार्के टिंग हेड हैं। छोटी बहन पूनम नवाबगंज सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में कंप्यूटर आपरेटर हैं। वह बताते हैं कि सामान्य परिवार से होने के कारण पढ़ाई में काफी मुश्किलें आईं लेकिन उनके माता पिता और परिवार ने हमेशा हौसला बढ़ाने का काम किया। इसी का नतीजा है कि पुलिस उपाधीक्षक पद पर चयन हुआ है।
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शहर के डीएसएन कॉलेज में सितंबर 2017 से राजनीति शास्त्र के सहायक प्राध्यापक विधिभूषण मौर्य मूल रूप से फतेहपुर जिले की खागा तहसील के गांव भैरवाखुर्द के रहने वाले हैं। पिता देवीदीन मौर्य खागा स्थित पीजी कॉलेज में शिक्षक हैं। मां सुमित्रादेवी गृहणी हैं। पुलिस उपाधीक्षक में चयन होने का श्रेय वह अपने पिता और मां को देते हैं। बताया कि उन्होंने 48 वां स्थान हासिल किया है। बताया कि बड़े भाई कुलभूषण मौर्य कुमायूं यूनिवर्सिटी नैनीताल में भूगोल विभाग में शोध छात्र हैं। पढ़ाई करना उन्हें सबसे प्रिय है। वह जो भी हैं अपने पिता के प्रोत्साहन से हैं।
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हसनगंज तहसील के बाराखेड़ा गांव निवासी अरुण कुमार रावत सामान्य परिवार से हैं। घोषित हुए परीक्षा परिणाम में उनका नाम 79वें स्थान पर है। उनका चयन पुलिस उपाधीक्षक पद पर हुआ है। बताया कि उनका बचपन गांव में ही बीता। प्राथमिक शिक्षा गांव के ही प्राथमिक विद्यालय में ली इसके बाद मोहान स्थित गांधी मिशन इंटर कालेेज में पढ़ाई की। पिता राकेश कुमार रावत पेशे से वकील है। वह लखनऊ हाईकोर्ट में वकालत करते हैं। मां कल्पना गृहणी हैं। तीन भाई-बहनों में दूसरे नंबर के अरुण कुमार की शुरुआत से पुलिस अधिकारी बनने की चाहत थी। वह अपनी सफलता का श्रेय माता पिता और परिवार को देते हैं।
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हसनगंज तहसील के सोहरामऊ गांव निवासी मयंक तिवारी के यहां भी बधाई देने वालों का तांता लगा है। मयंक तिवारी का नाम 25वें स्थान पर है। मयंक ने बताया कि वह सामान्य परिवार से हैं। पिता विमलेश तिवारी किसान हैं और मां मिथिलेश गृहणी हैं। बड़े भाई अभिषेक तिवारी एक निजी कंपनी में मार्के टिंग हेड हैं। छोटी बहन पूनम नवाबगंज सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में कंप्यूटर आपरेटर हैं। वह बताते हैं कि सामान्य परिवार से होने के कारण पढ़ाई में काफी मुश्किलें आईं लेकिन उनके माता पिता और परिवार ने हमेशा हौसला बढ़ाने का काम किया। इसी का नतीजा है कि पुलिस उपाधीक्षक पद पर चयन हुआ है।

अरुण कुमार रावत।- फोटो : UNNAO

मयंक तिवारी।- फोटो : UNNAO