{"_id":"603158948ebc3ee940767552","slug":"unnao-news-unnao-news-knp613127535","type":"story","status":"publish","title_hn":"परिजनों ने उठाए खुलासे पर सवाल","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
परिजनों ने उठाए खुलासे पर सवाल
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उन्नाव। एक मृतका किशोरी के पिता व भाई ने पुलिस के खुलासे को अधूरा बताया है। उन्होंने फिर कहा है कि किशोरियों के हाथ बंधे थे। जिस जगह किशोरियों को जहरीला पानी पिलाने का पुलिस दावा कर रही है, वहां आसपास के किसानों का आना-जाना रहता है। दो आरोपी तीन किशोरियों को बेहोशी हालत में खेत तक कैसे ले जा सकते हैं। उन्होंने घटना में अन्य लोगों के शामिल होने की बात कही है।
मुंबई व सूरत में रहकर नौकरी करने वाले एक मृतका के दो भाई अंतिम संस्कार के बाद देर शाम घर पहुंचे। भाइयों व मृतका के पिता का आरोप है कि पुलिस ने अधूरा खुलासा किया है। घटना में और लोग भी शामिल हैं। उन्हाेंने पुलिस से निष्पक्ष विवेचना करने व अन्य आरोपियों को सामने लाने की बात कही है। पिता ने बताया कि घटना के बाद से पुलिस का शक परिवार के लोगों पर था। बेटी की मौत के गम से जूझ रहे परिवार के लोगाें को पुलिस की दहशत का भी सामना करना पड़ा है। एसपी आनंद कुलकर्णी ने बताया कि पकड़े गए आरोपियों के बयान के आधार पर खुलासा किया गया है। विवेचना अभी बंद नहीं हुई है। अब तक के मिले साक्ष्यों के आधार पर जांच जारी है। भर्ती किशोरी के होश में आने के बाद उसके बयान भी अहम होंगे।
जहरीला पानी पीने पर उठे सवाल
परिवार के लोगों ने पुलिस द्वारा किए गए खुलासे में जहरीला पानी देकर हत्या के खुलासे पर सवाल उठाए हैं। परिजनों का कहना है कि पानी में जहरीला पदार्थ मिलाने पर उसका रंग बदलने के साथ गंध आने लगती है। मृतका के भाई का कहना है कि क्या किसी को पानी में गंध महसूस नहीं हुई। एसपी आनंद कुलकर्णी ने बताया कि विधि विज्ञान प्रयोगशाला लखनऊ की टीम जहरीले पदार्थ का पता लगाने के लिए अपने साथ सैंपल ले गई है। पोस्टमार्टम के दौरान सुरक्षित किए गए सैंपल भी जांच को लखनऊ भेजे गए हैं। सैंपल रिपोर्ट आने पर सब साफ हो जाएगा।
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एमएलसी बोले, बयानों में विरोधाभास
सपा एमएलसी सुनील सिंह साजन ने शनिवार शाम प्रतिनिधिमंडल के साथ मृतका के परिजनों से मिलने के बाद एक बयान दिया है। उन्होंने कहा है कि पीड़ित परिवार से अलग-अलग बात की गई है। लगता है सारे दोषी अभी पकड़े नहीं गए हैं। जीवन से जूझ रही किशोरी से किसी को मिलने नहीं दिया जा रहा है। पोस्टमार्टम रिपोर्ट भी साझा नहीं की जा रही है। पुलिस और परिवार के लोगों के बयानों में विरोधाभास है। यह खुलासा लखनऊ में बैठे अधिकारियों को खुश करने के लिए हुआ है, न्याय के लिए नहीं।
जल्दबाजी में उम्र की तस्दीक नहीं
पुलिस के खुलासे में बड़ी चूक सामने आई है। खुलासे के दौरान आईजी लक्ष्मी सिंह ने जिस सह आरोपी सचिन को नाबालिग बता उसका नाम तक नहीं खोला उसे कुछ घंटों बाद पुलिस ने बालिग करार दिया। चर्चा है कि खुलासे की जल्दबाजी में पुलिस ने सह आरोपी के उम्र की तस्दीक करना भी उचित नहीं समझा।
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मुंबई व सूरत में रहकर नौकरी करने वाले एक मृतका के दो भाई अंतिम संस्कार के बाद देर शाम घर पहुंचे। भाइयों व मृतका के पिता का आरोप है कि पुलिस ने अधूरा खुलासा किया है। घटना में और लोग भी शामिल हैं। उन्हाेंने पुलिस से निष्पक्ष विवेचना करने व अन्य आरोपियों को सामने लाने की बात कही है। पिता ने बताया कि घटना के बाद से पुलिस का शक परिवार के लोगों पर था। बेटी की मौत के गम से जूझ रहे परिवार के लोगाें को पुलिस की दहशत का भी सामना करना पड़ा है। एसपी आनंद कुलकर्णी ने बताया कि पकड़े गए आरोपियों के बयान के आधार पर खुलासा किया गया है। विवेचना अभी बंद नहीं हुई है। अब तक के मिले साक्ष्यों के आधार पर जांच जारी है। भर्ती किशोरी के होश में आने के बाद उसके बयान भी अहम होंगे।
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जहरीला पानी पीने पर उठे सवाल
परिवार के लोगों ने पुलिस द्वारा किए गए खुलासे में जहरीला पानी देकर हत्या के खुलासे पर सवाल उठाए हैं। परिजनों का कहना है कि पानी में जहरीला पदार्थ मिलाने पर उसका रंग बदलने के साथ गंध आने लगती है। मृतका के भाई का कहना है कि क्या किसी को पानी में गंध महसूस नहीं हुई। एसपी आनंद कुलकर्णी ने बताया कि विधि विज्ञान प्रयोगशाला लखनऊ की टीम जहरीले पदार्थ का पता लगाने के लिए अपने साथ सैंपल ले गई है। पोस्टमार्टम के दौरान सुरक्षित किए गए सैंपल भी जांच को लखनऊ भेजे गए हैं। सैंपल रिपोर्ट आने पर सब साफ हो जाएगा।
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एमएलसी बोले, बयानों में विरोधाभास
सपा एमएलसी सुनील सिंह साजन ने शनिवार शाम प्रतिनिधिमंडल के साथ मृतका के परिजनों से मिलने के बाद एक बयान दिया है। उन्होंने कहा है कि पीड़ित परिवार से अलग-अलग बात की गई है। लगता है सारे दोषी अभी पकड़े नहीं गए हैं। जीवन से जूझ रही किशोरी से किसी को मिलने नहीं दिया जा रहा है। पोस्टमार्टम रिपोर्ट भी साझा नहीं की जा रही है। पुलिस और परिवार के लोगों के बयानों में विरोधाभास है। यह खुलासा लखनऊ में बैठे अधिकारियों को खुश करने के लिए हुआ है, न्याय के लिए नहीं।
जल्दबाजी में उम्र की तस्दीक नहीं
पुलिस के खुलासे में बड़ी चूक सामने आई है। खुलासे के दौरान आईजी लक्ष्मी सिंह ने जिस सह आरोपी सचिन को नाबालिग बता उसका नाम तक नहीं खोला उसे कुछ घंटों बाद पुलिस ने बालिग करार दिया। चर्चा है कि खुलासे की जल्दबाजी में पुलिस ने सह आरोपी के उम्र की तस्दीक करना भी उचित नहीं समझा।