फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Unnao News ›   unnao news

परिजनों ने उठाए खुलासे पर सवाल

Sun, 21 Feb 2021 12:14 AM IST
Kanpur	 Bureau कानपुर ब्यूरो
Updated Sun, 21 Feb 2021 12:14 AM IST
विज्ञापन
unnao news
उन्नाव। एक मृतका किशोरी के पिता व भाई ने पुलिस के खुलासे को अधूरा बताया है। उन्होंने फिर कहा है कि किशोरियों के हाथ बंधे थे। जिस जगह किशोरियों को जहरीला पानी पिलाने का पुलिस दावा कर रही है, वहां आसपास के किसानों का आना-जाना रहता है। दो आरोपी तीन किशोरियों को बेहोशी हालत में खेत तक कैसे ले जा सकते हैं। उन्होंने घटना में अन्य लोगों के शामिल होने की बात कही है।
विज्ञापन

मुंबई व सूरत में रहकर नौकरी करने वाले एक मृतका के दो भाई अंतिम संस्कार के बाद देर शाम घर पहुंचे। भाइयों व मृतका के पिता का आरोप है कि पुलिस ने अधूरा खुलासा किया है। घटना में और लोग भी शामिल हैं। उन्हाेंने पुलिस से निष्पक्ष विवेचना करने व अन्य आरोपियों को सामने लाने की बात कही है। पिता ने बताया कि घटना के बाद से पुलिस का शक परिवार के लोगों पर था। बेटी की मौत के गम से जूझ रहे परिवार के लोगाें को पुलिस की दहशत का भी सामना करना पड़ा है। एसपी आनंद कुलकर्णी ने बताया कि पकड़े गए आरोपियों के बयान के आधार पर खुलासा किया गया है। विवेचना अभी बंद नहीं हुई है। अब तक के मिले साक्ष्यों के आधार पर जांच जारी है। भर्ती किशोरी के होश में आने के बाद उसके बयान भी अहम होंगे।
विज्ञापन

जहरीला पानी पीने पर उठे सवाल
परिवार के लोगों ने पुलिस द्वारा किए गए खुलासे में जहरीला पानी देकर हत्या के खुलासे पर सवाल उठाए हैं। परिजनों का कहना है कि पानी में जहरीला पदार्थ मिलाने पर उसका रंग बदलने के साथ गंध आने लगती है। मृतका के भाई का कहना है कि क्या किसी को पानी में गंध महसूस नहीं हुई। एसपी आनंद कुलकर्णी ने बताया कि विधि विज्ञान प्रयोगशाला लखनऊ की टीम जहरीले पदार्थ का पता लगाने के लिए अपने साथ सैंपल ले गई है। पोस्टमार्टम के दौरान सुरक्षित किए गए सैंपल भी जांच को लखनऊ भेजे गए हैं। सैंपल रिपोर्ट आने पर सब साफ हो जाएगा।
विज्ञापन
विज्ञापन

एमएलसी बोले, बयानों में विरोधाभास
सपा एमएलसी सुनील सिंह साजन ने शनिवार शाम प्रतिनिधिमंडल के साथ मृतका के परिजनों से मिलने के बाद एक बयान दिया है। उन्होंने कहा है कि पीड़ित परिवार से अलग-अलग बात की गई है। लगता है सारे दोषी अभी पकड़े नहीं गए हैं। जीवन से जूझ रही किशोरी से किसी को मिलने नहीं दिया जा रहा है। पोस्टमार्टम रिपोर्ट भी साझा नहीं की जा रही है। पुलिस और परिवार के लोगों के बयानों में विरोधाभास है। यह खुलासा लखनऊ में बैठे अधिकारियों को खुश करने के लिए हुआ है, न्याय के लिए नहीं।

जल्दबाजी में उम्र की तस्दीक नहीं
पुलिस के खुलासे में बड़ी चूक सामने आई है। खुलासे के दौरान आईजी लक्ष्मी सिंह ने जिस सह आरोपी सचिन को नाबालिग बता उसका नाम तक नहीं खोला उसे कुछ घंटों बाद पुलिस ने बालिग करार दिया। चर्चा है कि खुलासे की जल्दबाजी में पुलिस ने सह आरोपी के उम्र की तस्दीक करना भी उचित नहीं समझा।
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed