खुद गंदगी फैला रही नगर पालिका, कैसे करेगी जुर्माना

Kanpur	 Bureau कानपुर ब्यूरो
Updated Sat, 04 Sep 2021 06:26 PM IST
हरदोई बाइपास मार्ग पर नगर पालिका द्वारा जमा किया गया हजारों टन कूड़ा।संवाद
हरदोई बाइपास मार्ग पर नगर पालिका द्वारा जमा किया गया हजारों टन कूड़ा।संवाद - फोटो : UNNAO
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उन्नाव। शहरी क्षेत्रों को साफ-सुथरा रखने के लिए प्रदेश सरकार ने कूड़ा व गंदगी फैलाने वालों पर जुर्माना की व्यवस्था लागू की है। इसके तहत नगर पालिका क्षेत्र में 500 रुपये और नगर पंचायत क्षेत्र के लोगों को 350 रुपये तक जुर्माना भरना पड़ सकता है। लेकिन उन्नाव की स्थिति बिल्कुल उलट है। यहां तो नगर पालिका ही सड़कों के किनारे कूड़ा फेंक और जला रही है। लोगों का कहना है कि अगर आम लोगों पर जुर्माना तय किया जा रहा है तो, नगर पालिका पर भी जवाबदेही और कार्रवाई होनी चाहिए।
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मालूम हो कि प्रदेश सरकार ने शहरों को साफ रखने के लिए उप्र ठोस अपशिष्ट (प्रबंधन, संचालन एंव स्वच्छता) नियमावली को मंजूरी दी है। इस व्यवस्था के तहत अगर कोई भी व्यक्ति गंदगी फैलाता है, सीवर का पानी बहाता है, नाली-नाले का जल प्रवाह रोकता है या सार्वजनिक स्थान पर किसी तरह की गंदगी फैलाता है तो उसे जुर्माना भरना होगा।

डेढ़ करोड़ का कूड़ा डंपिंग ग्राउंड फाइल में डंप
दस साल की तलाश के बाद नगर पालिका ने हुसैन नगर में डेढ़ करोड़ की लागत से पांच बीघा में कूड़ा डंपिंग ग्राउंड के लिए जमीन तलाशी और डीपीआर (डिटेल प्रोजेक्ट रिपोर्ट) शासन को भेजकर अपनी जिम्मेदारी पूरी कर ली। कूड़ा निस्तारण की व्यवस्था न होने से प्रतिदिन औसतन 60 मीट्रिक टन कूड़ा शहर के हरदोई मार्ग, हाईवे, कानपुर रोड और उन्नाव-रायबरेली मार्ग के किनारे फेंका जाता है।
एफएसटीपी की भी नहीं ली जिम्मेदारी
घरों से निकलने वाले सीवरेज (अपशिष्ट) से वायु व भूगर्भ जल प्रदूषण से निजात के लिए जलनिगम ने अमृत योजना (अटल मिशन फॉर रिजूवेनेशन एंड अर्बन ट्रांसफॉर्मेशन) के तहत 4.50 करोड़ की लागत से एफएसटीपी (फिकल स्लज ट्रीटमेंट प्लांट) बनाकर तैयार किया। इससे घरों में बने सीवर टैंक की सुरक्षित सफाई की सुविधा मिलती। 11700 वर्ग मीटर में बने इस प्लांट का निर्माण अगस्त 2020 में पूरा हो गया था लेकिन नगर पालिका ने अबतक अपने अधीन नहीं लिया।
चालू न हो सका एमआरएफ सेंटर
एक साल पहले मोहल्ला शिवनगर में स्वच्छ भारत मिशन योजना के तहत 33 लाख की लागत से बनाए गए एमआरएफ सेंटर (मैटेरियल रिकवरी फैसिलिटी सेंटर) चालू नहीं हो पाया है। 2 सितंबर को डीएम रवींद्र कुमार ने इसका निरीक्षण किया था और घटिया निर्माण व संचालन न होने पर नाराजगी जताते हुए जिला कार्यक्रम प्रबंधक की सेवा समाप्त करने और निर्माण एजेंसी के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कराने के निर्देश दिए थे।
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ऐसा करने पर जुर्माना दर नगर पालिका नगर पंचायत
कूड़ा जलाने या मिट्टी में दबाने पर 500 350
नाली चोक करने वाली सामग्री डालने पर 200 100
स्कूल/अस्पताल के पास गंदगी फैलाने पर 400 300
सार्वजनिक स्थान पर गंदगी करने पर 300 200
घरों का मलबा सड़क किनारे रखने पर 200 100
निजी नाली या सीवर की गंदगी फैलाने पर 200 100
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बोले जिम्मेदार
नगर पालिका के प्रभारी अधिशासी अधिकारी शिवनाथ वर्मा ने बताया कि बजट की कमी से योजनाएं पूरी नहीं हो पा रही हैं। शासन से जल्द ही बजट मिलने की उम्मीद है। इसके बाद जल्द से जल्द कूड़ा प्रबंधन की व्यवस्था दुरुस्त की जाएगी।

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